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दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार, लूट की घटना का पर्दाफाश
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2016 01:51 AM IST
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खोराबार पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बुधवार को दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार कर खोराबार और झंगहा में हुई लूट का पर्दाफाश कर दिया। बदमाशों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल असलहा, बाइक और लूट का सामान भी बरामद किया गया है।
पुलिस लाइंस में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ब्रजेश सिंह ने बताया कि ‘आपरेशन आल आउट’ के तहत क्राइम ब्रांच और खोराबार थाने की पुलिस को संयुक्त रुप से कामयाबी मिली है। बुधवार दोपहर को मुखबिर से सूचना मिली कि रामनगर कड़जहां में फोरलेन ओवरब्रिज के नीचे दो शातिर बदमाश मौजूद हैं। इस पर संयुक्त पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान तुर्कवलिया, पीपीगंज निवासी विवेक यादव उर्फ पहलवान तथा भटहट, गुलरिहा निवासी असलम खां के रूप में हुई है।
विवेक के पास से पुलिस ने एक पिस्टल, चार कारतूस, दो मोबाइल, आधार कार्ड, बाइक और दो हजार रुपये नकद तथा असलम खां के पास से पुलिस ने एक तमंचा, दो कारतूस, मोबाइल और तीन हजार रुपये बरामद हुए। दोनों ने खोराबार में इस साल जनवरी और झगहां में पिछले साल जून में हुई लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है।
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चंदन के भाई नंदन के साथ लूट करता था विवेक
शहर के बड़े कारोबारियों से रंगदारी वसूलने वाला कुख्यात चंदन सिंह का भाई नंदन सिंह के साथ विवेक लूट की वारदात को अंजाम देता था। गोला पुलिस उसे पहले भी जेल भी भेज चुकी है। विवेक की पीपीगंज थाने में हिस्ट्रीशीट भी खुली है। एसटीएफ के मुठभेड़ में विजय हरिजन के मारे जाने के बाद विवेक ने गैंग की कमान संभाल ली थी।
अपराध की दुनिया में पहलवान नाम से था मशहूर
विवेक यादव, जिन बदमाशों के साथ घटनाओं को अंजाम देता था, उनसे भी अपनी पहचान छिपा रखी थी। अपने साथियों को वह अपना नाम पहलवान बताता था। उन्हें अपना पता भी तुर्कवलिया, पीपीगंज के बजाय सहजनवां बताया था। इसीलिए उसके साथी तो पकड़े जाते थे, लेकिन सही नाम व पता न होने से उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाती थी। इस बार गिरफ्तार होने पर उसने कबूल किया कि सपने में भी उसने अपनी गिरफ्तारी के बारे में नहीं सोचा था।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
दोनों बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में खोराबार के थानेदार रामअशीष यादव व सिपाही गामा यादव तथा धर्मेंद्र सिंह तथा क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक राजेश मिश्र, अनिल उपाध्याय, आशुतोष सिंह व सिपाही सुभाष सिंह, शशिकांत राय, राशिद अख्तर खां, सत्य प्रकाश वर्मा, राकेश यादव, करुणापति तिवारी, दुर्गेश मिश्र शामिल थे।
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पुलिस लाइंस में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ब्रजेश सिंह ने बताया कि ‘आपरेशन आल आउट’ के तहत क्राइम ब्रांच और खोराबार थाने की पुलिस को संयुक्त रुप से कामयाबी मिली है। बुधवार दोपहर को मुखबिर से सूचना मिली कि रामनगर कड़जहां में फोरलेन ओवरब्रिज के नीचे दो शातिर बदमाश मौजूद हैं। इस पर संयुक्त पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान तुर्कवलिया, पीपीगंज निवासी विवेक यादव उर्फ पहलवान तथा भटहट, गुलरिहा निवासी असलम खां के रूप में हुई है।
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विवेक के पास से पुलिस ने एक पिस्टल, चार कारतूस, दो मोबाइल, आधार कार्ड, बाइक और दो हजार रुपये नकद तथा असलम खां के पास से पुलिस ने एक तमंचा, दो कारतूस, मोबाइल और तीन हजार रुपये बरामद हुए। दोनों ने खोराबार में इस साल जनवरी और झगहां में पिछले साल जून में हुई लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है।
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चंदन के भाई नंदन के साथ लूट करता था विवेक
शहर के बड़े कारोबारियों से रंगदारी वसूलने वाला कुख्यात चंदन सिंह का भाई नंदन सिंह के साथ विवेक लूट की वारदात को अंजाम देता था। गोला पुलिस उसे पहले भी जेल भी भेज चुकी है। विवेक की पीपीगंज थाने में हिस्ट्रीशीट भी खुली है। एसटीएफ के मुठभेड़ में विजय हरिजन के मारे जाने के बाद विवेक ने गैंग की कमान संभाल ली थी।
अपराध की दुनिया में पहलवान नाम से था मशहूर
विवेक यादव, जिन बदमाशों के साथ घटनाओं को अंजाम देता था, उनसे भी अपनी पहचान छिपा रखी थी। अपने साथियों को वह अपना नाम पहलवान बताता था। उन्हें अपना पता भी तुर्कवलिया, पीपीगंज के बजाय सहजनवां बताया था। इसीलिए उसके साथी तो पकड़े जाते थे, लेकिन सही नाम व पता न होने से उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाती थी। इस बार गिरफ्तार होने पर उसने कबूल किया कि सपने में भी उसने अपनी गिरफ्तारी के बारे में नहीं सोचा था।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
दोनों बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में खोराबार के थानेदार रामअशीष यादव व सिपाही गामा यादव तथा धर्मेंद्र सिंह तथा क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक राजेश मिश्र, अनिल उपाध्याय, आशुतोष सिंह व सिपाही सुभाष सिंह, शशिकांत राय, राशिद अख्तर खां, सत्य प्रकाश वर्मा, राकेश यादव, करुणापति तिवारी, दुर्गेश मिश्र शामिल थे।