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इंसेफेलाइटिस ने दी दस्तक, इंतजाम नाकाफी

Sun, 26 Jun 2016 08:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 26 Jun 2016 08:25 PM IST
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treatment of encephalytis is not good condition in medical college
मेडिकल कॉलेज
इंसेफेलाइटिस ने दस्तक तो दे दी है मगर तैयारी अभी भी अधूरी है। मेडिकल कॉलेज के 100 बेड में बीमारी से बचाव के जो इंतजाम है वह नाकाफी ही है। न तो वेंटिलेटर के लिए पर्याप्त मॉनीटर की व्यवस्था हो सकी है और न ही दवाएं ही पर्याप्त है। ऐसे में अचानक बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी तो स्थिति को संभाल पाना मुश्किल होगा।
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मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस मरीजों के बेहतर इलाज के लिए ही 100 बेड का वार्ड अलग से बनाया गया है। इसमें 73 वेंटिलेटर और 16 मॉनीटर लगाए गए हैं। जिसमें से 52 वेंटिलेटर और 15 मॉनीटर ही क्रियाशील हैं बाकी के वेंटिलेटर पर मॉनीटर ही नहीं है। हालांकि इसपर डॉक्टर अपने अनुभव के आधार पर वेंटिलेटर का प्रयोग कर लेते हैं मगर नियमानुसार सभी पर मॉनीटर होना अनिवार्य है। वहीं दवाएं भी पर्याप्त नहीं है।
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इसे लेकर पंद्रह दिन पहले ही 25 दवाओं की सूची बनाकर ऑर्डर भेजा जा चुका है मगर अभी तक पर्याप्त दवाएं नहीं आ सकी है। जिस वजह से तीमारदार बाहर से दवा खरीद रहे हैं। इंचार्ज डॉ. कफिल खान ने बताया कि 57 मॉनीटर के लिए ऑर्डर भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि 30 जून तक मॉनीटर आ जाएंगे जिसके बाद सभी वेंटिलेटर पर मॉनीटर हो जाएंगे।
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प्रमुख सचिव ने भी जताई थी आपत्ति
गोरखपुर। पिछले साल इंसेफेलाइटिस को लेकर दौरे पर आए शासन के प्रमुख सचिव ने भी कम मॉनीटर होने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे जल्द से जल्द पूरा करने को कहा था। तब कॉलेज प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार करके भी भेजा गया था मगर इस पर कोई काम नहीं हो पाया। 


मेडिसिन वार्ड में फटे है गद्दे
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में गद्दे फट गए हैं। सिस्टर इंचार्ज ने इसकी शिकायत एसआईसी से की है। पत्र में कहा है कि गद्दे फटे होने की रोजाना शिकायत मरीज करते है और स्टोर से मांगने पर नहीं मिल पा रहा है। एसआईसी ने जल्द कवर को बदलवाने का आश्वासन दिया है।
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