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कच्ची के खिलाफ गांव वालों का फूटा गुस्सा
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2016 09:48 PM IST
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कच्ची शराब को बंद करवाने को लेकर चौरा गांव के लोग बुधवार को सड़क पर उतर आए और तहसील दिवस के दौरान चौरीचौरा तहसील गेट पर एकत्र होकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए एसएसपी ने एसओ चौरीचौरा को तीन दिन में धंधेबाजों को गिरफ्तार कर कच्ची का धंधा बंद करवाने का निर्देश दिया।
चौरीचौरा थाने से सटे चौरा गांव के भटोलिया टोले में काफी समय से कच्ची शराब का बनाने और बेचने का काम चल रहा है। गांव के लोगों ने इसे बंद करवाने के लिए कई बार हंगामा किया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को तहसील दिवस पर चौरीचौरा तहसील गेट पर गांव वाले एकत्र हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन करने वाले संदीप कुमार, भीम, धनेसरी देवी, मुन्नी देवी, रामकरन, राजभर, शब्बीर, पौरुष कुमार, रंजीत, अनिल कुमार, रामनाथ का आरोप था कि कच्ची शराब को बंद करवाने के लिए गांव वालों ने 11 नवंबर 2015 और 5 जनवरी 2016 को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र भी दिया था। लेकिन धंधा बंद नहीं हुआ।
हंगामे की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद एसएसपी अनंत देव ने पूरी जानकारी लेने के बाद एसओ चौरीचौरा राधेश्याम राय पर नाराजगी जताते हुए तीन दिन में कच्ची शराब के धंधे को बंद कराने का निर्देश दिया। उन्होंने गांव वालों से इसकी निगरानी करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि अगर तीन दिन के अंदर धंधा बंद नहीं हुआ तो वह सीधे उनसे शिकायत करें।
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चौरीचौरा थाने से सटे चौरा गांव के भटोलिया टोले में काफी समय से कच्ची शराब का बनाने और बेचने का काम चल रहा है। गांव के लोगों ने इसे बंद करवाने के लिए कई बार हंगामा किया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को तहसील दिवस पर चौरीचौरा तहसील गेट पर गांव वाले एकत्र हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन करने वाले संदीप कुमार, भीम, धनेसरी देवी, मुन्नी देवी, रामकरन, राजभर, शब्बीर, पौरुष कुमार, रंजीत, अनिल कुमार, रामनाथ का आरोप था कि कच्ची शराब को बंद करवाने के लिए गांव वालों ने 11 नवंबर 2015 और 5 जनवरी 2016 को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र भी दिया था। लेकिन धंधा बंद नहीं हुआ।
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हंगामे की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद एसएसपी अनंत देव ने पूरी जानकारी लेने के बाद एसओ चौरीचौरा राधेश्याम राय पर नाराजगी जताते हुए तीन दिन में कच्ची शराब के धंधे को बंद कराने का निर्देश दिया। उन्होंने गांव वालों से इसकी निगरानी करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि अगर तीन दिन के अंदर धंधा बंद नहीं हुआ तो वह सीधे उनसे शिकायत करें।
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