{"_id":"583067614f1c1bcc5e8fe5b0","slug":"scene-of-chiluataal-will-be-changed","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से बदलने लगेगी चिलुआताल की काया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से बदलने लगेगी चिलुआताल की काया
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 20 Nov 2016 01:38 AM IST
विज्ञापन
ताल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्टिलाइजर कारखाने से सटे चिलुआताल की काया रविवार से बदलनी शुरू हो जाएगी। सदर सांसद आदित्यनाथ सुबह 8:30 बजे इस ताल के सुंदरीकरण कार्य का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन उर्वरक लिमिटेड के सीएमडी अरुण कुमार भी मौजूद रहेंगे।
दरअसल गोरखपुर में नए फ र्टिलाइजर कारखाने की स्थापना भारत सरकार के उपक्रम एनटीपीसी, कोल इंडिया लिमिटेड तथा इंडियन ऑयल कारपोरेशन संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इन्हीं के द्वारा सिंदरी और बरौनी में भी बंद पड़े उर्वरक कारखाने की भी स्थापना की जा रही है। गोरखपुर में नए खाद कारखाने की स्थापना के लिए आरंभिक परीक्षण शुरू हो चुका है। सांसद महंत आदित्यनाथ ने कारखाने से सटे चिलुआताल के सुंदरीकरण की पहल करते हुए एनटीपीसी और कोल इंडिया को प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सांसद के प्रस्ताव में न केवल रुचि दिखाई, बल्कि ताल का सुंदरीकरण कराने के लिए अपनी स्वीकृति भी दे दी है।
सुंदरीकरण योजना के तहत ताल की सफाई के साथ ही चारों तरफ पौधरोपण और बैठने के लिए बेंच आदि भी लगाए जाएंगे। ताल में पक्षियों के प्रवास व संरक्षण आदि को लेकर भी काम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल गोरखपुर में नए फ र्टिलाइजर कारखाने की स्थापना भारत सरकार के उपक्रम एनटीपीसी, कोल इंडिया लिमिटेड तथा इंडियन ऑयल कारपोरेशन संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इन्हीं के द्वारा सिंदरी और बरौनी में भी बंद पड़े उर्वरक कारखाने की भी स्थापना की जा रही है। गोरखपुर में नए खाद कारखाने की स्थापना के लिए आरंभिक परीक्षण शुरू हो चुका है। सांसद महंत आदित्यनाथ ने कारखाने से सटे चिलुआताल के सुंदरीकरण की पहल करते हुए एनटीपीसी और कोल इंडिया को प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सांसद के प्रस्ताव में न केवल रुचि दिखाई, बल्कि ताल का सुंदरीकरण कराने के लिए अपनी स्वीकृति भी दे दी है।
विज्ञापन
सुंदरीकरण योजना के तहत ताल की सफाई के साथ ही चारों तरफ पौधरोपण और बैठने के लिए बेंच आदि भी लगाए जाएंगे। ताल में पक्षियों के प्रवास व संरक्षण आदि को लेकर भी काम होगा।
विज्ञापन