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हैवान बाप: बेटी से दुष्कर्म, विरोध पर सिर-धड़ काटकर फेंका, गिरफ्तार
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गोला में जहां बेटी के धड़ को पुलिस खोज रही थी वहां एसपी साउथ विपुल श्रीवास्तव भीपहुचे।
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हैवान बाप: बेटी से दुष्कर्म, विरोध पर सिर-धड़ काटकर फेंका, गिरफ्तार
गोला/गोपालपुर (गोरखपुर)। गोला इलाके में हैवान बने पिता ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। पहले छोटी बेटी के साथ दुष्कर्म किया, विरोध करने पर फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक बाप ने धारदार हथियार से मृत बेटी के सिर और धड़ को अलग कर दिया। इसके बाद भी हैवानियत नहीं छोड़ी और बेटी की लाश से दुष्कर्म किया। बाद में सिर को बोरे में भरकर उरुवा के एक गांव में जमीन के नीचे गाड़ दिया। धड़ को बोरे में भरकर कचना नाले में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी बाप को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसकी निशानदेही पर मृत बेटी का सिर और धड़ बरामद कर लिया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस अब धड़ का पोस्टमार्टम कराएगी, फिर आगे की कार्रवाई होगी। घटना 21 दिन पुरानी है लेकिन मामले का पर्दाफाश शनिवार को हो सका। पुलिस ने चौकीदार गोरख की तहरीर पर आरोपी पिता के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
घटना 27 जुलाई की रात की है। गोला इलाके का राम प्रकाश (परिवर्तित नाम) सामान बेचने का काम करता है। 13 साल पहले उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। घर में दो बेटियां थीं। बड़ी बेटी की शादी चार साल पहले कर दी। 19 साल की छोटी बेटी पिता के साथ घर पर रहती थी। पुलिस के मुताबिक दो साल पहले पिता की गंदी निगाह बेटी पर पड़ी। वह हैवान बन गया और बेटी के साथ दुष्कर्म करने लगा। बेटी लोकलाज के डर से चुपचाप पिता के जुल्म को सहती रही। एक साल पहले इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने घर छोड़ दिया। वह गोरखपुर शहर आकर एक मॉल में पांच हजार प्रतिमाह पर नौकरी करने लगी और यहीं पर किराए का मकान ले लिया। हालांकि उसका घर आना-जाना लगा रहता था। वह जब भी घर जाती थी, पिता उसे हवस का शिकार बनाता था। साथ ही बेटी को गांव से जल्दी जाने नहीं देता था।
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27 जुलाई को भी बेटी गांव स्थित अपने घर गई थी। रात में बाप ने उसे हवस का शिकार बनाया। बेटी ने विरोध किया और शोर मचाने की धमकी दी तो हैवान बाप ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद धारदार हथियार से बेटी के सिर व धड़ को अलग कर दिया। फिर मृत बेटी से दुष्कर्म करता रहा। बाद में बेटी के सिर को उरूवा इलाके के एक गड्ढे में और शरीर को हरपुर बुदहट इलाके में फेंक आया। घर पर बाप-बेटी ही थे, इस कारण कई दिनों तक किसी को घटना की भनक नहीं लगी। शुक्रवार को गोला पुलिस को एक शिकायत मिली और कहा गया कि आरोपी की बेटी कई दिन से गायब है। पुलिस ने शुक्रवार की देर रात उसे हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की। इसके बाद सच्चाई खुलकर सामने आ गई। आरोपी बाप ने ही सारी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शनिवार को धारदार हथियार के साथ उसकी बेटी का सिर उरुवा के गांव गजपुर अहिरवाती और धड़ को हरपुर बुदहट के कचना नाले से बरामद कर लिया।
ऐसे खुला मामला
छोटी बहन रक्षाबंधन पर बड़ी बहन के घर जाती थी। इस बार जब वह बड़ी बहन के घर नहीं गई तो खोजबीन शुरू की गई। पिता से भी बड़ी बेटी और दामाद ने बात की लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। ग्रामीण भी पहले यह सोच रहे थे कि वह शहर में होगी लेकिन त्योहार में ना आने पर शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। आरोपी बाप ने पुलिस को बताया कि बड़ी बेटी को दो दिन पहले घटना की जानकारी दी थी।
इसलिए अलग-अलग जगह फेंका था सिर-धड़
पुलिस को आरोपी ने बताया कि गला दबाकर हत्या के बाद उसने खुद को बचाने के लिए सिर को धड़ से अलग कर दिया था। उसे मालूम था कि घर से कुछ दूरी पर ही दो अलग-अलग थाना क्षेत्र की सीमा है और सिर-धड़ अलग-अलग पुलिस बरामद करेगी तो शिनाख्त ही नहीं हो पाएगी, उसकी जान भी बच जाएगी। मगर उसकी यह चालाकी काम नहीं आई। पुलिस के मुताबिक आरोपी शातिर है। पत्नी की मौत के बाद से ही वह बेटी पर गलत निगाह रखने लगा था।
सख्त सजा दिलाने की पैरवी करेगी पुलिस
आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आरोपी को सख्त सजा दिलाने की पैरवी करेगी।
- डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी
... जिनकी छांव में महफूज होना चाहिए वही कर रहे बेआबरू
पहले भी कई बार कलंकित हुए हैं रिश्ते, भरोसे का हो चुका है कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पिता हो या रिश्तेदार उनकी छांव में बेटी को महफूज समझा जाता है। पिता की छांव से अलग कहीं जाने पर लोग रिश्तेदारों पर भरोसा कर लेते है लेकिन पिछले कुछ सालों में जिले में ऐसी तमाम घटनाएं सामने आईं जिसने रिश्तों पर से भरोसा उठा दिया। कहीं पिता तो कही चचेरे भाई ने दुष्कर्म किया। कई घटनाएं ऐसी भी सामने आईं, जिसमें घर में आने-जाने वाले लोग ही हैवान बन गए। समाज में आ रहे इस तरह के बदलाव पर समाजशास्त्री भी हैरान हैं। वे भी इसे मनोविकार ही बता रहे हैं। इंसानी पागलपन का अंतिम स्तर यदि इसे कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
केस 1
26 जुलाई 2017 : पत्नी को मायके भेजकर पिता ने बेटी से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया था। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया था।
केस 2
30 मार्च 2018 : देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली इलाके में पिता ने नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बनाया। मां के ननिहाल से लौटने पर बेटी ने आपबीती सुनाई। जिसके बाद पिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
केस 3
25 जुलाई 2016 : कैंट इलाके के मोहद्दीपुर में सौतेले पिता ने अपनी बेटी को हवस का शिकार बनाया था। बेटी ने मां से आपबीती बताई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता को जेल भेजा था।
केस 4
25 फरवरी 2016 : शाहपुर इलाके में चचेरे भाई ने दो साल की बहन के साथ दुष्कर्म किया। छोटी बच्ची को लहूलुहान देखने के बाद घरवालों के होश उड़ गए थे और फिर उसकी गिरफ्तारी की गई।
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यह एक तरह की मनोविकृति है। जिसमें इंसान हिंसक हो जाता है। गोला में जिस तरह से पिता ने हरकत की है उससे साफ है कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह से बीमार था जिस वजह से उसने ऐसी हरकत की होगी।
मानवेंद्र सिंह, समाजशास्त्री, गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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सजा की कौन कहे, इनकी पहचान भी नहीं हो सकी
जिले में पिछले छह महीने में दस शव महिलाओं के बरामद हो चुके हैं, जिनकी शिनाख्त तक पुलिस नहीं कर सकी है। तीन अगस्त को कैंपियरगंज में महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश हो या फिर जुलाई में कुसम्ही जंगल में मिली महिला का शव। किसी का भी पुलिस शिनाख्त नहीं कर सकी है। शिनाख्त ना होने की वजह से इनके आरोपियों को भी नहीं पकड़ा जा सका। कुछ दिन तक तो पुलिस शव के शिनाख्त की कोशिश करती है लेकिन फिर फाइल बंद कर देती है जिस वजह से इनके हत्यारे आराम से बच जाते हैं।
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गोला/गोपालपुर (गोरखपुर)। गोला इलाके में हैवान बने पिता ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। पहले छोटी बेटी के साथ दुष्कर्म किया, विरोध करने पर फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक बाप ने धारदार हथियार से मृत बेटी के सिर और धड़ को अलग कर दिया। इसके बाद भी हैवानियत नहीं छोड़ी और बेटी की लाश से दुष्कर्म किया। बाद में सिर को बोरे में भरकर उरुवा के एक गांव में जमीन के नीचे गाड़ दिया। धड़ को बोरे में भरकर कचना नाले में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी बाप को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसकी निशानदेही पर मृत बेटी का सिर और धड़ बरामद कर लिया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस अब धड़ का पोस्टमार्टम कराएगी, फिर आगे की कार्रवाई होगी। घटना 21 दिन पुरानी है लेकिन मामले का पर्दाफाश शनिवार को हो सका। पुलिस ने चौकीदार गोरख की तहरीर पर आरोपी पिता के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
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घटना 27 जुलाई की रात की है। गोला इलाके का राम प्रकाश (परिवर्तित नाम) सामान बेचने का काम करता है। 13 साल पहले उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। घर में दो बेटियां थीं। बड़ी बेटी की शादी चार साल पहले कर दी। 19 साल की छोटी बेटी पिता के साथ घर पर रहती थी। पुलिस के मुताबिक दो साल पहले पिता की गंदी निगाह बेटी पर पड़ी। वह हैवान बन गया और बेटी के साथ दुष्कर्म करने लगा। बेटी लोकलाज के डर से चुपचाप पिता के जुल्म को सहती रही। एक साल पहले इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने घर छोड़ दिया। वह गोरखपुर शहर आकर एक मॉल में पांच हजार प्रतिमाह पर नौकरी करने लगी और यहीं पर किराए का मकान ले लिया। हालांकि उसका घर आना-जाना लगा रहता था। वह जब भी घर जाती थी, पिता उसे हवस का शिकार बनाता था। साथ ही बेटी को गांव से जल्दी जाने नहीं देता था।
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27 जुलाई को भी बेटी गांव स्थित अपने घर गई थी। रात में बाप ने उसे हवस का शिकार बनाया। बेटी ने विरोध किया और शोर मचाने की धमकी दी तो हैवान बाप ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद धारदार हथियार से बेटी के सिर व धड़ को अलग कर दिया। फिर मृत बेटी से दुष्कर्म करता रहा। बाद में बेटी के सिर को उरूवा इलाके के एक गड्ढे में और शरीर को हरपुर बुदहट इलाके में फेंक आया। घर पर बाप-बेटी ही थे, इस कारण कई दिनों तक किसी को घटना की भनक नहीं लगी। शुक्रवार को गोला पुलिस को एक शिकायत मिली और कहा गया कि आरोपी की बेटी कई दिन से गायब है। पुलिस ने शुक्रवार की देर रात उसे हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की। इसके बाद सच्चाई खुलकर सामने आ गई। आरोपी बाप ने ही सारी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शनिवार को धारदार हथियार के साथ उसकी बेटी का सिर उरुवा के गांव गजपुर अहिरवाती और धड़ को हरपुर बुदहट के कचना नाले से बरामद कर लिया।
ऐसे खुला मामला
छोटी बहन रक्षाबंधन पर बड़ी बहन के घर जाती थी। इस बार जब वह बड़ी बहन के घर नहीं गई तो खोजबीन शुरू की गई। पिता से भी बड़ी बेटी और दामाद ने बात की लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। ग्रामीण भी पहले यह सोच रहे थे कि वह शहर में होगी लेकिन त्योहार में ना आने पर शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। आरोपी बाप ने पुलिस को बताया कि बड़ी बेटी को दो दिन पहले घटना की जानकारी दी थी।
इसलिए अलग-अलग जगह फेंका था सिर-धड़
पुलिस को आरोपी ने बताया कि गला दबाकर हत्या के बाद उसने खुद को बचाने के लिए सिर को धड़ से अलग कर दिया था। उसे मालूम था कि घर से कुछ दूरी पर ही दो अलग-अलग थाना क्षेत्र की सीमा है और सिर-धड़ अलग-अलग पुलिस बरामद करेगी तो शिनाख्त ही नहीं हो पाएगी, उसकी जान भी बच जाएगी। मगर उसकी यह चालाकी काम नहीं आई। पुलिस के मुताबिक आरोपी शातिर है। पत्नी की मौत के बाद से ही वह बेटी पर गलत निगाह रखने लगा था।
सख्त सजा दिलाने की पैरवी करेगी पुलिस
आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आरोपी को सख्त सजा दिलाने की पैरवी करेगी।
- डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी
... जिनकी छांव में महफूज होना चाहिए वही कर रहे बेआबरू
पहले भी कई बार कलंकित हुए हैं रिश्ते, भरोसे का हो चुका है कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पिता हो या रिश्तेदार उनकी छांव में बेटी को महफूज समझा जाता है। पिता की छांव से अलग कहीं जाने पर लोग रिश्तेदारों पर भरोसा कर लेते है लेकिन पिछले कुछ सालों में जिले में ऐसी तमाम घटनाएं सामने आईं जिसने रिश्तों पर से भरोसा उठा दिया। कहीं पिता तो कही चचेरे भाई ने दुष्कर्म किया। कई घटनाएं ऐसी भी सामने आईं, जिसमें घर में आने-जाने वाले लोग ही हैवान बन गए। समाज में आ रहे इस तरह के बदलाव पर समाजशास्त्री भी हैरान हैं। वे भी इसे मनोविकार ही बता रहे हैं। इंसानी पागलपन का अंतिम स्तर यदि इसे कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
केस 1
26 जुलाई 2017 : पत्नी को मायके भेजकर पिता ने बेटी से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया था। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया था।
केस 2
30 मार्च 2018 : देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली इलाके में पिता ने नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बनाया। मां के ननिहाल से लौटने पर बेटी ने आपबीती सुनाई। जिसके बाद पिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
केस 3
25 जुलाई 2016 : कैंट इलाके के मोहद्दीपुर में सौतेले पिता ने अपनी बेटी को हवस का शिकार बनाया था। बेटी ने मां से आपबीती बताई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता को जेल भेजा था।
केस 4
25 फरवरी 2016 : शाहपुर इलाके में चचेरे भाई ने दो साल की बहन के साथ दुष्कर्म किया। छोटी बच्ची को लहूलुहान देखने के बाद घरवालों के होश उड़ गए थे और फिर उसकी गिरफ्तारी की गई।
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यह एक तरह की मनोविकृति है। जिसमें इंसान हिंसक हो जाता है। गोला में जिस तरह से पिता ने हरकत की है उससे साफ है कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह से बीमार था जिस वजह से उसने ऐसी हरकत की होगी।
मानवेंद्र सिंह, समाजशास्त्री, गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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सजा की कौन कहे, इनकी पहचान भी नहीं हो सकी
जिले में पिछले छह महीने में दस शव महिलाओं के बरामद हो चुके हैं, जिनकी शिनाख्त तक पुलिस नहीं कर सकी है। तीन अगस्त को कैंपियरगंज में महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश हो या फिर जुलाई में कुसम्ही जंगल में मिली महिला का शव। किसी का भी पुलिस शिनाख्त नहीं कर सकी है। शिनाख्त ना होने की वजह से इनके आरोपियों को भी नहीं पकड़ा जा सका। कुछ दिन तक तो पुलिस शव के शिनाख्त की कोशिश करती है लेकिन फिर फाइल बंद कर देती है जिस वजह से इनके हत्यारे आराम से बच जाते हैं।