{"_id":"592d7a654f1c1bed1abdb568","slug":"protest-of-cook-of-primary-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"रसोइयों और पुलिस में धक्का-मुक्की, दो बेहोश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रसोइयों और पुलिस में धक्का-मुक्की, दो बेहोश
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 31 May 2017 01:52 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम में प्रदर्शन करतीं रसोइया।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मांगों को लेकर मंगलवार को नगर निगम में प्रदर्शन करने के बाद गोरखनाथ मंदिर जा रही रसोइयों को निगम के गेट पर रोकने के प्रयास में पुलिस और महिलाओं में जमकर धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान दो महिलाएं शांति देवी और विद्यावती बेहोश हो गईं। प्रदर्शनकारियों ने इन महिलाओं को बाहर निकालने के लिए पुलिस से निवेदन किया, लेकिन पुलिस नहीं मानी, फिर कई मिनटों की तनातनी के बाद दोनों महिलाओं को बाहर निकाला गया और नजदीक के अस्पताल ले जाया गया। चकला, बेलन लेकर प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं के शांत न होने पर एसडीएम और पुलिस के आला अफसर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पांच महिलाओं को गोरखनाथ मंदिर जाने की अनुमति दी, तब जाकर मामला शांत हुआ। उन्होंने ज्ञापन सौंपने के साथ ही मांगें पूरी करने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।
अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र गौतम के नेतृत्व में महिलाएं प्रदर्शन करने पहुंची थी। पांच सूत्री ज्ञापन में उन्होंने हर वर्ष नियुक्ति विज्ञापन रोकने, अनिवार्यता खत्म करने, मानदेय खाते में भेजने, रसोइयों को एनजीओ से सुरक्षित रखने और 12 माह का वेतन देने की मांग की है। सुरेंद्र ने बताया कि सरकार की नीति के कारण रसोइयों की दशा बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो गई है। विद्यालयों में बच्चों को मिड डे मील पकाकर खिलाने वाली इन रसोइयों के अपने बच्चे भूखे हो गए। उन्होंने कहा कि अगर सात दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदर्शन उग्र किया जाएगा। इस मौके पर लीलावती, लक्ष्मी देवी, सीता देवी, राम कुमार, राम निषाद, आरएन भारती, रानिगी, जगदीश प्रसाद रामायण निषाद आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र गौतम के नेतृत्व में महिलाएं प्रदर्शन करने पहुंची थी। पांच सूत्री ज्ञापन में उन्होंने हर वर्ष नियुक्ति विज्ञापन रोकने, अनिवार्यता खत्म करने, मानदेय खाते में भेजने, रसोइयों को एनजीओ से सुरक्षित रखने और 12 माह का वेतन देने की मांग की है। सुरेंद्र ने बताया कि सरकार की नीति के कारण रसोइयों की दशा बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो गई है। विद्यालयों में बच्चों को मिड डे मील पकाकर खिलाने वाली इन रसोइयों के अपने बच्चे भूखे हो गए। उन्होंने कहा कि अगर सात दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदर्शन उग्र किया जाएगा। इस मौके पर लीलावती, लक्ष्मी देवी, सीता देवी, राम कुमार, राम निषाद, आरएन भारती, रानिगी, जगदीश प्रसाद रामायण निषाद आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन