प्रोफेसर ने छात्र संग मिलकर बनाई ऐसी गजब की वाशिंग मशीन, बैग में लेकर घूम सकेंगे
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खास बात यह है कि इसकी लागत सिर्फ एक हजार रुपये ही आएगी। इसका सबसे ज्यादा लाभ अक्सर यात्रा करने वाले लोगों या घर से दूर हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को होगा। डॉ. तिवारी ने बताया कि पोर्टेबल वाशिंग मशीन बनाने का विचार उनके जेहन में तब आया जब उनके छात्र अवनीश ने कहा कि हॉस्टल में कपड़े धुलाई की कोई संतोषजनक व्यवस्था नहीं है।
अवनीश के साथ बात कर तय किया कि एक ऐसी वाशिंग मशीन बनायी जाए जिसकी लागत कम हो, चलाना आसान हो और उसे कहीं भी ले जाया जा सके या रखा जा सके। वह कम ऊर्जा में चल सकती हो।
इसके बाद अवनीश ने पोर्टेबल वाशिंग मशीन का प्रारंभिक मॉडल तैयार कर डॉ. तिवारी को दिखाया। डॉ. तिवारी ने इस प्रारंभिक डिजाइन में कुछ बदलाव कर इसे वर्तमान रूप दिया। खास तौर से महानगरों में छोटे घरों में रहने वाले लोगों के लिए यह मशीन बहुत उपयोगी होगी। इस वाशिंग मशीन में एक मोटर लगी है जो कपड़े धुलते समय पानी में गति पैदा करेगी।
ऐसे करेगी काम
डॉ. तिवारी और अवनीश ने इस मशीन के पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया है। भारतीय पेटेंट कार्यालय ने उनके आवेदन में किये गए दावों की जांच परख के बाद उसे पेटेंट जर्नल में प्रकाशित कर आपत्तियां मांगी हैं।
छात्र अवनीश 