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प्रोफेसर ने छात्र संग मिलकर बनाई ऐसी गजब की वाशिंग मशीन, बैग में लेकर घूम सकेंगे
Thu, 05 Dec 2019 01:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2019 01:08 PM IST
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डॉ. प्रभाकर तिवारी।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रभाकर तिवारी ने अपने छात्र अवनीश गौतम सिंह के साथ मिलकर पोर्टेबल वाशिंग मशीन तैयार की है। इसे बैग में रखकर अपने साथ कहीं भी ले जाया जा सकता है।
खास बात यह है कि इसकी लागत सिर्फ एक हजार रुपये ही आएगी। इसका सबसे ज्यादा लाभ अक्सर यात्रा करने वाले लोगों या घर से दूर हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को होगा। डॉ. तिवारी ने बताया कि पोर्टेबल वाशिंग मशीन बनाने का विचार उनके जेहन में तब आया जब उनके छात्र अवनीश ने कहा कि हॉस्टल में कपड़े धुलाई की कोई संतोषजनक व्यवस्था नहीं है।
अवनीश के साथ बात कर तय किया कि एक ऐसी वाशिंग मशीन बनायी जाए जिसकी लागत कम हो, चलाना आसान हो और उसे कहीं भी ले जाया जा सके या रखा जा सके। वह कम ऊर्जा में चल सकती हो।
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इसके बाद अवनीश ने पोर्टेबल वाशिंग मशीन का प्रारंभिक मॉडल तैयार कर डॉ. तिवारी को दिखाया। डॉ. तिवारी ने इस प्रारंभिक डिजाइन में कुछ बदलाव कर इसे वर्तमान रूप दिया। खास तौर से महानगरों में छोटे घरों में रहने वाले लोगों के लिए यह मशीन बहुत उपयोगी होगी। इस वाशिंग मशीन में एक मोटर लगी है जो कपड़े धुलते समय पानी में गति पैदा करेगी।
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खास बात यह है कि इसकी लागत सिर्फ एक हजार रुपये ही आएगी। इसका सबसे ज्यादा लाभ अक्सर यात्रा करने वाले लोगों या घर से दूर हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को होगा। डॉ. तिवारी ने बताया कि पोर्टेबल वाशिंग मशीन बनाने का विचार उनके जेहन में तब आया जब उनके छात्र अवनीश ने कहा कि हॉस्टल में कपड़े धुलाई की कोई संतोषजनक व्यवस्था नहीं है।
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अवनीश के साथ बात कर तय किया कि एक ऐसी वाशिंग मशीन बनायी जाए जिसकी लागत कम हो, चलाना आसान हो और उसे कहीं भी ले जाया जा सके या रखा जा सके। वह कम ऊर्जा में चल सकती हो।
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इसके बाद अवनीश ने पोर्टेबल वाशिंग मशीन का प्रारंभिक मॉडल तैयार कर डॉ. तिवारी को दिखाया। डॉ. तिवारी ने इस प्रारंभिक डिजाइन में कुछ बदलाव कर इसे वर्तमान रूप दिया। खास तौर से महानगरों में छोटे घरों में रहने वाले लोगों के लिए यह मशीन बहुत उपयोगी होगी। इस वाशिंग मशीन में एक मोटर लगी है जो कपड़े धुलते समय पानी में गति पैदा करेगी।
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ऐसे करेगी काम
पानी में गति होने से डिटर्जेंट की उपस्थिति में माइसेल्स (छोटे अणु) बनेंगे। इन माइसेल्स के हाइड्रोफेबिक हिस्से गंदगी, धूल, मैल आदि से चिपक जाएंगे, जबकि हाइड्रोफिलिक हिस्से पानी के अणुओं से संयुक्त हो जाएंगे। इस प्रकार धुलकर खंगालने पर कपड़े पूरी तरह साफ हो जाएंगे।
डॉ. तिवारी और अवनीश ने इस मशीन के पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया है। भारतीय पेटेंट कार्यालय ने उनके आवेदन में किये गए दावों की जांच परख के बाद उसे पेटेंट जर्नल में प्रकाशित कर आपत्तियां मांगी हैं।
डॉ. तिवारी और अवनीश ने इस मशीन के पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया है। भारतीय पेटेंट कार्यालय ने उनके आवेदन में किये गए दावों की जांच परख के बाद उसे पेटेंट जर्नल में प्रकाशित कर आपत्तियां मांगी हैं।
छात्र अवनीश 