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एक तिहाई शहरी अवसादग्रस्त

Fri, 12 Feb 2016 01:49 AM IST
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 12 Feb 2016 01:49 AM IST
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गोरखपुर। शहर के पचास फीसदी लोग या तो डिप्रेशन का शिकार हैं या फिर इसके खतरे में हैं। जो पूरी तरह डिप्रेशन की जद में हैं उनकी तादाद भी 33 फीसदी है। यह तथ्य सामने आया है मेडिकल कॉलेज के साइकियाट्री विभाग की ओर से कराये गये सर्वे में। दुखद यह है कि सर्वे के बाद जिन लोगों को डिप्रेशन का शिकार पाया गया, उनमें सर्वाधिक 60 फीसदी तादाद युवाओं की है।
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इलाज के लिए काफी संख्या आ रहे डिप्रेशन रोगियों की मौजूदा स्थिति जानने के लिए साइकियाट्री विभाग ने 10 प्रश्नों की प्रश्नावली तैयार कराई। इसमें जीवन से जुड़े उन पहलुओं को शामिल किया गया, जिससे किसी व्यक्ति संपूर्ण सोच का आकलन किया जा सके। यह भी तय किया गया कि यह सर्वे 15 से 60 वर्ष के उम्र तक के लोगों पर ही किया जाएगा। इसके पीछे तर्क यह था कि प्रश्नावली में दिये गये सवालों का सटीक उत्तर न तो बच्चे दे सकेंगे और न ही अति बुजुर्ग। इसके लिए एक संस्था के माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों के 359 लोगों से प्रश्नावली का जवाब लिया गया
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जिसमें से 183 लोगों के पांच से अधिक जवाब ऐसे थे, जो उन्हें डिप्रेशन के दायरे में साबित करने के लिए पर्याप्त थे। प्रश्नावली के पांच आधार सवाल (पहले तीन और अंतिम दो) जिन पर सहमति जताने पर व्यक्ति को टोटल डिप्रेशन का शिकार मान लिया जाता है, उनकी संख्या भी 120 यानी 33 फीसदी रही।
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 विशेषज्ञों के मुताबिक यह तादाद राष्ट्रीय आंकड़े के मुकाबले दस फीसदी अधिक है क्यों देशव्यापी आंकड़ा 23 से 25 फीसदी के बीच है। सर्वे के दौरान करीब 30 फीसदी लोग ऐसे पाये गये, जिनमें मन में समय-समय पर आत्महत्या के विचार आते रहते हैं। इनमें 20 प्रतिशत तो प्रयास के दौर में भी पहुंच जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक आत्महत्या की प्रवृत्ति का यह आंकड़ा देशव्यापी आंकड़े के मुताबिक है।

प्रश्नावली से आप भी कर सकते हैं आकलन
1. क्या आपका मन चिड़चिड़ा रहता है?
2. क्या आनंद वाले कार्यों में आनंद नहीं आता है?
3. क्या आपके भूख या वजन में परिवर्तन हुआ है?
4. क्या आपको नींद कम या अधिक आती है?
5. क्या आपको आत्मग्लानि होती है?
6. क्या आपको ध्यान लगाने में या यादाश्त में दिक्कत है?
7. क्या आपको बहुत सुस्ती व थकान महसूस होती है?
8. क्या आपको बेचैनी व उपलक्षण महसूस होती है?
9. क्या आपको निराशाजनक विचार आते हैं?
10. क्या आपके आपके मन में आत्महत्या के विचार आते रहते हैं?
(इनमें से पांच प्रश्नों या उससे ज्यादा का उत्तर यदि हां में है तो आपमें डिप्रेशन के लक्षण हो सकते हैं। यदि यह लक्षण दो सप्ताह से ज्यादा दिनों से है तो यह डिप्रेशन की बीमारी हो सकती है)


पोषक तत्वों का असुंतलन है बड़ी वजह
आमतौर पर बदल रही जीवन शैली से मिल रहे तनाव को ही डिप्रेशन की मुख्य वजह माना जाता है। लेकिन डिप्रेशन की वजह सिर्फ यही नहीं है। प्रश्नावली पर अध्ययन के दौरान जब ऐसे लोगों का गंभीर अध्ययन किया गया जो डिप्रेशन के दायरे में थे तो उनमें से ज्यादातर में पोषक तत्वों का असंतुलन पाया गया। किसी में विटामिन, प्रोटीन व खनिज तत्व की अधिकता पाई गई तो किसी में उसकी कमी। यहां तक एक ही व्यक्ति में इन तत्वों की कमी और अधिकता के मामले में सामने आए। व्यक्ति में पनपे डिप्रेशन के इतिहास में जाने पर पता चला कि उनके अंदर यह स्थिति तभी आई, जब शरीर में पोषक तत्वों का असंतुलन शुरू हो गया। ऐसे में यह साबित हुआ कि डिप्रेशन की एक बड़ी वजह शरीर में पोषक तत्वों का असंतुलन भी है।
डॉ. आमिल एच खान, प्रवक्ता, साइकियाट्री विभाग, मेडिकल कॉलेज
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