{"_id":"5c8911f7bdec22143149612b","slug":"old-man-died-after-shock-of-his-sons-going-to-jail","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बेटों के जेल जाने के सदमे से वृद्ध ने तोड़ा दम, मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटों के जेल जाने के सदमे से वृद्ध ने तोड़ा दम, मचा कोहराम
Wed, 13 Mar 2019 07:51 PM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुशीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुशीनगर
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 13 Mar 2019 07:51 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
मारपीट के मामले में एक साथ चार बेटों के जेल जाने के सदमे से वृद्ध पिता की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग यही कह रहे थे बेटों के जेल जाने की घटना से वे गमगीन थे। घटना विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बतरौली धुरखड़वा गांव का है।
विज्ञापन
विशुनपुरा क्षेत्र के बतरौली धुरखड़वा में 70 वर्षीय जुगुल गुप्ता एवं उनके पड़ोसी में जमीन विवाद में वर्ष 2018 में मारपीट हुई थी। पड़ोसी ने जुगुल और उनके चार बेटे उपेंद्र, महेंद्र, सुबाष व व्यास के खिलाफ संगीन आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। उसी मामले में गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।
विज्ञापन
परिवार वालों ने बताया कि मंगलवार को आरोपी जुगुल और उनके चारों बेटों ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दिया। वृद्ध की जमानत हो गई और वह घर लौट गए। जबकि चारों बेटों की जमानत अर्जी निरस्त हो गई और वे जेल भेज दिए गए। शाम को जुगुल घर पहुंचे तो काफी गमगीन थे।
विज्ञापन
Trending Videos
भतीजे ने दी मुखाग्नि
बेटों के जेल जाने के सदमे से बीमार पड़ गए। परिजन उन्हें सीएचसी दुदही ले गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पडरौना ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। लोग शव लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। बहू और अन्य लोगों का रो-रो कर बुरा हाल था।
बेटों के जेल में होने की वजह से जुगुल को उसके भतीजे ने मुखाग्नि दी। इस घटना को लेकर नाते- रिश्तेदार जहां गमगीन थे, वहीं गांव के लोगों ने भी इसे अद्भुत संयोग बताया। गांव वालों ने बताया कि बहुएं काफी परेशान थीं कि कोई बेटा ही पिता को मुखाग्नि दे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। विवशता में भतीजे ने ही मुखाग्नि दी।
बेटों के जेल में होने की वजह से जुगुल को उसके भतीजे ने मुखाग्नि दी। इस घटना को लेकर नाते- रिश्तेदार जहां गमगीन थे, वहीं गांव के लोगों ने भी इसे अद्भुत संयोग बताया। गांव वालों ने बताया कि बहुएं काफी परेशान थीं कि कोई बेटा ही पिता को मुखाग्नि दे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। विवशता में भतीजे ने ही मुखाग्नि दी।