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बसपा की परीक्षा में पास नहीं हो पा रहे पदाधिकारी, बूथ से जिला स्तर तक चुनने हैं लड़ाके कार्यकर्ता
Fri, 08 Nov 2019 06:53 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 08 Nov 2019 06:53 PM IST
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बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
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बसपा नेतृत्व की परीक्षा में अब नए पदाधिकारी पास नहीं हो पा रहे हैं। इन पदाधिकारियों के बेहतरी का पैमाना चुनावी रिजल्ट है, जिसमें हर बार वे गच्चा खा जा रहे हैं। पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर संगठन की इकाइयां भंग कर दीं हैं। अंदरखाने चर्चा है कि भाईचारा कमेटी के लोगों को मुख्य धारा में लाने के साथ ही आबादी के हिसाब से पदाधिकारियों का चुनाव होगा।
संगठन के गठन को लेकर 13 नवंबर को गोरखपुर में एक बैठक आयोजित की गई है। जिसमें बड़े नेता संगठन को खड़ा करने का फार्मूला बताएंगे। लोकसभा चुनाव में मिली विजय से पार्टी नेता उत्साहित थे। लेकिन उपचुनाव में एक भी सीट नहीं मिलने से पार्टी में निराशा भर गई है।
माना जा रहा है कि संगठन में अचानक फेरबदल इसी के चलते किया गया है। अभी दो महीने पहले ही बूथ स्तर तक संगठन खड़ा किया गया था। वहीं पार्टी में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि संगठनात्मक बदलाव जरूर हुआ है लेकिन सिर्फ पद बदला है, नाम वही पुराने ही हैं।
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मसलन, मंडल इंचार्ज की भूमिका निभा रहे घनश्याम चंद खरवार और सुधीर भारती अब सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसी तरह जिला और विधानसभा कमेटियां का भी हाल होगा। जिला कमेटी में जिलाध्यक्ष घनश्याम राही अभी बने हुए हैं। बाकी पदाधिकारी हटा दिए गए हैं।
अब संगठन में पदाधिकारियों के चयन में जोन इंचार्ज और प्रभारी अहम भूमिका निभा सकते हैं। सूची को अंतिम रूप सेक्टर प्रभारी ही निभाएंगे।
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संगठन के गठन को लेकर 13 नवंबर को गोरखपुर में एक बैठक आयोजित की गई है। जिसमें बड़े नेता संगठन को खड़ा करने का फार्मूला बताएंगे। लोकसभा चुनाव में मिली विजय से पार्टी नेता उत्साहित थे। लेकिन उपचुनाव में एक भी सीट नहीं मिलने से पार्टी में निराशा भर गई है।
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माना जा रहा है कि संगठन में अचानक फेरबदल इसी के चलते किया गया है। अभी दो महीने पहले ही बूथ स्तर तक संगठन खड़ा किया गया था। वहीं पार्टी में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि संगठनात्मक बदलाव जरूर हुआ है लेकिन सिर्फ पद बदला है, नाम वही पुराने ही हैं।
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मसलन, मंडल इंचार्ज की भूमिका निभा रहे घनश्याम चंद खरवार और सुधीर भारती अब सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसी तरह जिला और विधानसभा कमेटियां का भी हाल होगा। जिला कमेटी में जिलाध्यक्ष घनश्याम राही अभी बने हुए हैं। बाकी पदाधिकारी हटा दिए गए हैं।
अब संगठन में पदाधिकारियों के चयन में जोन इंचार्ज और प्रभारी अहम भूमिका निभा सकते हैं। सूची को अंतिम रूप सेक्टर प्रभारी ही निभाएंगे।