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मेडिकल कॉलेज में फिर बढ़ी कैदियों की आमद
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 15 Mar 2016 08:22 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में बीमारी के नाम पर भर्ती होने वाले कैदियों की संख्या फिर बढ़ने लगी है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीमारी के नाम पर भर्ती होने वाले कैदियों की संख्या फिर बढ़ने लगी है। जबकि इसके लिए गठित स्कैनिंग कमेटी की जांच के बिना कैदियों को भर्ती करने की अनुमति नहीं है। कॉलेज में इन दिनों एक कैदी बीमारी के नाम पर भर्ती है। इसकी जानकारी होने पर प्राचार्य ने सख्ती की है। मंगलवार को प्राचार्य ने एसआईसी और सभी सदस्यों के साथ बैठक कर आदेश दिया कि बिना स्कैनिंग कमेटी की रिपोर्ट के किसी भी कैदी को भर्ती न किया जाए।
ज्ञातव्य हो कि लंबे समय तक अस्पताल में इलाज के नाम पर भर्ती रहे अमरमणि, मधुमिता, गोपाल यादव जैसे दिग्गजों पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कार्रवाई हुई थी। तब इसके लिए डॉ. माही मित्तल, एसआईसी समेत सभी प्रमुख विभागों के अध्यक्षों का एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था। बाद में निर्णय किया गया कि यह कमेटी कैदियों के लिए काम करती रहे ताकि कॉलेज प्रशासन और डॉक्टरों की बदनामी न होने पाए। मगर इन दिनों एक कैदी आकर चला गया और फिर एक कलावती नाम की कैदी भर्ती है। जो मंडलीय कारागार से आई है और वार्ड नंबर 14 में बीते दो दिनों से भर्ती है।
कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर आदेश दिया गया है कि बिना जांच के किसी कैदी को भर्ती न किया जाए। इसका सख्ती से पालन करना होगा। आदेश को फिर से सभी जिम्मेदारों को भेज दिया गया है।
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-प्रो. राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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ज्ञातव्य हो कि लंबे समय तक अस्पताल में इलाज के नाम पर भर्ती रहे अमरमणि, मधुमिता, गोपाल यादव जैसे दिग्गजों पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कार्रवाई हुई थी। तब इसके लिए डॉ. माही मित्तल, एसआईसी समेत सभी प्रमुख विभागों के अध्यक्षों का एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था। बाद में निर्णय किया गया कि यह कमेटी कैदियों के लिए काम करती रहे ताकि कॉलेज प्रशासन और डॉक्टरों की बदनामी न होने पाए। मगर इन दिनों एक कैदी आकर चला गया और फिर एक कलावती नाम की कैदी भर्ती है। जो मंडलीय कारागार से आई है और वार्ड नंबर 14 में बीते दो दिनों से भर्ती है।
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कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर आदेश दिया गया है कि बिना जांच के किसी कैदी को भर्ती न किया जाए। इसका सख्ती से पालन करना होगा। आदेश को फिर से सभी जिम्मेदारों को भेज दिया गया है।
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-प्रो. राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज