{"_id":"5d1cf5a18ebc3e3cde204f83","slug":"no-jirks-in-train-gorakhpur-city-news-gkp3125616118","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्मन तकनीक वाले हुक से रुकेंगे झटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्मन तकनीक वाले हुक से रुकेंगे झटके
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जर्मन तकनीक वाले हुक से रुकेंगे ट्रेनों में झटके
गोरखपुर। ट्रेनों में सफर के दौरान अब यात्रियों को झटके नहीं लगेंगे। अब दो कोच को जोड़ने के लिए जर्मन तकनीक के नए सीबीसी (सेंटर बफर कपलर) हुक लगाए जा रहे हैं। एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच में फैक्ट्री से ही सीबीसी हुक लगकर आ रहे हैं, जबकि प्रीमियम ट्रेनों में अलग से लगाए जा रहे हैं। गोरखपुर से चलने वाली 11 ट्रेनों में यह व्यवस्था कर दी गई है। मार्च 2020 तक सभी ट्रेनों में यह सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
ट्रेनों के कोच को आपस में जोड़ने के लिए वर्तमान समय में पुरानी तकनीक वाले स्क्रू कपलिंग का इस्तेमाल किया जाता है। जब ट्रेन तेज गति से चल रही होती है तो ज्वाइंट से ही कंपन होने लगता है। इससे ट्रेन के तेज गति में होने पर यात्रियों को झटके लगते हैं। इससे राहत के लिए अब ट्रेनों में जर्मन तकनीक वाले सीबीसी हुक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे दो कोच पूरी तरह से जुड़ जाते हैं। सीबीसी हुक लगाने से ट्रेन की गति 100 किमी प्रति घंटे से ज्यादा होने के बाद भी झटका नहीं लगता है।
सीपीआरओ एनईआर पंकज सिंह ने बताया कि अब सभी रैक में एलएचबी कोच लगकर आ रहे हैं। इसमें सीबीसी हुक से दो कोच बहुत ही सटीक जुड़ते हैं। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।
विज्ञापन
इन ट्रेनों में लगाए गए एलएचबी कोच
हमसफर एक्सप्रेस (दो रेक), गोरखधाम एक्सप्रेस (3 रेक), अमरनाथ एक्सप्रेस, गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस (2 रेक), लखनऊ इंटरसिटी, अंत्योदय एक्सप्रेस, शालीमार एक्सप्रेस।
विज्ञापन
गोरखपुर। ट्रेनों में सफर के दौरान अब यात्रियों को झटके नहीं लगेंगे। अब दो कोच को जोड़ने के लिए जर्मन तकनीक के नए सीबीसी (सेंटर बफर कपलर) हुक लगाए जा रहे हैं। एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच में फैक्ट्री से ही सीबीसी हुक लगकर आ रहे हैं, जबकि प्रीमियम ट्रेनों में अलग से लगाए जा रहे हैं। गोरखपुर से चलने वाली 11 ट्रेनों में यह व्यवस्था कर दी गई है। मार्च 2020 तक सभी ट्रेनों में यह सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
ट्रेनों के कोच को आपस में जोड़ने के लिए वर्तमान समय में पुरानी तकनीक वाले स्क्रू कपलिंग का इस्तेमाल किया जाता है। जब ट्रेन तेज गति से चल रही होती है तो ज्वाइंट से ही कंपन होने लगता है। इससे ट्रेन के तेज गति में होने पर यात्रियों को झटके लगते हैं। इससे राहत के लिए अब ट्रेनों में जर्मन तकनीक वाले सीबीसी हुक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे दो कोच पूरी तरह से जुड़ जाते हैं। सीबीसी हुक लगाने से ट्रेन की गति 100 किमी प्रति घंटे से ज्यादा होने के बाद भी झटका नहीं लगता है।
विज्ञापन
सीपीआरओ एनईआर पंकज सिंह ने बताया कि अब सभी रैक में एलएचबी कोच लगकर आ रहे हैं। इसमें सीबीसी हुक से दो कोच बहुत ही सटीक जुड़ते हैं। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।
विज्ञापन
इन ट्रेनों में लगाए गए एलएचबी कोच
हमसफर एक्सप्रेस (दो रेक), गोरखधाम एक्सप्रेस (3 रेक), अमरनाथ एक्सप्रेस, गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस (2 रेक), लखनऊ इंटरसिटी, अंत्योदय एक्सप्रेस, शालीमार एक्सप्रेस।