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एयरफोर्स के गले नहीं उतरा एम्स का नया प्रस्ताव

Tue, 12 Jul 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Tue, 12 Jul 2016 12:59 AM IST
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new problem to build aiims in gorakhpur
एयरफोर्स के अधिकारियों के आने से पहले ‌कमिश्नर ने डीएम के साथ गन्‍ना शोध संस्‍थान का निरीक्षण किया। - फोटो : amar ujala
एम्स के लिए प्रस्तावित महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो स्थित गन्ना शोध संस्थान की जमीन की सोमवार को एयरफोर्स के अफसरों ने पैमाइश की। कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद और डीएम ओएन सिंह के संस्थान से लौटते ही एयरफोर्स के अफसरों की टीम शोध संस्थान पहुंची। घंटे भर से अधिक समय तक रुककर टीम ने पूरी जमीन को नापा। बताया जा रहा है कि टीम अपनी इस पैमाइश की रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को भेजेगी।
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विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक जमीन नापने के बाद अफसरों ने इसे नीचा उड़ान क्षेत्र माना। यही नहीं, टीम ने यह भी कहा कि गन्ना शोध संस्थान की इमारतों के आगे की जमीन पर ऊंची इमारतों का निर्माण नहीं हो सकता। बताया जा रहा है कि गन्ना शोध संस्थान की एक दो मंजिला इमारत के ऊपर छोटे से कमरे का निर्माण हुआ था। एयरफोर्स ने पूर्व में ही इसपर आपत्ति जताई थी और उसपर हमेशा रेड लाइट जलाने के निर्देश दिए थे। काफी समय तक यह लाइट जली भी मगर बाद में किन्हीं कारणों से बंद हो गई।
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यही नहीं हाल ही में गन्ना शोध संस्थान के परिसर से आगे यानी एयरफोर्स के पास नंदानगर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने का निर्णय हुआ था जिसपर एयरफोर्स ने आपत्ति दर्ज करा दी थी। इस आपत्ति के बाद वहां अंडर पास बनाने पर सहमति बनी जिसे एयरफोर्स ने भी अपनी रजामंदी दी।
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बता दें कि एम्स के लिए प्रस्तावित गन्ना शोध संस्थान की जमीन के मुआयने के लिए आठ जुलाई को केंद्रीय टीम आई थी। निरीक्षण के बाद टीम का नेतृत्व कर रहे ज्वाइंट सेक्रेटरी (पीएमएसएसवाई) सुनील शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया था कि जमीन की लोकेशन अच्छी है। शहर के बीचों-बीच होने के साथ ही सड़क से कनेक्टिविटी, पास में ही एयरपोर्ट और एनईआर का मुख्यालय, बिजली, पानी कई ऐसी सुविधाएं हैं जो एम्स के मानकों को पूरी करती हैं, मगर दो ऐसे तकनीकी पहलू हैं जिन पर संबंधित मंत्रालय ही फैसला ले सकेगा। इनमें एयरफोर्स परिसर से गन्ना शोध संस्थान का नजदीक होना भी एक तकनीकी पहलू था। इस पर ज्वाइंट सेक्रेटरी ने रक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट देने की बात कही थी।
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