फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   demonetization

बैंक और एटीएम पर सिमटी लाइन

Wed, 08 Nov 2017 07:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 08 Nov 2017 07:31 PM IST
विज्ञापन
demonetization
बैंकों में लोगों की लाइन अब कम होने लगी है। - फोटो : Amar Ujala
नोटबंदी के बाद से पहली बार बुधवार को लोगों ने राहत महसूस की। इस दिन जहां बैंकों में छोटी लाइनें रहीं और नोट भी मिले वहीं शहर के ज्यादातर एटीएम से रकम मिली। हालांकि शहर की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में भीड़ ज्यादा रही और वहां लोगों को दो से चार हजार रुपये ही मिले।
विज्ञापन


जिले को एक हजार करोड़ रुपये मिलने का असर शहर के बैंकों व एटीएम में दिखने लगा है। लाइनें तो लगीं लेकिन कुछ वक्त बाद ही नंबर आने से लोगों की परेशानी कम हो गई। काफी दिनों से बंद एटीएम के शटर भी उठ गए। सबसे ज्यादा भीड़ एसबीआई के मेन ब्रांच रही, जबकि सेंट्रल बैंक व पीएनबी मेन ब्रांच में काउंटर पर लोगों की संख्या बेहद कम रही। एसबीआई की ग्रामीण शाखाओं में 24 हजार रुपये तक लोगों को भुगतान किए गए। हालांकि सेंट्रल बैंक और केनरा बैंक में अधिकतम 10 हजार तक तथा पीएनबी, ग्रामीण बैंक में चार हजार रुपये ही भुगतान किया गया। एसबीआई बरही शाखा और पीएनबी डीहघाट शाखा में सुबह से लेकर शाम तक महिलाओं की भारी भीड़ जुटी रही। एसबीआई के सहायक ब्रांच मैनेजर ओपी अग्रहरी ने बताया कि पर्याप्त करेंसी आने से स्थिति में तेजी से सुधार आया है। ग्रामीण इलाके की शाखाओं से भी भुगतान किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने झेली परेशानी, बैंक से लौटाए गए

जिले को एक हजार करोड़ की रकम मिलने के बाद भी ग्रामीणों को बैंकों से रकम न मिलने से परेशानी बनी हुई है। बुधवार को हरपुर-बुदहट में पूर्वांचल बैंक की शाखा से कैश न मिलने से लोगों को निराश लौटना पड़ा। यहां रकम के लिए लोग बड़ी संख्या में जुटे थे लेकिन बैंक प्रबंधन ने रकम न होने का हवाला देकर सबको लौटा दिया। बहुत से ग्राहकों की कर्मचारियों से इसी मुद्दे पर नोकझोंक भी हुई। हरपुर-बुदहट में पूर्वांचल बैंक की शाखा पर बुधवार को बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। बैंक खुलने के बाद ही प्रबंधन ने कह दिया, रकम नहीं है। इस पर लोग भड़क गए और कर्मचारियों से नोकझोंक करने लगे। किसी तरह मामला शांत हो सका। कस्बे की जगरौता देवी, कोदई शुक्ल, अशोक कुमार शुक्ल, सदानंद, लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि तीन दिनों से रकम के लिए खेती छोड़कर बैंक आ रहा हूं लेकिन रोजाना लौटा दिया जा रहा है। शाखा प्रबंधक कांता नाथ मिश्र का कहना था कि रकम न मिलने से वितरण नहीं हो पा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed