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पेपर के बदले पैटर्न में उलझे छात्र
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 22 May 2017 01:47 AM IST
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परीक्षा देकर केंद्र से बाहर आते अभ्यर्थी।
- फोटो : Amar Ujala
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देश की 23 आईआईटी के बीटेक और बी. आर्किटेक्चर कोर्स में एडमिशन के लिए रविवार को हुए ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस 2017-18 के बदले पेपर पैटर्न से छात्र-छात्राएं कुछ उलझ गए। कई छात्रों ने बताया कि वे सवालों के जवाब नहीं दे सके लेकिन पिछले साल की अपेक्षा प्रश्न सरल बताया जा रहा है। इस कारण मेरिट हाई जाने की संभावना जताई जा रही है। फिजिक्स और केमिस्ट्री के सेक्शन को कठिन बताया गया। वहीं मैथमेटिक्स में मैट्रिक्स मैचिंग के सवालों ने कठिनाई पैदा की।
जेईई एडवांस का पेपर रविवार को शहर के सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज, सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग, आर्मी पब्लिक स्कूल और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज में कराया गया। करीब 2000 छात्रों ने पंजीकरण कराया था लेकिन तीन फीसदी अनुपस्थित रहे। प्रतियोगी परीक्षाओं के एक्सपर्ट महेश सिंह चौहान ने बताया कि फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के तमाम सवाल ऐसे पूछे गए, जिनके एक से ज्यादा आंसर आ रहे थे। इन सब पर सही का निशान लगाना जरूरी था। पहले पेपर के सेक्शन दो में पांच प्रश्न सिंगल डिजिट के पूछे गए। इनमें माइनस मार्किंग का झाम नहीं रखा गया। पेपर पिछली बार (2016-17) से सरल था लेकिन मैट्रिक्स मैचिंग के सवालों ने छात्रों को उलझा दिया। दो पालियों के पेपर में 366 मार्क्स के 108 प्रश्न पूछे गए। हर विषय से 36-36 प्रश्न थे।
तुक्का नहीं मार सके छात्र
माइनस मार्किंग की अनिवार्यता ने छात्रों को तुक्का मारने का मौका नहीं दिया। सबने संभलकर पेपर हल किया, क्योंकि एक सवाल का गलत जवाब देने पर सही आंसर से एक नम्बर जाएगा।
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हाई होंगे कटऑफ मार्क्स
पेपर का पैटर्न बदलने और पिछली साल की तुलना में आसान पेपर आने से जेईई एडवांस की न्यूनतम कटऑफ मार्क्स हाई रहेंगे। सामान्य वर्ग के कटऑफ 100 मार्क्स, ओबीसी के 90 मार्क्स और एससी, एसटी के कटऑफ मार्क्स 55 बताए गए हैं। शैक्षणिक सत्र 2016-17 की प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग का कटऑफ 75 मार्क्स का था अर्थात इसबार 25 मार्क्स ज्यादा हासिल करने वाले छात्रों को ही एडवांस की मेरिट लिस्ट में जगह मिल पाएगी। पिछली बार ओबीसी के कटऑफ मार्क्स 67 और एससी, एसटी के 38 मार्क्स थे।
सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त
आईआईटी प्रशासन ने पेपर को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने का दावा किया है। प्रशासन का कहना है कि सुबह नौ बजे से पेपर था लेकिन छात्रों को सुबह सात बजे से ही केंद्र पर बुलाया गया। बायो मीट्रिक अटेंडेंस ली गई। सबको मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ा। हर छात्र की फोटोग्राफी कराई गई है।
31 मई को आएगी स्कैन कॉपी
ओआरएस की स्कैन कॉपी 31 मई को वेबसाइट jeeadv.ac.in पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसे देखकर तीन जून तक सुधार या फिर त्रुटि से संबंधित रिपोर्ट आईआईटी प्रशासन को दी जा सकती है।
11 जून को आएगा रिजल्ट
एडवांस का रिजल्ट 11 जून को आएगा, फिर काउंसलिंग कराके सीटें भरी जाएंगी। यह प्रक्रिया 19 जून से 18 जुलाई 2017 के बीच पूरी की जानी है।
23 आईआईटी की 11 हजार सीटें भरेंगी
देश की 23 आईआईटी की करीब 11 हजार सीटें भरी जाएंगी। सबसे ज्यादा सीटें आईआईटी बीएचयू, कानपुर, दिल्ली, मुंबई, रुड़की, गुवाहाटी, खड़गपुर और चेन्नई की हैं। आईआईटी पटना, जम्मू, मंडी, पलखड़, जोधपुर, रोपड़, तिरुपति, भिलाई, भुवनेश्वर, धनबाद, हैदराबाद, इंदौर, धारवाड़, गांधी नगर और गोवा की सीटें भी भरी जाएंगी।
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जेईई एडवांस का पेपर रविवार को शहर के सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज, सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग, आर्मी पब्लिक स्कूल और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज में कराया गया। करीब 2000 छात्रों ने पंजीकरण कराया था लेकिन तीन फीसदी अनुपस्थित रहे। प्रतियोगी परीक्षाओं के एक्सपर्ट महेश सिंह चौहान ने बताया कि फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के तमाम सवाल ऐसे पूछे गए, जिनके एक से ज्यादा आंसर आ रहे थे। इन सब पर सही का निशान लगाना जरूरी था। पहले पेपर के सेक्शन दो में पांच प्रश्न सिंगल डिजिट के पूछे गए। इनमें माइनस मार्किंग का झाम नहीं रखा गया। पेपर पिछली बार (2016-17) से सरल था लेकिन मैट्रिक्स मैचिंग के सवालों ने छात्रों को उलझा दिया। दो पालियों के पेपर में 366 मार्क्स के 108 प्रश्न पूछे गए। हर विषय से 36-36 प्रश्न थे।
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तुक्का नहीं मार सके छात्र
माइनस मार्किंग की अनिवार्यता ने छात्रों को तुक्का मारने का मौका नहीं दिया। सबने संभलकर पेपर हल किया, क्योंकि एक सवाल का गलत जवाब देने पर सही आंसर से एक नम्बर जाएगा।
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हाई होंगे कटऑफ मार्क्स
पेपर का पैटर्न बदलने और पिछली साल की तुलना में आसान पेपर आने से जेईई एडवांस की न्यूनतम कटऑफ मार्क्स हाई रहेंगे। सामान्य वर्ग के कटऑफ 100 मार्क्स, ओबीसी के 90 मार्क्स और एससी, एसटी के कटऑफ मार्क्स 55 बताए गए हैं। शैक्षणिक सत्र 2016-17 की प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग का कटऑफ 75 मार्क्स का था अर्थात इसबार 25 मार्क्स ज्यादा हासिल करने वाले छात्रों को ही एडवांस की मेरिट लिस्ट में जगह मिल पाएगी। पिछली बार ओबीसी के कटऑफ मार्क्स 67 और एससी, एसटी के 38 मार्क्स थे।
सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त
आईआईटी प्रशासन ने पेपर को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने का दावा किया है। प्रशासन का कहना है कि सुबह नौ बजे से पेपर था लेकिन छात्रों को सुबह सात बजे से ही केंद्र पर बुलाया गया। बायो मीट्रिक अटेंडेंस ली गई। सबको मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ा। हर छात्र की फोटोग्राफी कराई गई है।
31 मई को आएगी स्कैन कॉपी
ओआरएस की स्कैन कॉपी 31 मई को वेबसाइट jeeadv.ac.in पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसे देखकर तीन जून तक सुधार या फिर त्रुटि से संबंधित रिपोर्ट आईआईटी प्रशासन को दी जा सकती है।
11 जून को आएगा रिजल्ट
एडवांस का रिजल्ट 11 जून को आएगा, फिर काउंसलिंग कराके सीटें भरी जाएंगी। यह प्रक्रिया 19 जून से 18 जुलाई 2017 के बीच पूरी की जानी है।
23 आईआईटी की 11 हजार सीटें भरेंगी
देश की 23 आईआईटी की करीब 11 हजार सीटें भरी जाएंगी। सबसे ज्यादा सीटें आईआईटी बीएचयू, कानपुर, दिल्ली, मुंबई, रुड़की, गुवाहाटी, खड़गपुर और चेन्नई की हैं। आईआईटी पटना, जम्मू, मंडी, पलखड़, जोधपुर, रोपड़, तिरुपति, भिलाई, भुवनेश्वर, धनबाद, हैदराबाद, इंदौर, धारवाड़, गांधी नगर और गोवा की सीटें भी भरी जाएंगी।