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काठमांडू में 20 अक्टूबर से होगा तीन दिनी हिंदू सम्मेलन
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:31 AM IST
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विश्व हिंदू महासंघ के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष अर्जुन प्रसाद बस्तोला ने बताया है कि 20 से 22 अक्टूबर तक काठमांडू में अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदू महासम्मेलन होगा। इसमें सौ देशों के तीन हजार प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन का सह आयोजक भारत का विश्व हिंदू महासंघ होगा। इस दौरान नेपाल को पुन: हिंदू राष्ट्र बनाने, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराने, हिंदू धर्म छोड़ने वालों की घर वापसी आदि मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।
गोरखपुर आए बास्तोला ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आयोजन की जिम्मेदारी आेंकार परिवार की है। आेंकार परिवार में हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया में एक अरब 78 करोड़ हिंदू, जबकि 53 करोड़ बुद्धिष्ट, 11 करोड़ जैन और आठ करोड़ सिख हैं। कुल मिलाकर हम विश्व की जनसंख्या के 29 प्रतिशत हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि सम्मेलन में नेपाल को पुन: हिंदू राष्ट्र बनाने पर गहन चर्चा होगी क्योंकि नेपाल की अधिकतर जनता हिंदू राष्ट्र के पक्ष में है। इसके अलावा राम मंदिर के निर्माण में आ रही बाधा को कैसे दूर किया जाए, इस मुद्दे पर भी चर्चा होगी। दुनिया के बहुत से देशों में हिंदुओं ने दूसरा धर्म स्वीकार्य कर लिया है।
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सम्मेलन में उनकी घर वापसी पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। विश्व की विभिन्न संस्थाओं के माध्यम जिन भी लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया है, उनके बारे में भी धर्माचार्यों की राय ली जाएगी। उन्होंने बताया कि आयोजन के लिए नेपाल सरकार ने 20 लाख दिया है, जबकि इसपर आठ करोड़ रुपये खर्च आने की उम्मीद है जिसे लोगों के सहयोग से जुटाया जाएगा।
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गोरखपुर आए बास्तोला ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आयोजन की जिम्मेदारी आेंकार परिवार की है। आेंकार परिवार में हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया में एक अरब 78 करोड़ हिंदू, जबकि 53 करोड़ बुद्धिष्ट, 11 करोड़ जैन और आठ करोड़ सिख हैं। कुल मिलाकर हम विश्व की जनसंख्या के 29 प्रतिशत हैं।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि सम्मेलन में नेपाल को पुन: हिंदू राष्ट्र बनाने पर गहन चर्चा होगी क्योंकि नेपाल की अधिकतर जनता हिंदू राष्ट्र के पक्ष में है। इसके अलावा राम मंदिर के निर्माण में आ रही बाधा को कैसे दूर किया जाए, इस मुद्दे पर भी चर्चा होगी। दुनिया के बहुत से देशों में हिंदुओं ने दूसरा धर्म स्वीकार्य कर लिया है।
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सम्मेलन में उनकी घर वापसी पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। विश्व की विभिन्न संस्थाओं के माध्यम जिन भी लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया है, उनके बारे में भी धर्माचार्यों की राय ली जाएगी। उन्होंने बताया कि आयोजन के लिए नेपाल सरकार ने 20 लाख दिया है, जबकि इसपर आठ करोड़ रुपये खर्च आने की उम्मीद है जिसे लोगों के सहयोग से जुटाया जाएगा।