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तीन साल बाद शिक्षकों को फिर से मिलेगा टीएलएम
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Thu, 25 Aug 2016 08:05 PM IST
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परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को तीन साल बाद फिर से टीएलएम (टीचर लर्निंग मैटेरियल) मिलेगा। इसके तहत उन्हें बच्चों को पढ़ाने में मददगार चार्ट पेपर, चित्र, उपकरण आदि खरीदने के लिए पांच सौ रुपये सालाना दिए जाएंगे। शासन ने इसके लिए बजट आवंटित कर दिया है।
शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पहले शिक्षकों टीएलएम दिया जाता था। इसका मकसद था कि शिक्षक पढ़ाई को बाल केंद्रित कर सकें। यानी कि चित्र और चार्ट के जरिये उन्हें समझाएं। इससे बच्चे जल्दी सीखेंगे और पढ़ाई भी आसान होगी। मगर तीन सालों से शासन ने इसके लिए बजट नहीं दिया। शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च कर इसकी व्यवस्था करनी पड़ती थी।
परिषदीय स्कूलों के अलावा आरटीई के तहत गरीब बच्चों का प्रवेश लेने वाले निजी स्कूलों को भी यह राशि दी जाएगी। लेकिन इसके लिए शासन ने कुछ शर्तें बनाई हैं। राज्य की दाखिला नीति का पालन करने वाले स्कूलों को ही इस अनुदान योजना में शामिल किया जाएगा। स्कूलों की सूची बेसिक शिक्षाधिकारी को भेजनी होगी।
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शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पहले शिक्षकों टीएलएम दिया जाता था। इसका मकसद था कि शिक्षक पढ़ाई को बाल केंद्रित कर सकें। यानी कि चित्र और चार्ट के जरिये उन्हें समझाएं। इससे बच्चे जल्दी सीखेंगे और पढ़ाई भी आसान होगी। मगर तीन सालों से शासन ने इसके लिए बजट नहीं दिया। शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च कर इसकी व्यवस्था करनी पड़ती थी।
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परिषदीय स्कूलों के अलावा आरटीई के तहत गरीब बच्चों का प्रवेश लेने वाले निजी स्कूलों को भी यह राशि दी जाएगी। लेकिन इसके लिए शासन ने कुछ शर्तें बनाई हैं। राज्य की दाखिला नीति का पालन करने वाले स्कूलों को ही इस अनुदान योजना में शामिल किया जाएगा। स्कूलों की सूची बेसिक शिक्षाधिकारी को भेजनी होगी।
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