{"_id":"5a48fec44f1c1b1f168b636f","slug":"gorakhpur-city-failed-to-get-the-achievement-of-odf","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुले में शौच से मुक्त नहीं हो सका गोरखपुर शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुले में शौच से मुक्त नहीं हो सका गोरखपुर शहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:19 AM IST
विज्ञापन
खुले में शौच
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूरजकुंड धाम और रसूलपुर वार्ड ने गोरखपुर शहर को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) होने की राह में रोड़ा अटका दिया है। इन वार्ड के लोगों ने नगर निगम में आपत्तियां भेजकर कहा है कि शौचालय न होने से वार्ड के कई लोग अब भी खुले में शौच करने जाते हैं। इन आपत्तियों से मुख्यमंत्री की उस मंशा पर भी पानी फिर गया, जिसमें उन्होंने 31 दिसंबर तक गोरखपुर शहर को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य तय किया था। हकीकत भी यही है कि अब भी शहर के कई इलाकों ऐसे हैं जहां लोग खुले में शौच को जाते हैं।
नगर निगम ने शहर के 70 वार्डों को ओडीएफ घोषित करते हुए लोगों से 30 दिसंबर तक आपत्तियां मांगी थीं। अगर किसी वार्ड से इस संबंध में शिकायत न मिलती तो नगर निगम 31 दिसंबर को शहर को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर देता, लेकिन सूरजकुंड धाम और रसूलपुर वार्ड से कई आपत्तियां आने से नगर निगम की मंशा को झटका लगा।
मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि इन दोनों वार्डों से आपत्तियां मिली हैं। उधर, नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह का कहना है कि दो जनवरी को दोनों वार्डों में विभागीय कर्मचारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी। जिनके घर शौचालय नहीं होंगे, उनसे आवेदन लेकर वहां जल्द शौचालय बनवा दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम ने शहर के 70 वार्डों को ओडीएफ घोषित करते हुए लोगों से 30 दिसंबर तक आपत्तियां मांगी थीं। अगर किसी वार्ड से इस संबंध में शिकायत न मिलती तो नगर निगम 31 दिसंबर को शहर को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर देता, लेकिन सूरजकुंड धाम और रसूलपुर वार्ड से कई आपत्तियां आने से नगर निगम की मंशा को झटका लगा।
विज्ञापन
मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि इन दोनों वार्डों से आपत्तियां मिली हैं। उधर, नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह का कहना है कि दो जनवरी को दोनों वार्डों में विभागीय कर्मचारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी। जिनके घर शौचालय नहीं होंगे, उनसे आवेदन लेकर वहां जल्द शौचालय बनवा दिए जाएंगे।
विज्ञापन