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अल्ट्रासाउंड कराना है तो दो दिन बाद आइए
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Mon, 18 Jul 2016 07:39 PM IST
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अल्ट्रासाउंड के इंतजार में बैठी महिलाएं।
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जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की वेटिंग बढ़ती ही जा रही है। एकमात्र डॉक्टर होने से मरीजों को सांसत झेलनी पड़ रही है। शनिवार को पर्चा जमा करने वाले मरीजों का अल्ट्रासाउंड सोमवार को किया गया, जबकि सोमवार को आए मरीजों को दो दिन बाद की तारीख दी गई।
महिला अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई गई हैं पर इन्हें चलाने के लिए सिर्फ एक ही डॉक्टर की तैनाती है। अकेले होने से वह एक दिन में करीब 45 अल्ट्रासाउंड कर पाते हैं। इसके बाद महिलाओं को तारीख दे दी जाती है। महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन कई बार एडी हेल्थ को पत्र लिख चुका है मगर आज तक इस मुद्दे पर कोई पहल नहीं हुई।
महिला अस्पताल में रोजाना औसतन 65 महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए लिखा जाता है। इसके बाद ही उनका इलाज शुरू हो पाता है, लेकिन तब तक जांच नहीं हो पाती, उन्हें तकलीफ झेलनी पड़ती है। ऐसे में जिन महिलाओं को ज्यादा जरूरी होता है वे बाहर से अल्ट्रासाउंड कराती हैं।
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अस्पताल में एक रेडियोलॉजिस्ट होने से दिक्कत आ रही है। शासन को एक और रेडियोलॉजिस्ट के लिए पत्र लिखा गया है।
- डॉ. एके गुप्ता, एसआईसी, महिला अस्पताल
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महिला अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई गई हैं पर इन्हें चलाने के लिए सिर्फ एक ही डॉक्टर की तैनाती है। अकेले होने से वह एक दिन में करीब 45 अल्ट्रासाउंड कर पाते हैं। इसके बाद महिलाओं को तारीख दे दी जाती है। महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन कई बार एडी हेल्थ को पत्र लिख चुका है मगर आज तक इस मुद्दे पर कोई पहल नहीं हुई।
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महिला अस्पताल में रोजाना औसतन 65 महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए लिखा जाता है। इसके बाद ही उनका इलाज शुरू हो पाता है, लेकिन तब तक जांच नहीं हो पाती, उन्हें तकलीफ झेलनी पड़ती है। ऐसे में जिन महिलाओं को ज्यादा जरूरी होता है वे बाहर से अल्ट्रासाउंड कराती हैं।
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अस्पताल में एक रेडियोलॉजिस्ट होने से दिक्कत आ रही है। शासन को एक और रेडियोलॉजिस्ट के लिए पत्र लिखा गया है।
- डॉ. एके गुप्ता, एसआईसी, महिला अस्पताल