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तीमारदार को पीटा, मासूम को आईसीयू से निकाला
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 29 May 2016 07:59 PM IST
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मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल कॉलेज में फिर एक तीमारदार को डॉक्टर के गुस्से का शिकार होना पड़ा। शनिवार की देर रात तीमारदार ने मासूम बच्चे की सेहत पर डॉक्टर से सवाल क्या पूछा, डॉक्टर को इतना गुस्सा आ गया कि उन्होंने न सिर्फ तीमारदार को थप्पड़ जड़ दिया, बल्कि मरीज को आईसीयू से निकालकर जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया। हालांकि डॉक्टर ने खुद को बचाने के लिए मरीज को आईसीयू की जरूरत न होने की बात लिख दी।
पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल ककराहिया गांव निवासी धीरेंद्र का आठ महीने का बेटा अनमोल एक महीने से चिल्ड्रेन वार्ड के आईसीयू में भर्ती था। काफी इलाज के बाद भी उसकी सेहत में सुधार नहीं हो रहा था। शनिवार रात करीब डेढ़ बजे धीरेंद्र ने बेटे के बारे में डॉक्टर से पूछा तो डॉक्टर ने अपशब्द कहना शुरू कर दिया। मना करने पर गुस्से में थप्पड़ भी जड़ दिया।
तीमारदार को पिटते देखकर लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत तो करा दिया, मगर डॉक्टर का गुस्सा इतने पर भी शांत नहीं हुआ। उसने मासमू बच्चे को आईसीयू से निकालकर जनरल चिल्ड्रेन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। उधर धीरेंद्र डॉक्टर के व्यवहार से इतना सहम गया कि शिकायत करने की भी हिम्मत नहीं जुटा सका और प्राइवेट नर्सिंग होम जाने की तैयारी कर रहा है। एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने मामले को गंभीर बताया और कहा कि इसे देखा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
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रोजाना पीटे जा रहे तीमारदार
मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों को पीटे जाने का मामला काफी पुराना है। पिछले हफ्ते भी तीमारदारों को पीटे जाने की घटना सामने आई थी। मगर कॉलेज प्रशासन महज जांच का आश्वासन देकर कार्रवाई की इतिश्री कर लेता है। पीड़ितों का कहना है कि डॉक्टरों को समझाने के बजाय ज्यादा शिकायत करने पर मरीजों या उनके तीमारदारों को धमका कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया जाता है। शायद यही वजह है कि आए दिन हो रहीं ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल ककराहिया गांव निवासी धीरेंद्र का आठ महीने का बेटा अनमोल एक महीने से चिल्ड्रेन वार्ड के आईसीयू में भर्ती था। काफी इलाज के बाद भी उसकी सेहत में सुधार नहीं हो रहा था। शनिवार रात करीब डेढ़ बजे धीरेंद्र ने बेटे के बारे में डॉक्टर से पूछा तो डॉक्टर ने अपशब्द कहना शुरू कर दिया। मना करने पर गुस्से में थप्पड़ भी जड़ दिया।
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तीमारदार को पिटते देखकर लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत तो करा दिया, मगर डॉक्टर का गुस्सा इतने पर भी शांत नहीं हुआ। उसने मासमू बच्चे को आईसीयू से निकालकर जनरल चिल्ड्रेन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। उधर धीरेंद्र डॉक्टर के व्यवहार से इतना सहम गया कि शिकायत करने की भी हिम्मत नहीं जुटा सका और प्राइवेट नर्सिंग होम जाने की तैयारी कर रहा है। एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने मामले को गंभीर बताया और कहा कि इसे देखा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
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रोजाना पीटे जा रहे तीमारदार
मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों को पीटे जाने का मामला काफी पुराना है। पिछले हफ्ते भी तीमारदारों को पीटे जाने की घटना सामने आई थी। मगर कॉलेज प्रशासन महज जांच का आश्वासन देकर कार्रवाई की इतिश्री कर लेता है। पीड़ितों का कहना है कि डॉक्टरों को समझाने के बजाय ज्यादा शिकायत करने पर मरीजों या उनके तीमारदारों को धमका कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया जाता है। शायद यही वजह है कि आए दिन हो रहीं ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।