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मंगलवार को भी श्रद्धालुओं ने चढ़ाई खिचड़ी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 18 Jan 2017 01:34 AM IST
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गोरखनाथ मंदिर में पूजा करते लोग।
- फोटो : Rajesh Kumar
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गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंगलवार को फिर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। बुढ़वा मंगल के मौके पर सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे थे। धूप निकलने के साथ ही भीड़ इस कदर हो गई कि उन्हें नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों के अलावा सुरक्षा में लगे पुलिस वालों को भी जूझना पड़ा।
मकरसंक्रांति के बाद पड़ने वाला मंगलवार बुढ़वा मंगल कहलाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन बाबा को खिचड़ी चढ़ाने का उतना ही महात्म्य होता है जितना कि मकरसंक्रांति का। इस नाते मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में भारी भीड़ जुटी। सुबह 6 बजे ही मंदिर पर श्रद्धालु आने शुरू हो गए थे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया भीड़ भी बढ़ने लगी। दोपहर में इस कदर भीड़ हो गई कि उसे नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। महंत आदित्यनाथ इस दौरान स्वयं सुरक्षा का जायजा लेते रहे।
मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने मेले का भी आनंद उठाया। मेले में झूला चरखी, मौत के कुआं से लेकर हर मनोरंजन वाले स्थानों पर बच्चों से लेकर महिलाएं घूमतीं नजर आईं। चाय-नास्ते की दुकानों से लेकर क्रॉकरी की दुकानों पर भारी भीड़ रही।
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मकरसंक्रांति के बाद पड़ने वाला मंगलवार बुढ़वा मंगल कहलाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन बाबा को खिचड़ी चढ़ाने का उतना ही महात्म्य होता है जितना कि मकरसंक्रांति का। इस नाते मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में भारी भीड़ जुटी। सुबह 6 बजे ही मंदिर पर श्रद्धालु आने शुरू हो गए थे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया भीड़ भी बढ़ने लगी। दोपहर में इस कदर भीड़ हो गई कि उसे नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। महंत आदित्यनाथ इस दौरान स्वयं सुरक्षा का जायजा लेते रहे।
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मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने मेले का भी आनंद उठाया। मेले में झूला चरखी, मौत के कुआं से लेकर हर मनोरंजन वाले स्थानों पर बच्चों से लेकर महिलाएं घूमतीं नजर आईं। चाय-नास्ते की दुकानों से लेकर क्रॉकरी की दुकानों पर भारी भीड़ रही।
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