फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Development of Maanvela will be on the basis of no profit no loss

नो प्रॉफिट नो लॉस पर होगा मानबेला का विकास

Wed, 26 Apr 2017 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 26 Apr 2017 01:11 AM IST
विज्ञापन
Development of Maanvela will be on the basis of no profit no loss
गोरखपुर विकास प्राधिकरण। - फोटो : Amar Ujala
जमीन की कमी से जूझ रहे जीडीए को मानबेला के रूप में संजीवनी मिल गई है। जीडीए और किसानों के बीच सहमति बनने से 225 एकड़ जमीन अब जीडीए को मिल जाएगी। जीडीए आने वाले दस सालों में इसे विकसित कर इसे नया रूप देगा। राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना के अलावा यहां स्टेडियम, शॉपिंग कांप्लेक्स, बहुमंजिली आवासीय योजनाओं के जरिए इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। यह सारी योजनाएं नो प्रॉफिट नो लॉस पर संचालित होंगी।
विज्ञापन


2003 में मानबेला की 225 एकड़ भूमि का अधिग्रहण जीडीए ने किया। 2005 में जब उसने इस पर कब्जा पाने की कोशिश शुरू की तब किसान लामबंद हो गए। 2008 में कब्जे को लेकर किसानों पर लाठीचार्ज हुआ तो योगी आदित्यनाथ किसानों के पक्ष में खड़े हो गए। योगी के सीएम बनने के बाद से ही मामले में किसानों के पक्ष में निर्णय आने की उम्मीद थी। पिछले दिनों मानबेला के किसानों का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला तो उन्होंने प्रति हेक्टेयर दिया जाने वाला 28 लाख का मुआवजा प्रति एकड़ कर दिया। सीएम के हस्तक्षेप के चलते जीडीए प्रशासन सोमवार को किसानों के साथ हुई बैठक में प्रति हेक्टेयर 70 लाख रुपये का मुआवजा देने को राजी हो गया। इससे मानबेला में प्रस्तावित राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना के 963 आवंटियों के साथ ही 1200 किसानों को बड़ी राहत मिली है।
विज्ञापन


जीडीए वीसी ओएन सिंह ने बताया कि जीडीए मानबेला का विकास नो प्रॉफिट नो लॉस पर कराएगा। 25 एकड़ में स्टेडियम और 5 एकड़ में स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाया जाएगा। स्किल डेवलपमेंट सेंटर के जरिए किसानों के बच्चे रोजगार परक शिक्षा पा सकेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राप्तीनगर विस्तार तो मानबेला का एक हिस्सा
मानबेला की जमीन के एक हिस्से पर ही राप्तीनगर विस्तार योजना तैयार होगी। 963 आवंटियों के लिए 57.57 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। शेष रकबे पर जीडीए अन्य योजनाएं संचालित करेगा। जीडीए कुछ आवासीय परियोजनाएं शुरू कर यहां से धन भी जुटा सकेगा और इस आय को क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी कामों पर खर्च करेगा। 


अभी कमिश्नर का अप्रूवल बाकी
जीडीए प्रशासन और किसानों के बीच भूमि अधिग्रहण को लेकर सहमति भले ही बन गई है, पर इसे अभी कमिश्नर से अनुमति मिलनी बाकी है, जिसे हासिल कर जीडीए जल्द ही किसानों को मुआवजा बांटना शुरू कर देगा। वीसी ओएन सिंह ने बताया कि एक से डेढ़ हफ्ते में प्रक्रिया पूरी कर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed