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रोक के बावजूद भारत में प्रवेश कर नेपाल पहुंच रहे रोहिंग्या मुसलमान, काठमांडू में हुआ खुलासा
Sat, 14 Dec 2019 10:58 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, महाराजगंज
डिजिटल न्यूज डेस्क, महाराजगंज
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 14 Dec 2019 10:58 AM IST
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थाने में बैठे रोहिंग्या मुसलमान
- फोटो : file
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भारत सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों के भारत में प्रवेश पर रोक लगाई हुई है। फिर भी रोहिंग्या मुसलमान पच्चीस हजार रुपये खर्च कर एजेंटों के माध्यम से भारत होते हुए नेपाल पहुंच रहे हैं। यह भारत की सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर विषय है।
नेपाल खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के बाद भारत नेपाल सीमा बिहार में चौकसी बरती जा रही है। बीते गुरुवार को नेपाल की खुफिया एजेंसियों ने अंसार मोहमंद और हुसैन हामिद को काठमांडू में पकडा तब ये कलई खुल गई।
दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया कि एजेंट 25 हजार भारतीय रुपये लेकर नेपाल में सुरक्षित पहुंचा देते हैं। नेपाल खुफिया एजेंसी के मुताबिक पकड़े गए दोनों व्यक्ति नाम दर्ज (नेपाल में रहने का प्रमाण पत्र बनवाना) कराने काठमांडू में संबंधित कार्यालय में पहुंचे थे। यहीं से दोनों को पकड़ा गया।
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नेपाल खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के बाद भारत नेपाल सीमा बिहार में चौकसी बरती जा रही है। बीते गुरुवार को नेपाल की खुफिया एजेंसियों ने अंसार मोहमंद और हुसैन हामिद को काठमांडू में पकडा तब ये कलई खुल गई।
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दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया कि एजेंट 25 हजार भारतीय रुपये लेकर नेपाल में सुरक्षित पहुंचा देते हैं। नेपाल खुफिया एजेंसी के मुताबिक पकड़े गए दोनों व्यक्ति नाम दर्ज (नेपाल में रहने का प्रमाण पत्र बनवाना) कराने काठमांडू में संबंधित कार्यालय में पहुंचे थे। यहीं से दोनों को पकड़ा गया।
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सात महीने से रह रहे थे काठमांडू में
पकड़े गए दोनों लाेग सात महीने से काठमांडू के बूढ़ा नीलकंठ नगरपालिका 11 स्थित राम मंदिर के पास अवैध रूप से रह रहे हैं। अंसार मोहमंद और हामिद ने नेपाल में संयुक्त राष्ट्र संघ काठमांडू के कार्यालय में शरणार्थी की पहचान की मांग को लेकर निवदेन भी किया है, लेकिन अभी तक नामदर्ज नही हुआ है।
नेपाल पुलिस के अनुसार काठमांडू राममंदिर के पास 171 और काभरे जिले के पनोती मे 378 रोहिंग्या रह रहे हैं। रोहिंग्या को नेपाल लाने के लिए बांग्लादेश भारत और नेपाल में एक गिरोह सक्रिय है, जो 23 हजार प्रति व्यक्ति की दर से रकम लेकर बांग्लादेश से नेपाल पहुंचा देते हैं।
नेपाल के गृह सचिव प्रेम राई ने कहा कि नेपाल मे अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या पर निगरानी तेज कर दी गई है। रोहिंग्या ज्यादातर बांग्लादेश से बिहार के किसनगंज होते हुए भारत नेपाल की सीमा जोगबनी से नेपाल मे प्रवेश कर रहे हैं। इस संबंध में सोनौली एसएसबी के प्रभारी कंपनी कमांडर अंकित अग्रवाल ने बताया कि भारतीय सीमा में जवान चौबीस घंटे गश्त कर रहे हैं। पूरी तरह से जांच पड़ताल के बाद ही नेपाल में आने जाने दिया जाता है।
नेपाल पुलिस के अनुसार काठमांडू राममंदिर के पास 171 और काभरे जिले के पनोती मे 378 रोहिंग्या रह रहे हैं। रोहिंग्या को नेपाल लाने के लिए बांग्लादेश भारत और नेपाल में एक गिरोह सक्रिय है, जो 23 हजार प्रति व्यक्ति की दर से रकम लेकर बांग्लादेश से नेपाल पहुंचा देते हैं।
नेपाल के गृह सचिव प्रेम राई ने कहा कि नेपाल मे अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या पर निगरानी तेज कर दी गई है। रोहिंग्या ज्यादातर बांग्लादेश से बिहार के किसनगंज होते हुए भारत नेपाल की सीमा जोगबनी से नेपाल मे प्रवेश कर रहे हैं। इस संबंध में सोनौली एसएसबी के प्रभारी कंपनी कमांडर अंकित अग्रवाल ने बताया कि भारतीय सीमा में जवान चौबीस घंटे गश्त कर रहे हैं। पूरी तरह से जांच पड़ताल के बाद ही नेपाल में आने जाने दिया जाता है।