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समाजवाद न सिखाएं सत्ता के लालची : दीपक
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 03 Jan 2017 09:11 PM IST
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प्रेस वार्ता करते दीपक।
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समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व सचिव दीपक मिश्र ने पार्टी के राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके जैसे सत्ता के लालची और दल बदलने में माहिर लोग उन्हें (खाटी सपाइयों) समाजवाद की सीख न दें। वह और उन जैसे लोग राजनीति व्यवसाय और निजी दबदबे के लिए करते हैं।
मंगलवार को पत्रकारवार्ता के दौरान दीपक ने कहा कि जब समाजवादी बसपा की तानाशाह सरकार से लोकतंत्र बचाने की निर्णायक लड़ाई लड़ रहे थे, जेल जा रहे थे, लाठियां खा रहे थे, उस वक्त नरेश अग्रवाल बसपा के खेमे में बैठकर सपाइयों को कुचल रहे थे। वह पूंजीपतियों के एजेंट हैं जो समाजवादी विचारधारा, आंदोलन और पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। भाजपा में रहते हुए उन्होंने किस तरह से सांप्रदायिक एजेंडे को लागू किया, वह किसी से छिपा नहीं है। नेताजी, अखिलेश और शिवपाल के बीच भी ऐसे ही लोगों ने भ्रम पैदा किया है।
इसी तरह किरणमय नंदा के बयान पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह नेताजी की हैसियत पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। वह सपा को एक बार संकट में छोड़ कर जा चुके थे। जब बंगाल में विधायक का चुनाव हार गए, नेताजी ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित करा दिया। कितना हास्यास्पद है कि अब ऐसे लोग नेताजी की हैसियत आंक रहे हैं।
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मंगलवार को पत्रकारवार्ता के दौरान दीपक ने कहा कि जब समाजवादी बसपा की तानाशाह सरकार से लोकतंत्र बचाने की निर्णायक लड़ाई लड़ रहे थे, जेल जा रहे थे, लाठियां खा रहे थे, उस वक्त नरेश अग्रवाल बसपा के खेमे में बैठकर सपाइयों को कुचल रहे थे। वह पूंजीपतियों के एजेंट हैं जो समाजवादी विचारधारा, आंदोलन और पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। भाजपा में रहते हुए उन्होंने किस तरह से सांप्रदायिक एजेंडे को लागू किया, वह किसी से छिपा नहीं है। नेताजी, अखिलेश और शिवपाल के बीच भी ऐसे ही लोगों ने भ्रम पैदा किया है।
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इसी तरह किरणमय नंदा के बयान पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह नेताजी की हैसियत पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। वह सपा को एक बार संकट में छोड़ कर जा चुके थे। जब बंगाल में विधायक का चुनाव हार गए, नेताजी ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित करा दिया। कितना हास्यास्पद है कि अब ऐसे लोग नेताजी की हैसियत आंक रहे हैं।
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