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बढ़ने लगी मादक पदार्थों की तस्करी
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:12 PM IST
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बढ़ने लगी मादक पदार्थों की तस्करी
ट्रेनों के जरिए भी तस्कर गंतव्य तक पहुंचा रहे खेप
बिहार पुलिस और एसएसबी के जरिए हो चुकी है बड़ी बरामदगियां
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। नेपाल की सीमा नजदीक होने की वजह से बिहार और यूपी में मादक पदार्थों की बड़ी खेप पहुंचाई जा रही है। भारत, नेपाल की सीमा पर समय-समय पर होने वाली बरामदगियां इस ओर संकेत भी कर रही हैं।
नेपाल, बिहार और यूपी में तस्करों का जाल फैल चुका है। गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों के जरिए भी तस्कर अपने धंधे को अंजाम दे रहे हैं। एसएसबी व बिहार पुलिस के जरिए बड़ी मात्रा में चरस, गांजा, हेरोइन, शराब की बरामदगी भी होती रहती है। शराब तस्करों का नेटवर्क भी इस रूट पर सक्रिय है। कुशीनगर से सटे बिहार की सीमा नेपाल को जोड़ती है। यहां पर निगरानी के लिए सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) तैनात हैं। भारत नेपाल सीमा की भौगोलिक दुरूहता की वजह से तस्कर नेपाल से हेरोइन, चरस, गांजा, शराब, चाइनीज इलेक्ट्रॉनिक सामान, सोपारी, गरम मसाला, लौंग, इलाइची सहित तमाम सामान बिहार में पहुंचाते है। बिहार के नरकटियागंज, रक्सौल, साठी, सुगौली, बेतिया, बगहा, वाल्मीकि नगर रोड आदि स्टेशन नेपाल सीमा के नजदीक होने के चलते तस्कर आसानी से इसका लाभ उठाते है। सूत्रों की मानें तो इधर बिहार में पूर्ण शराब बंदी होने के चलते यूपी से बिहार को किए जाने वाले शराब की तस्करी में अवैध धंधे से जुड़े लोग ट्रेनों का सहारा ले रहे हैं। जीआरपी सीओ एसके राय ने बताया कि बड़े तस्करों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास चल रहा है। इस सिलसिले में पनियहवा चौकी पुलिस को सख्त हिदायत दी गई है। बिहार पुलिस व रेलवे पुलिस से संपर्क स्थापित कर मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाया जाएगा।
उधर, मादक पदार्थों की तस्करी हाल के वर्षों में बढ़ने का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि वर्ष 2016 से लेकर अब तक काफी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं। जांच के दौरान फरवरी 2018 में बेतिया पुलिस ने 70 लाख रुपये कीमत की चरस के साथ तस्करों को पकड़ा था। फरवरी 2018 में सुगौली से एसएसबी ने पांच करोड़ मूल्य का चरस बरामद किया था। इससे पहले जुलाई 2017 में एसएसबी ने पश्चिमी चंपारण जिले के शिकारपुर क्षेत्र से 58 किलो चरस बरामद किया था। सितंबर 2017 में चंपारण जिले के इनरवा क्षेत्र से करीब 20 करोड़ मूल्य का मादक पदार्थ बरामद हुआ था। मार्च 2017 में रक्सौल से सवा करोड़ मूल्य का हेरोइन बरामद हुआ था। वर्ष 2016 में सत्याग्रह एक्सप्रेस से वाल्मीकि नगर रोड स्टेशन पर एक महिला से 40 लाख रुपये का चरस एसएसबी ने बरामद किया था। दिसंबर 2016 में रामनगर पुलिस ने 20 लाख रुपये का नशीला पदार्थ बरामद किया था।
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ट्रेनों के जरिए भी तस्कर गंतव्य तक पहुंचा रहे खेप
बिहार पुलिस और एसएसबी के जरिए हो चुकी है बड़ी बरामदगियां
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। नेपाल की सीमा नजदीक होने की वजह से बिहार और यूपी में मादक पदार्थों की बड़ी खेप पहुंचाई जा रही है। भारत, नेपाल की सीमा पर समय-समय पर होने वाली बरामदगियां इस ओर संकेत भी कर रही हैं।
नेपाल, बिहार और यूपी में तस्करों का जाल फैल चुका है। गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों के जरिए भी तस्कर अपने धंधे को अंजाम दे रहे हैं। एसएसबी व बिहार पुलिस के जरिए बड़ी मात्रा में चरस, गांजा, हेरोइन, शराब की बरामदगी भी होती रहती है। शराब तस्करों का नेटवर्क भी इस रूट पर सक्रिय है। कुशीनगर से सटे बिहार की सीमा नेपाल को जोड़ती है। यहां पर निगरानी के लिए सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) तैनात हैं। भारत नेपाल सीमा की भौगोलिक दुरूहता की वजह से तस्कर नेपाल से हेरोइन, चरस, गांजा, शराब, चाइनीज इलेक्ट्रॉनिक सामान, सोपारी, गरम मसाला, लौंग, इलाइची सहित तमाम सामान बिहार में पहुंचाते है। बिहार के नरकटियागंज, रक्सौल, साठी, सुगौली, बेतिया, बगहा, वाल्मीकि नगर रोड आदि स्टेशन नेपाल सीमा के नजदीक होने के चलते तस्कर आसानी से इसका लाभ उठाते है। सूत्रों की मानें तो इधर बिहार में पूर्ण शराब बंदी होने के चलते यूपी से बिहार को किए जाने वाले शराब की तस्करी में अवैध धंधे से जुड़े लोग ट्रेनों का सहारा ले रहे हैं। जीआरपी सीओ एसके राय ने बताया कि बड़े तस्करों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास चल रहा है। इस सिलसिले में पनियहवा चौकी पुलिस को सख्त हिदायत दी गई है। बिहार पुलिस व रेलवे पुलिस से संपर्क स्थापित कर मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाया जाएगा।
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उधर, मादक पदार्थों की तस्करी हाल के वर्षों में बढ़ने का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि वर्ष 2016 से लेकर अब तक काफी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं। जांच के दौरान फरवरी 2018 में बेतिया पुलिस ने 70 लाख रुपये कीमत की चरस के साथ तस्करों को पकड़ा था। फरवरी 2018 में सुगौली से एसएसबी ने पांच करोड़ मूल्य का चरस बरामद किया था। इससे पहले जुलाई 2017 में एसएसबी ने पश्चिमी चंपारण जिले के शिकारपुर क्षेत्र से 58 किलो चरस बरामद किया था। सितंबर 2017 में चंपारण जिले के इनरवा क्षेत्र से करीब 20 करोड़ मूल्य का मादक पदार्थ बरामद हुआ था। मार्च 2017 में रक्सौल से सवा करोड़ मूल्य का हेरोइन बरामद हुआ था। वर्ष 2016 में सत्याग्रह एक्सप्रेस से वाल्मीकि नगर रोड स्टेशन पर एक महिला से 40 लाख रुपये का चरस एसएसबी ने बरामद किया था। दिसंबर 2016 में रामनगर पुलिस ने 20 लाख रुपये का नशीला पदार्थ बरामद किया था।
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