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रिश्तेदारों के सामने बेइज्जती नहीं सह पाया परिवार
Mon, 04 Feb 2019 12:29 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Mon, 04 Feb 2019 12:29 AM IST
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पीएम के लिए शव लेजाते लोग।
- फोटो : amar ujala
गोरखपुर। घर में भतीजी की शादी के दौरान ही सूदखोरों के तगादे से रमेश सदमे में आ गए थे। रिश्तेदारों के सामने ही सूदखोरों ने उनसे गाली गलौच की थी। इससे रमेश के कर्ज में डूबे होने की जानकारी उन रिश्तेदारों को भी हो गई जिससे कभी कभार ही मुलाकात होती थी। रिश्तेदारों के सामने हुई बेइज्जती से रमेश सदमे में आ गए थे और फिर आखिरकार उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
पैतृक आवास के पास ही रमेश के बड़े भाई नरेश का मकान है। परिवार वाले बताते हैं कि शुक्रवार को नरेश की बेटी की शादी और शनिवार को विदाई थी। शादी समारोह में शामिल होने आए रिश्तेदारों के बीच ही सूदखोरों की बेइज्जती से रमेश सदमे में आ गए थे और परिवार के साथ ही घर भी लौट आए थे। लेकिन फिर रिश्तेदारों के बुलाने पर शादी में शामिल होने गए थे। मगर इसके बाद से ही रमेश गुमसुम रहने लगे थे। परिवार के अन्य किसी सदस्य से वह कुछ भी साझा नहीं करते थे। रमेश के भाई और उनके परिवार के लोग ये तो जानते थे कि उसने कर्ज लिया है मगर किससे और कितना इसकी जानकारी पत्नी और बच्चों के अलावा किसी को नहीं थी।
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पैतृक आवास के पास ही रमेश के बड़े भाई नरेश का मकान है। परिवार वाले बताते हैं कि शुक्रवार को नरेश की बेटी की शादी और शनिवार को विदाई थी। शादी समारोह में शामिल होने आए रिश्तेदारों के बीच ही सूदखोरों की बेइज्जती से रमेश सदमे में आ गए थे और परिवार के साथ ही घर भी लौट आए थे। लेकिन फिर रिश्तेदारों के बुलाने पर शादी में शामिल होने गए थे। मगर इसके बाद से ही रमेश गुमसुम रहने लगे थे। परिवार के अन्य किसी सदस्य से वह कुछ भी साझा नहीं करते थे। रमेश के भाई और उनके परिवार के लोग ये तो जानते थे कि उसने कर्ज लिया है मगर किससे और कितना इसकी जानकारी पत्नी और बच्चों के अलावा किसी को नहीं थी।
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