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सीएम के भाई का दोस्त बता डॉक्टर से 10 लाख ठगे
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 27 Oct 2016 07:55 PM IST
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खुद को सीएम के भाई का दोस्त बताकर एक जालसाज ने डॉक्टर से 10 लाख रुपये हड़प लिए। उसने डॉक्टर की बेटी का सिक्किम मनीपाल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में दाखिला कराने का झांसा दिया था। सच्चाई का पता चलने पर डॉक्टर ने कैंट थाने में आरोपी और उसके साथियों पर केस दर्ज कराया।
होमियोपैथ चिकित्सक डॉ. विनोद सिंह की नहर रोड पर क्लिनिक है। 31 जुलाई को बिहार के आरा का रहने वाला संजीव सिंह राठौर अपनी पत्नी ज्योति सिंह को दिखाने उनकी क्लिनिक पर पहुंचा। इस दौरान वह फोन पर किसी से बात करते हुए सिक्किम के सीएम के भाई रूपेन चामलिंग को अपना दोस्त बताते हुए एमबीबीएस में एडमीशन कराने का दावा करने लगा। संजीव से प्रभावित होकर डॉक्टर ने जब उससे पूछा तो उसने सिक्किम मनीपाल यूनिवर्सिटी में कोटे से एडमीशन कराने की उन्हें भी जानकारी दी। डॉक्टर ने जब अपनी बेटी के लिए बात की तो जालसाज ने सीएम के भाई से बातचीत कराने के लिए उन्हें गंगटोक बुलाया। डॉक्टर विनोद सात अगस्त को जालसाज और उनके कई अन्य लोगों के साथ गंगटोक पहुंचे। वहां सभी एक होटल में रुके । आरोप है कि वहां उसने डॉक्टर से 3.60 लाख रुपये लिए। इसके बाद 21 अगस्त को फोन कर उसने डॉक्टर को चार लाख रुपये लेकर फिर गंगटोक बुलाया और एडमीशन की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी। डॉक्टर को भरोसा दिलाने के लिए संजीव ने उन्हें कई अधिकारियों से भी मिलवाया।
बेटी की मार्कशीट लेने के बाद वेरिफिकेशन के नाम पर उसने ढाई लाख रुपये और ले लिए। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसने ई-मेल से एडमीशन की सूचना आने की जानकारी दी पर दस दिन बाद भी इमेल नहीं आया तो डॉक्टर को संदेह हुआ। उन्होंने सिक्किम मनीपाल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को फोन कर छानबीन की तो उन्हें जालसाजी का पता चला। पता चला कि संजीव काठमांडू में रहता है। वहां भी कई लोगों के साथ वह जालसाजी कर चुका है। डॉक्टर विनोद सिंह की तहरीर पर कैंट पुलिस ने संजीव सिंह राठौर उसके सहयोगी मनोज, टुन्ना सिंह के खिलाफ जालसाजी कर रुपये हड़पने का केस दर्ज किया है।
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होमियोपैथ चिकित्सक डॉ. विनोद सिंह की नहर रोड पर क्लिनिक है। 31 जुलाई को बिहार के आरा का रहने वाला संजीव सिंह राठौर अपनी पत्नी ज्योति सिंह को दिखाने उनकी क्लिनिक पर पहुंचा। इस दौरान वह फोन पर किसी से बात करते हुए सिक्किम के सीएम के भाई रूपेन चामलिंग को अपना दोस्त बताते हुए एमबीबीएस में एडमीशन कराने का दावा करने लगा। संजीव से प्रभावित होकर डॉक्टर ने जब उससे पूछा तो उसने सिक्किम मनीपाल यूनिवर्सिटी में कोटे से एडमीशन कराने की उन्हें भी जानकारी दी। डॉक्टर ने जब अपनी बेटी के लिए बात की तो जालसाज ने सीएम के भाई से बातचीत कराने के लिए उन्हें गंगटोक बुलाया। डॉक्टर विनोद सात अगस्त को जालसाज और उनके कई अन्य लोगों के साथ गंगटोक पहुंचे। वहां सभी एक होटल में रुके । आरोप है कि वहां उसने डॉक्टर से 3.60 लाख रुपये लिए। इसके बाद 21 अगस्त को फोन कर उसने डॉक्टर को चार लाख रुपये लेकर फिर गंगटोक बुलाया और एडमीशन की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी। डॉक्टर को भरोसा दिलाने के लिए संजीव ने उन्हें कई अधिकारियों से भी मिलवाया।
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बेटी की मार्कशीट लेने के बाद वेरिफिकेशन के नाम पर उसने ढाई लाख रुपये और ले लिए। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसने ई-मेल से एडमीशन की सूचना आने की जानकारी दी पर दस दिन बाद भी इमेल नहीं आया तो डॉक्टर को संदेह हुआ। उन्होंने सिक्किम मनीपाल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को फोन कर छानबीन की तो उन्हें जालसाजी का पता चला। पता चला कि संजीव काठमांडू में रहता है। वहां भी कई लोगों के साथ वह जालसाजी कर चुका है। डॉक्टर विनोद सिंह की तहरीर पर कैंट पुलिस ने संजीव सिंह राठौर उसके सहयोगी मनोज, टुन्ना सिंह के खिलाफ जालसाजी कर रुपये हड़पने का केस दर्ज किया है।
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