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अब गन्ना शोध संस्थान की जमीन पर एम्स की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:05 AM IST
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आदित्यनाथ
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खुटहन और फर्टिलाइजर कैंपस के बाद अब कूड़ाघाट स्थित गन्ना शोध संस्थान की जमीन को एम्स के लिए उपयुक्त माना गया है। पीएमओ और राज्य सरकार के बीच इस सिलसिले में संवाद के बाद 22 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गोरखपुर में मौजूदगी के दौरान फर्टिलाइजर परिसर में नए खाद कारखाने के साथ ही गन्ना शोध संस्थान की जमीन पर एम्स का शिलान्यास तय माना जा रहा है।
सांसद एवं महंत आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल बंद फर्टिलाइजर कारखाने में नए खाद कारखाने की शुरुआत और गोरखपुर में एम्स के विषय पर बुधवार को उच्चस्तरीय गंभीर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने सांसद आदित्यनाथ से मंत्रणा की। एम्स के लिए प्रस्तावित जमीनों पर विवाद और बाधा पर चर्चाओं के बाद कूड़ाघाट स्थित गन्ना शोध संस्थान की जमीन के विकल्प पर विचार हुआ। गोरखपुर में 22 जुलाई को प्रधानमंत्री के दौरे का हवाला देते हुए पीएमओ के प्रधान सचिव ने यूपी के मुख्य सचिव से फोन पर वार्ता की।
सांसद आदित्यनाथ ने बताया कि इसी क्रम में प्रदेश शासन की तरफ से कूड़ाघाट स्थित गन्ना शोध संस्थान की जमीन पर एम्स की स्थापना का प्रस्ताव पीएमओ को उपलब्ध कराया गया। एम्स के लिए जरूरी करीब 200 एकड़ जमीन की जरूरत देखते हुए तय किया गया कि गन्ना शोध संस्थान की 130 एकड़ जमीन पर एम्स का चिकित्सकीय परिसर तामीर किया जा सकता है, जबकि इससे कुछ दूरी पर मौजूद करीब 80 एकड़ जमीन पर चिकित्सकों व स्टाफ की आवासीय व्यवस्था की जा सकती है।
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इन स्थितियों के बीच एम्स की स्थापना में रुकावटों का दौर खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री 22 जुलाई को गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने के साथ एम्स का भी शिलान्यास करेंगे।
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सांसद एवं महंत आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल बंद फर्टिलाइजर कारखाने में नए खाद कारखाने की शुरुआत और गोरखपुर में एम्स के विषय पर बुधवार को उच्चस्तरीय गंभीर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने सांसद आदित्यनाथ से मंत्रणा की। एम्स के लिए प्रस्तावित जमीनों पर विवाद और बाधा पर चर्चाओं के बाद कूड़ाघाट स्थित गन्ना शोध संस्थान की जमीन के विकल्प पर विचार हुआ। गोरखपुर में 22 जुलाई को प्रधानमंत्री के दौरे का हवाला देते हुए पीएमओ के प्रधान सचिव ने यूपी के मुख्य सचिव से फोन पर वार्ता की।
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सांसद आदित्यनाथ ने बताया कि इसी क्रम में प्रदेश शासन की तरफ से कूड़ाघाट स्थित गन्ना शोध संस्थान की जमीन पर एम्स की स्थापना का प्रस्ताव पीएमओ को उपलब्ध कराया गया। एम्स के लिए जरूरी करीब 200 एकड़ जमीन की जरूरत देखते हुए तय किया गया कि गन्ना शोध संस्थान की 130 एकड़ जमीन पर एम्स का चिकित्सकीय परिसर तामीर किया जा सकता है, जबकि इससे कुछ दूरी पर मौजूद करीब 80 एकड़ जमीन पर चिकित्सकों व स्टाफ की आवासीय व्यवस्था की जा सकती है।
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इन स्थितियों के बीच एम्स की स्थापना में रुकावटों का दौर खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री 22 जुलाई को गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने के साथ एम्स का भी शिलान्यास करेंगे।