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45 मिनट तक पटाखों के शोर से गूंजता रहा इलाका
Gorakhpur
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
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सहजनवां। आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जिसे जहां जगह मिली भागकर खुद का सुरक्षित किया। एक दुकान में पटाखों में आग लगते ही आग तेजी से फैलने लगी और देखते ही देखते 30 से ज्यादा दुकानों को चपेट में ले लिया। 45 मिनट तक पटाखों का शोर गूंजता रहा। हालांकि सुबह का समय होने की वजह से दुकानों पर खरीदारों की भीड़ कम थी जिसकी वजह से बड़ा हादसा टल गया।
बुधवार की सुबह पटाखों की दुकानों के आसपास काफी चहल-पहल थी। कुछ दुकानदार अपनी दुकानें सजाने में लगे थे तो कुछ के यहां खरीदार जुटे हुए थे। इसी बीच अचानक शुरू हुए पटाखों के शोर के साथ दुकानों में आग लग गई। इसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग अपनी गाड़ियां ले जाने में सफल रहे लेकिन तमाम लोगों की बाइक और साइकिलें आग की चपेट में आ गईं। हादसे के बाद मची भगदड़ में कुछ लोगों को गिरने से हल्की चोटें भी आई। पटाखों के शोर के चलते कोई आग बुझाने का साहस भी नहीं जुटा पा रहा था। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
दुकानदारों ने बिना अस्थाई लाइसेंस लिए दुकान लगा ली थी। नियमों के मुताबिक जब तक लाइसेंस नहीं मिल जाता तब तक दुकान लगाना अवैध है। दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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- अभय कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी
पटाखे की दुकानें अनाधिकृत रूप से लगाई गई थीं। दुकान लगाने के लिए तहसील प्रशासन ने मंडल समिति परिसर की जगह दी है। पटाखा लगाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश चंद्र तिवारी, एडीएम प्रशासन
पटाखे जलाते समय बरतें एहतियात
गोरखपुर। दिवाली पर पटाखे जलाने का चलन है लेकिन हर साल कहीं न कहीं पटाखे हादसे की वजह भी बनते हैं। यहीं नहीं इनसे निकलने वाला धुआं सांस के मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां तक संभव हो तेज धमाके वाले पटाखों से बचना चाहिए। रोशनी वाले पटाखे तेज आवाज वाले पटाखों की तुलना में कम खतरनाक होते हैं। पटाखे जलाते वक्त विशेष एहतियात बरतनी चाहिए। पटाखों से होने वाले हादसों और प्रदूषण के मद्देनजर जिला अस्पताल प्रशासन ने एहतियाती तैयारी की है। आंख व चर्मरोग विभाग के डॉक्टर ऑन कॉल 24 घंटे की सेवा देंगे। इनके अलावा बर्न वार्ड के चिकित्सकों को भी सजग किया गया है। जलने में प्रयुक्त होने वाली दवाएं इमरजेंसी में रखी गई हैं। उत्साह के साथ दिवाली मनाएं लेकिन सुरक्षा का भी ख्याल रखें।
इन बातों का रखें ध्यान
0 पटाखा जलाते समय बच्चों पर नजर रखें।
0 बालू और पानी से भरी बाल्टी पास रखें।
0 पटाखे जलाते समय प्राथमिक चिकित्सा किट पास रखें। इसमें एंटीसेप्टिक मरहम, पट्टी, रूई आदि शामिल हैं।
0 बच्चों को पटाखों से कम से कम 20 मीटर दूर रखें।
0 बच्चों को आवाज के साथ छिटकने वाले पटाखों से दूर रखें।
0 आग लगाने के बाद पटाखा न फूटे तो अति उत्साह में उसके पास न जाएं। बड़े डंडे से उसे हटा दें।
0 पटाखे जलाते समय सूती कपड़े पहनना ही बेहतर है।
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बुधवार की सुबह पटाखों की दुकानों के आसपास काफी चहल-पहल थी। कुछ दुकानदार अपनी दुकानें सजाने में लगे थे तो कुछ के यहां खरीदार जुटे हुए थे। इसी बीच अचानक शुरू हुए पटाखों के शोर के साथ दुकानों में आग लग गई। इसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग अपनी गाड़ियां ले जाने में सफल रहे लेकिन तमाम लोगों की बाइक और साइकिलें आग की चपेट में आ गईं। हादसे के बाद मची भगदड़ में कुछ लोगों को गिरने से हल्की चोटें भी आई। पटाखों के शोर के चलते कोई आग बुझाने का साहस भी नहीं जुटा पा रहा था। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
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दुकानदारों ने बिना अस्थाई लाइसेंस लिए दुकान लगा ली थी। नियमों के मुताबिक जब तक लाइसेंस नहीं मिल जाता तब तक दुकान लगाना अवैध है। दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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- अभय कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी
पटाखे की दुकानें अनाधिकृत रूप से लगाई गई थीं। दुकान लगाने के लिए तहसील प्रशासन ने मंडल समिति परिसर की जगह दी है। पटाखा लगाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश चंद्र तिवारी, एडीएम प्रशासन
पटाखे जलाते समय बरतें एहतियात
गोरखपुर। दिवाली पर पटाखे जलाने का चलन है लेकिन हर साल कहीं न कहीं पटाखे हादसे की वजह भी बनते हैं। यहीं नहीं इनसे निकलने वाला धुआं सांस के मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां तक संभव हो तेज धमाके वाले पटाखों से बचना चाहिए। रोशनी वाले पटाखे तेज आवाज वाले पटाखों की तुलना में कम खतरनाक होते हैं। पटाखे जलाते वक्त विशेष एहतियात बरतनी चाहिए। पटाखों से होने वाले हादसों और प्रदूषण के मद्देनजर जिला अस्पताल प्रशासन ने एहतियाती तैयारी की है। आंख व चर्मरोग विभाग के डॉक्टर ऑन कॉल 24 घंटे की सेवा देंगे। इनके अलावा बर्न वार्ड के चिकित्सकों को भी सजग किया गया है। जलने में प्रयुक्त होने वाली दवाएं इमरजेंसी में रखी गई हैं। उत्साह के साथ दिवाली मनाएं लेकिन सुरक्षा का भी ख्याल रखें।
इन बातों का रखें ध्यान
0 पटाखा जलाते समय बच्चों पर नजर रखें।
0 बालू और पानी से भरी बाल्टी पास रखें।
0 पटाखे जलाते समय प्राथमिक चिकित्सा किट पास रखें। इसमें एंटीसेप्टिक मरहम, पट्टी, रूई आदि शामिल हैं।
0 बच्चों को पटाखों से कम से कम 20 मीटर दूर रखें।
0 बच्चों को आवाज के साथ छिटकने वाले पटाखों से दूर रखें।
0 आग लगाने के बाद पटाखा न फूटे तो अति उत्साह में उसके पास न जाएं। बड़े डंडे से उसे हटा दें।
0 पटाखे जलाते समय सूती कपड़े पहनना ही बेहतर है।