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महेसरा पुल के निर्माण में देरी पर योगी खफा
Gorakhpur
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। महेसरा पुल के निर्माण में हो रही देरी से खफा सदर सांसद योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को चेताया। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक और डीएम से भी इस मामले की शिकायत करते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। बकौल योगी, एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक ने लोक निर्माण विभाग के सचिव से बात कर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया है। इस मामले में डीएम रवि कुमार एनजी ने भी योगी को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने का आश्वासन दिया है।
शनिवार को इस पुल से गुजरते वक्त योगी ने इसका निरीक्षण किया। उनकी तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि इस पुल के लिए सितंबर 2009 में ही 925 लाख रुपये स्वीकृत करवाया गया था। एनएचएआई ने निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी थी लेकिन उसने एक वर्ष से अधिक समय डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने में लगा दिया।
उन्होंने कहा कि संसद में निरंतर आवाज उठाने तथा भारत सरकर के सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री से बातचीत के बाद जनवरी 2011 में लोक निर्माण विभाग की देखरेख में मेसर्स जनता एसोसिएट ने काम शुरू कराया। 23 माह में एनएचएआई ने निर्माण कार्य के लिए 332 लाख रुपये जारी किए बावजूद इसके अब तक इस पुल का एक भी पीलर नहीं बन सका। योगी ने बताया कि पिछले करीब एक साल से पुल का निर्माण कार्य भी ठप पड़ा है। उन्होंने एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक और यहां के डीएम से फोन पर ही बात की और कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ हो रहे इस धोखे के कारण जनता को हो रही भारी परेशानी को संज्ञान में लिया जाना चाहिए।
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शनिवार को इस पुल से गुजरते वक्त योगी ने इसका निरीक्षण किया। उनकी तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि इस पुल के लिए सितंबर 2009 में ही 925 लाख रुपये स्वीकृत करवाया गया था। एनएचएआई ने निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी थी लेकिन उसने एक वर्ष से अधिक समय डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने में लगा दिया।
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उन्होंने कहा कि संसद में निरंतर आवाज उठाने तथा भारत सरकर के सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री से बातचीत के बाद जनवरी 2011 में लोक निर्माण विभाग की देखरेख में मेसर्स जनता एसोसिएट ने काम शुरू कराया। 23 माह में एनएचएआई ने निर्माण कार्य के लिए 332 लाख रुपये जारी किए बावजूद इसके अब तक इस पुल का एक भी पीलर नहीं बन सका। योगी ने बताया कि पिछले करीब एक साल से पुल का निर्माण कार्य भी ठप पड़ा है। उन्होंने एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक और यहां के डीएम से फोन पर ही बात की और कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ हो रहे इस धोखे के कारण जनता को हो रही भारी परेशानी को संज्ञान में लिया जाना चाहिए।
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