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आसमान में फैली धुंध की चादर
Gorakhpur
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। मौसम का मिजाज तेजी से बदला है। सर्दियों की गुनगुनी धूप पर आसमान में फैली धुंध भारी पड़ रही है। सुबह और शाम को धुंध की परत देखने को मिल रही है। लोगों को गाड़ियां चलाने में काफी दिक्कत आ रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की हवा चलने से धूल के कण नीचे ही रह जा रहे हैं, जिससे धुंध की परत बन रही है।
नवंबर महीने में आसमान में धुंध की परत बनती है लेकिन यह काफी हल्की होती है। हवा चलने पर धुंध छंट जाती है और आसमान पूरी तरह से साफ हो जाता है। लेकिन इस साल धुंध की परत इतनी मोटी है कि शाम चार बजे ही अंधेरा हो जा रहा है। पिछले दो दिनों से रात में हल्का कोहरा भी पड़ने लगा है। भारतीय मौसम विभाग के सहायक मौसम वैज्ञानिक शफीक अहमद कहते हैं कि वातावरण में मौजूद धूल के कण सुबह और शाम नमी बढ़ने पर जमीन के नजदीक आ जाते हैं। इनकी एक परत-सी बन जाती है। धुएं से यह परत और मोटी हो जाती है। जिससे सूर्य का प्रकाश सतह के नीचे नहीं आ पाता है और अंधेरा छाने लगता है। जब हवा तेज चलती है तो यह परत छंट जाती है। बताया कि धुंध की परत तेज हवा के चलने या पश्चिमी विक्षोभ के बनने पर ही हटेगी।
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नवंबर महीने में आसमान में धुंध की परत बनती है लेकिन यह काफी हल्की होती है। हवा चलने पर धुंध छंट जाती है और आसमान पूरी तरह से साफ हो जाता है। लेकिन इस साल धुंध की परत इतनी मोटी है कि शाम चार बजे ही अंधेरा हो जा रहा है। पिछले दो दिनों से रात में हल्का कोहरा भी पड़ने लगा है। भारतीय मौसम विभाग के सहायक मौसम वैज्ञानिक शफीक अहमद कहते हैं कि वातावरण में मौजूद धूल के कण सुबह और शाम नमी बढ़ने पर जमीन के नजदीक आ जाते हैं। इनकी एक परत-सी बन जाती है। धुएं से यह परत और मोटी हो जाती है। जिससे सूर्य का प्रकाश सतह के नीचे नहीं आ पाता है और अंधेरा छाने लगता है। जब हवा तेज चलती है तो यह परत छंट जाती है। बताया कि धुंध की परत तेज हवा के चलने या पश्चिमी विक्षोभ के बनने पर ही हटेगी।
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