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हड़ताल पर वाणिज्य कर अफसर
Updated Tue, 11 Jul 2017 06:51 PM IST
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गोरखपुर।
समान कार्य, समान पदनाम और समान वेतन की मांग लेकर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। अधिकारियों ने हेल्प डेस्क ठप रखी। इसके साथ ही आंदोलन को तेज करने के लिए गोरखपुर से केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य धरना-प्रदर्शन में शामिल होने लखनऊ पहुंच गए।
मंगलवार को वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने जीएसटी के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क पर आने वाली कॉल अटेंड नहीं की। भोजनावकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्य वाणिज्य कर के अधिकारियों की भूमिका और काम पूरी तरह से केंद्र के वाणिज्य विभाग के अधिकारियों की तरह हो गए हैं। जीएसटी को सफल बनाने के लिए राज्य वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी जी-जान से जुटे रहे। सेमिनार किया गया, व्यापारियों के इलाके में जाकर कैंप लगाकर जीएसटी से जुड़ी जानकारी दी गई। किसी भी दृष्टिकोण से राज्य कर विभाग के अधिकारियों का काम केंद्र के वाणिज्य कर अधिकारियों से कम नहीं है। ऐसे में दोनों में भेदभाव सही नहीं है। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर विजय कुमार ने कहा कि सरकार को उनकी मांगें जल्द से जल्द सुननी चाहिए ताकि जीएसटी रफ्तार पकड़ सके। उन्होंने बताया कि गोरखपुर से केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य अनिल मिश्रा और मृत्युंजय सिंह लखनऊ गए हैं। गोरखपुर के अधिकारी 14 जुलाई को वहां होने वाले धरने में शामिल होंगे। 17 जुलाई को सभी अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, जबकि 18 जुलाई को पूरे प्रदेश के अधिकारी एवं कर्मचारी लखनऊ में विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। मंगलवार को विरोध प्रदर्शन में ओपी सिंह, अनिल चतुर्वेदी, रामकेश्वर, एके सिंह, अमित पाठक, सुरेंद्र बहादुर, आरके सिंह, जीएन राय, प्रमोद कुमार, विनय कुमार गुप्ता, प्रमोद कुमार आदि मौजूद थे।
समान कार्य, समान पदनाम और समान वेतन की मांग लेकर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। अधिकारियों ने हेल्प डेस्क ठप रखी। इसके साथ ही आंदोलन को तेज करने के लिए गोरखपुर से केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य धरना-प्रदर्शन में शामिल होने लखनऊ पहुंच गए।
मंगलवार को वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने जीएसटी के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क पर आने वाली कॉल अटेंड नहीं की। भोजनावकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्य वाणिज्य कर के अधिकारियों की भूमिका और काम पूरी तरह से केंद्र के वाणिज्य विभाग के अधिकारियों की तरह हो गए हैं। जीएसटी को सफल बनाने के लिए राज्य वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी जी-जान से जुटे रहे। सेमिनार किया गया, व्यापारियों के इलाके में जाकर कैंप लगाकर जीएसटी से जुड़ी जानकारी दी गई। किसी भी दृष्टिकोण से राज्य कर विभाग के अधिकारियों का काम केंद्र के वाणिज्य कर अधिकारियों से कम नहीं है। ऐसे में दोनों में भेदभाव सही नहीं है। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर विजय कुमार ने कहा कि सरकार को उनकी मांगें जल्द से जल्द सुननी चाहिए ताकि जीएसटी रफ्तार पकड़ सके। उन्होंने बताया कि गोरखपुर से केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य अनिल मिश्रा और मृत्युंजय सिंह लखनऊ गए हैं। गोरखपुर के अधिकारी 14 जुलाई को वहां होने वाले धरने में शामिल होंगे। 17 जुलाई को सभी अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, जबकि 18 जुलाई को पूरे प्रदेश के अधिकारी एवं कर्मचारी लखनऊ में विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। मंगलवार को विरोध प्रदर्शन में ओपी सिंह, अनिल चतुर्वेदी, रामकेश्वर, एके सिंह, अमित पाठक, सुरेंद्र बहादुर, आरके सिंह, जीएन राय, प्रमोद कुमार, विनय कुमार गुप्ता, प्रमोद कुमार आदि मौजूद थे।
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