फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   ‘केरवा के पात पर उगा हे सुरुजदेव...’

‘केरवा के पात पर उगा हे सुरुजदेव...’

Thu, 15 Nov 2018 01:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Thu, 15 Nov 2018 01:26 AM IST
विज्ञापन
‘केरवा के पात पर उगा हे सुरुजदेव...’
घाटों पर महिलाओं ने छठ पूजा की। - फोटो : amar ujala
गोरखपुर। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद से ही महिलाएं उदीयमान सूर्य के अर्घ्य देने की तैयारियों में जुट गई थीं। भोर में तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की टोलियां छठ घाटों की ओर रवाना हो गईं। समूह में मंगल गीत गातीं महिलाओं के साथ परिवार के पुरुष सदस्य भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

छठ घाट पर पहुंचते ही व्रतियों ने पहले वेदी पूजन किया। जल कलश रखकर धूप, दीप से पूजा की। फिर घुटने तक पानी में खड़े होकर छठ मइया की आराधना में जुट गईं। बिजली के झालरों और दीपों की सजावट के बीच व्रती महिलाओं के आस्था से दमकते चेहरों ने छठ घाटों दृश्य का अलौकिक कर दिया। सूर्योदय होते ही घाटों पर अर्घ्य देने की होड़ शुरू हुई, बारी-बारी सभी ने पानी में खड़े होकर अर्घ्य दिया और व्रत का पारण किया। इसके बाद घाट पर प्रसाद बांटने का सिलसिला देर तक चलता रहा।
विज्ञापन

यहां रहा अलौकिक नजारा

सूर्यकुंड धाम, गोरखनाथ सरोवर, महेसरा घाट, राजघाट, सहारा इस्टेट, तकिया घाट, रामगढ़ताल, गोरखनाथ मंदिर स्थित भीत ताल, मानसरोवर पर बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। प्रशासन की ओर से की गई प्रकाश की व्यवस्था से सभी छठ घाट रोशन नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

पंडालों में भी छठ पूजा

बौलिया कॉलोनी, कूड़ाघाट, आवास विकास कॉलोनी, इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलंदपुर, गोरखपुर यूनिवर्सिटी, बेतियाहाता, मोहद्दीपुर सहित क्षेत्रों में पार्क कॉलोनी के आसपास बने अस्थायी तालाबों के पास स्थापित छठ माता की प्रतिमाओं की पूजा हुई। उदयाचल सूर्य को व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया। देर शाम तक विभिन्न पूजा समितियों ने छठ माता की प्रतिमाओं का विसर्जन किया।

देर रात से सुबह तक गूंजते रहे छठ गीत

मारबो रे सुगवा धनुष से सुगा गिरे मुरझाय..., केरवा जे फरेला घवद में..., कांच ह बांस क बहंगिया लचकत जाए... सरीखे छठ गीत देर रात से ही घाट और उसके आसपास के क्षेत्र गूंजते रहे। यह सिलसिला सुबह तक चला। राप्ती नदी के किनारे भक्तों का ऐसा सैलाब उमड़ा की पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।

सक्रिय रहे स्वयंसेवक

शहर के विभिन्न घाटों पर स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। विभिन्न घाटों पर व्यापारियों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से स्टॉल लगाए गए। कुछ स्टालों से पूजा के लिए कपूर, अगरबत्ती और गाया का दूध बांटा गया। पूजा के समापन तक स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed