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पडरौना चीनी मिल चालू होने की जगी उम्मीद
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:23 PM IST
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कुशीनगर। पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी कपड़ा मंत्रालय की पडरौना चीनी मिल को देखने सांसद के साथ डीएम बृहस्पतिवार को पहुंचे। डीएम का कहना था कि शासन की तरफ से चीनी मिल की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई थी। इसलिए इसका मुआयना किया गया। उन्होंने बताया कि अगर कोई इस चीनी मिल को चलवाना चाहे तो भारत सरकार का कपड़ा मंत्रालय इस मिल के मेंटेनेंस पर 15 करोड़ रुपये तक खर्च करने के लिए तैयार है। मिल की स्थिति के बारे में रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
सांसद राजेश पांडेय बृहस्पतिवार को डीएम आंद्रा वामसी और एसपी यमुना प्रसाद के साथ पडरौना चीनी मिल पहुंचे। दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने चीनी मिल के ब्वायलर, टरबाइन, डोंगा सहित अन्य संयंत्रों का घूमकर जायजा लिया। साथ वहां मौजूद लोगों से चीनी मिल को संचालित कराने में आने वाले खर्च के बारे में जानकारी ली। डीएम का कहना था कि शासन की तरफ से चीनी मिल की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई थी। इसलिए इसका मुआयना किया गया। उन्होंने बताया कि अगर कोई इस चीनी मिल को चलवाना चाहे तो भारत सरकार का कपड़ा मंत्रालय इस मिल के मेंटीनेंस पर 15 करोड़ रुपये तक खर्च करने के लिए तैयार है। मिल की स्थिति के बारे में रिपोर्ट भेजी जाएगी। सांसद राजेश पांडेय ने कहा कि उन्होंने चीनी मिल की स्थिति से गन्ना मंत्री को अवगत कराया था। उनके निर्देश पर शासन ने चीनी मिल की स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि कई उद्यमी इस चीनी मिल को चलवाने के लिए सहमत हैं। यदि इसकी अनमुति उन्हें मिल जाए तो इस चीनी मिल को वे अगले पेराई सत्र से चलवा सकते हैं। अभी यह चीनी मिल कपड़ा मंत्रालय के अधीन है।
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सांसद राजेश पांडेय बृहस्पतिवार को डीएम आंद्रा वामसी और एसपी यमुना प्रसाद के साथ पडरौना चीनी मिल पहुंचे। दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने चीनी मिल के ब्वायलर, टरबाइन, डोंगा सहित अन्य संयंत्रों का घूमकर जायजा लिया। साथ वहां मौजूद लोगों से चीनी मिल को संचालित कराने में आने वाले खर्च के बारे में जानकारी ली। डीएम का कहना था कि शासन की तरफ से चीनी मिल की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई थी। इसलिए इसका मुआयना किया गया। उन्होंने बताया कि अगर कोई इस चीनी मिल को चलवाना चाहे तो भारत सरकार का कपड़ा मंत्रालय इस मिल के मेंटीनेंस पर 15 करोड़ रुपये तक खर्च करने के लिए तैयार है। मिल की स्थिति के बारे में रिपोर्ट भेजी जाएगी। सांसद राजेश पांडेय ने कहा कि उन्होंने चीनी मिल की स्थिति से गन्ना मंत्री को अवगत कराया था। उनके निर्देश पर शासन ने चीनी मिल की स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि कई उद्यमी इस चीनी मिल को चलवाने के लिए सहमत हैं। यदि इसकी अनमुति उन्हें मिल जाए तो इस चीनी मिल को वे अगले पेराई सत्र से चलवा सकते हैं। अभी यह चीनी मिल कपड़ा मंत्रालय के अधीन है।
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