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गोरखधाम में चढ़ना है तीन बार लाइन में लगे
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गोरखधाम में चढ़ने के लिए तीन बार लाइन में लग रहे यात्री
- टोकन व्यवस्था से अफरातफरी रुकी पर अब नई मुश्किलें
- सुबह सात बजे ही छोटे बच्चों के साथ पहुंचने को मजबूर हैं यात्री
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखधाम एक्सप्रेस में टोकन व्यवस्था लागू होने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने में रेल प्रशासन ने कामयाबी पा ली है लेकिन अब यात्रियों के सामने एक नई मुश्किल आ गई है। ट्रेन में चढ़ने के लिए उन्हें तीन बार लाइन लगाना पड़ रहा है। पत्नी और छोटे बच्चों के साथ सुबह सात से आठ बजे तक बहुत सारे यात्री स्टेशन पहुंच जा रहे हैं। इसके बाद भी सीट मिलने की गारंटी नहीं है।
नई व्यवस्था में यात्री पहले लाइन में लगकर जनरल टिकट ले रहे हैं। इसके बाद प्लेटफॉर्म दो पर लाइन लगवाकर टोकन दिया जा रहा है। टोकन लेने के बाद यात्री फिर लाइन में लगकर ट्रेन में चढ़ रहे हैं। तीन बार लाइन में लगने के लिए यात्रियों को ट्रेन आने के पांच से छह घंटे पहले स्टेशन पहुंचना पड़ रहा है। जो यात्री देर में आ रहे हैं उन्हें सीट नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को सुबह 11.30 बजे से आरपीएफ की निगरानी में टोकन बंटना शुरू हो गया। दो घंटे में 500 से ज्यादा यात्रियों ने टोकन हासिल कर लिए।
एक मशीन हुई बंद
टोकन देने के लिए प्लेटफार्म दो पर दो मशीनें लगी हैं। मंगलवार को एक मशीन में पेपर रोल फंस गया और मशीन बंद हो गई। इसके बाद एक मशीन से टोकन दिया गया। टोकन लेने के लिए लंबी लाइन लग गई।
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स्पीकअप
सुबह सात बजे आया
सुबह सात बजे ही बच्चे और पत्नी के साथ स्टेशन आ गया। खुशकिस्मत हूं कि पहला टोकन मिल गया। बच्चे भूखे थे उन्हें खाना लाकर खिलाया हूं। अब यकीन है कि सीट मिल जाएगी।
अमरनाथ, सीवान
तीन बार लाइन में लगा
हिसार जाना था, गोरखधाम एक्सप्रेस वहां तक जाती है। यही कारण है इससे जाना पड़ा। सुबह आठ बजे स्टेशन पहुंचा। तीन बार लाइन में लगा हूं। बहुत परेशानी हुई है।
आलम अंसारी, कुशीनगर
भूख-प्यास लगी है पर जा नहीं सकते
अब तो तीन बार लाइन में लगना पड़ रहा है। भूख-प्यास लगी है फिर नहीं जा सकते हैं। महिला कोच लग नहीं रहा है। टोकन है देखते हैं सीट मिल पाती है या नहीं।
नीतू पांडेय, गोपालगंज
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- टोकन व्यवस्था से अफरातफरी रुकी पर अब नई मुश्किलें
- सुबह सात बजे ही छोटे बच्चों के साथ पहुंचने को मजबूर हैं यात्री
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखधाम एक्सप्रेस में टोकन व्यवस्था लागू होने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने में रेल प्रशासन ने कामयाबी पा ली है लेकिन अब यात्रियों के सामने एक नई मुश्किल आ गई है। ट्रेन में चढ़ने के लिए उन्हें तीन बार लाइन लगाना पड़ रहा है। पत्नी और छोटे बच्चों के साथ सुबह सात से आठ बजे तक बहुत सारे यात्री स्टेशन पहुंच जा रहे हैं। इसके बाद भी सीट मिलने की गारंटी नहीं है।
नई व्यवस्था में यात्री पहले लाइन में लगकर जनरल टिकट ले रहे हैं। इसके बाद प्लेटफॉर्म दो पर लाइन लगवाकर टोकन दिया जा रहा है। टोकन लेने के बाद यात्री फिर लाइन में लगकर ट्रेन में चढ़ रहे हैं। तीन बार लाइन में लगने के लिए यात्रियों को ट्रेन आने के पांच से छह घंटे पहले स्टेशन पहुंचना पड़ रहा है। जो यात्री देर में आ रहे हैं उन्हें सीट नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को सुबह 11.30 बजे से आरपीएफ की निगरानी में टोकन बंटना शुरू हो गया। दो घंटे में 500 से ज्यादा यात्रियों ने टोकन हासिल कर लिए।
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एक मशीन हुई बंद
टोकन देने के लिए प्लेटफार्म दो पर दो मशीनें लगी हैं। मंगलवार को एक मशीन में पेपर रोल फंस गया और मशीन बंद हो गई। इसके बाद एक मशीन से टोकन दिया गया। टोकन लेने के लिए लंबी लाइन लग गई।
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सुबह सात बजे आया
सुबह सात बजे ही बच्चे और पत्नी के साथ स्टेशन आ गया। खुशकिस्मत हूं कि पहला टोकन मिल गया। बच्चे भूखे थे उन्हें खाना लाकर खिलाया हूं। अब यकीन है कि सीट मिल जाएगी।
अमरनाथ, सीवान
तीन बार लाइन में लगा
हिसार जाना था, गोरखधाम एक्सप्रेस वहां तक जाती है। यही कारण है इससे जाना पड़ा। सुबह आठ बजे स्टेशन पहुंचा। तीन बार लाइन में लगा हूं। बहुत परेशानी हुई है।
आलम अंसारी, कुशीनगर
भूख-प्यास लगी है पर जा नहीं सकते
अब तो तीन बार लाइन में लगना पड़ रहा है। भूख-प्यास लगी है फिर नहीं जा सकते हैं। महिला कोच लग नहीं रहा है। टोकन है देखते हैं सीट मिल पाती है या नहीं।
नीतू पांडेय, गोपालगंज