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तहसील दिवस छोड़ धरने पर रहे लेखपाल
Updated Wed, 04 Oct 2017 01:19 AM IST
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गोरखपुर। शैक्षिक अर्हता स्नातक करने, पदनाम राजस्व उप निरीक्षक करने समेत छह लंबित मांगों को पूरा न होने से खफा जिले के लेखपालों ने तहसील मुख्यालयों पर तहसील दिवस का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। नाराज लेखपालों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष नीलकंठधर दूबे, जिला मंत्री जगदीश प्रसाद ने बताया कि लेखपाल 17 अक्तूबर को धरना प्रदर्शन के साथ ही सभी तरह के प्रमाण पत्रों को बनाने के काम का बहिष्कार करेंगे। इसी क्रम में 31 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने के बाद ज्ञापन देंगे। सात नवंबर से वे वृहद आंदोलन करेंगे। सदर तहसील पर हुए धरने की अध्यक्षता बालाजी पांडेय तथा संचालन सह संयोजक विद्यासागर ने किया। धरने में हरिप्रकाश श्रीवास्तव, रामकेवल सिंह, मनोज कुमार सिंह, मृदुला सिंह, रामनगीना पटेल, उमेश, आफताब आलम सिद्दकी, मोहम्मद जावेद, सुनील कुमार सिंह, दिनेश, पंकज, रामसूरत समेत कई लेखपाल मौजूद रहे।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष नीलकंठधर दूबे, जिला मंत्री जगदीश प्रसाद ने बताया कि लेखपाल 17 अक्तूबर को धरना प्रदर्शन के साथ ही सभी तरह के प्रमाण पत्रों को बनाने के काम का बहिष्कार करेंगे। इसी क्रम में 31 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने के बाद ज्ञापन देंगे। सात नवंबर से वे वृहद आंदोलन करेंगे। सदर तहसील पर हुए धरने की अध्यक्षता बालाजी पांडेय तथा संचालन सह संयोजक विद्यासागर ने किया। धरने में हरिप्रकाश श्रीवास्तव, रामकेवल सिंह, मनोज कुमार सिंह, मृदुला सिंह, रामनगीना पटेल, उमेश, आफताब आलम सिद्दकी, मोहम्मद जावेद, सुनील कुमार सिंह, दिनेश, पंकज, रामसूरत समेत कई लेखपाल मौजूद रहे।
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