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प्रदर्शनी में दिखा स्वाधीनता संग्राम का संघर्ष
Updated Mon, 25 Sep 2017 08:23 PM IST
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गोरखपुर।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती समारोह के अंतर्गत उत्तर-प्रदेश राजकीय अभिलेखागार और राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 में प्रदेश के योगदान विषय पर दुर्लभ दस्तावेजों की प्रदर्शनी की आयोजन किया गया। इसमें क्रांति के संघर्ष में शामिल क्रांतिकारी नेताओं, सैनिकों, किसानों, दस्तकारों के योगदान को दर्शाया गया, जिन्होंने अपने देशभक्ति पूर्ण संघर्ष, नि:स्वार्थ बलिदान से भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखा।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय में आयोजित प्रदर्शनी में झांसी, लखनऊ, कानपुर, जालौन, फर्रुखाबाद में क्रांति से संबंधित अभिलेख प्रदर्शित किए गए हैं। कानपुर में क्रांति का विस्फोट, अवध में स्वतंत्र सरकार का गठन, बेगम हजरत महल का नेपाल प्रस्थान, तात्या टोपे की गिरफ्तारी, रानी लक्ष्मीबाई के विरुद्ध आरोप पत्र एवं संपत्ति जब्ती के आदेश समेत अन्य चित्र शामिल हैं। मुख्य अतिथि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्राचीन इतिहास विभाग के आचार्य प्रो. एसपी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। संयोजन अमित अग्निहोत्री, क्षेत्रीय अभिलेख अधिकारी, इलाहाबाद की ओर से किया गया। इस दौरान राजकीय अभिलेखागार लखनऊ के प्राविधिक सहायक अमिताभ पांडेय व अंजनी त्रिपाठी एवं संग्रहालय के वरिष्ठ कर्मी संजीव कुमार उपाध्याय, शिवनाथ, जन-कन्हैया मिश्र, घनश्याम मौर्य, हरीश तिवारी, बीडी राय, योगेंद्र तिवारी आदि मौजूद थे।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती समारोह के अंतर्गत उत्तर-प्रदेश राजकीय अभिलेखागार और राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 में प्रदेश के योगदान विषय पर दुर्लभ दस्तावेजों की प्रदर्शनी की आयोजन किया गया। इसमें क्रांति के संघर्ष में शामिल क्रांतिकारी नेताओं, सैनिकों, किसानों, दस्तकारों के योगदान को दर्शाया गया, जिन्होंने अपने देशभक्ति पूर्ण संघर्ष, नि:स्वार्थ बलिदान से भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखा।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय में आयोजित प्रदर्शनी में झांसी, लखनऊ, कानपुर, जालौन, फर्रुखाबाद में क्रांति से संबंधित अभिलेख प्रदर्शित किए गए हैं। कानपुर में क्रांति का विस्फोट, अवध में स्वतंत्र सरकार का गठन, बेगम हजरत महल का नेपाल प्रस्थान, तात्या टोपे की गिरफ्तारी, रानी लक्ष्मीबाई के विरुद्ध आरोप पत्र एवं संपत्ति जब्ती के आदेश समेत अन्य चित्र शामिल हैं। मुख्य अतिथि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्राचीन इतिहास विभाग के आचार्य प्रो. एसपी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। संयोजन अमित अग्निहोत्री, क्षेत्रीय अभिलेख अधिकारी, इलाहाबाद की ओर से किया गया। इस दौरान राजकीय अभिलेखागार लखनऊ के प्राविधिक सहायक अमिताभ पांडेय व अंजनी त्रिपाठी एवं संग्रहालय के वरिष्ठ कर्मी संजीव कुमार उपाध्याय, शिवनाथ, जन-कन्हैया मिश्र, घनश्याम मौर्य, हरीश तिवारी, बीडी राय, योगेंद्र तिवारी आदि मौजूद थे।
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