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राप्ती खतरे के निशान से 1.50 मी. ऊपर

Sun, 20 Aug 2017 11:43 PM IST
Updated Sun, 20 Aug 2017 11:43 PM IST
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राप्ती खतरे के निशान से 1.50 मी. ऊपर
संतकबीरनगर। जिले की तीनों नदियां राप्ती, घाघरा और आमी उफान पर हैं। राप्ती खतरे के निशान से डेढ़ मीटर और घाघरा 30 सेमी ऊपर बह रही है। इससे एमबीडी बांध और घाघरा के बीच बसे 18 गांवों में पानी घुस गया है। प्रभावित गांवों के लोग बंध पर शरण लिए हुए हैं। राप्ती के करमैनी- बेलौली तटबंध पर नौगों, बेलौली और विशुनपुर बांगर के पास लगातार दबाव बना रही है। जबकि घाघरा खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। घाघरा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की गिरावट आई है। पौली एवं रोसया प्रतिनिधियों के अनुसार रविवार को घाघरा के जलस्तर में पांच सेमी की कमी दर्ज की गई। बावजूद इसके नदी खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर बह रही है। एमबीडी बांध और घाघरा के बीच में बसे कंचनपुर,ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सियारामअधीन,सीयर कला, दौलतपुर, भौवापार, गायघाट, भरवटिया, जगदीशपुर, खालेपुरवा, पटौवा, आगापुर गुलरिहा,खैरगाड,कटहा, चकदहा,सरैया,छितौनी समेत 18 गांवों के लोग घरों में पानी घुस जाने की वजह से बांध पर शरण लिए हुए है।ं बाढ़ पीड़ित रामबली, श्यामबली, रामगति यादव , रजई फूलचंद, रामशंकर, लालचंद,कैलाश,सुभागी, प्रमिला ,इसलावती आदि ने बताया कि घरों में पानी घुस जाने से शुक्रवार से बांध पर परिवार सहित आए हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। जो कुछ घर से लाए हैं, उसी से काम चला रहे हैं। वहीं एसडीएम रामजीवन ने बताया कि क्षेत्र में 18 नावें लगा दी गई है। बाढ़ से प्रभावित 18 गांवों के करीब 1000 परिवार बांध पर पहुंच चुके है। सत्य नारायन इंटर कॉलेज तिघरा में बाढ़ पीड़ितों के ठहरने की व्यवस्था है। यहां जनरेटर भी लगवाया गया है, लेकिन बाढ़ पीड़ित तटबंध पर ही रह रहे हैं। पूड़ी सब्जी भेजवाई गई तो कुछ लोगों ने ली और कुछ ने मना कर दिए। लोग अनाज दिलाने की मांग कर रहे थे। जिसकी व्यवस्था कराई जा रही है। पालीथीन का वितरण करा दिया गया था। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे लोग डरे हुए हैं कि कहीं 1998 जैसी त्रासदी न आ जाए। फिलहाल नदी का जलस्तर 1998 से 19 सेमी नीचे है। बढ़ते जलस्तर से जहां तटबंध में कई स्थानों पर रिसाव हो रहा है। नौगों में करीब दस मीटर तटबंध का स्लोप धस गया। फिलहाल इसे दुरुस्त करा दिया गया है। अति संवेदनशील कटान स्थल नौगों, विशुनपुर व बेलौली में नदी बांध पर लगातार दबाव बना रही है। नदी खतरे के निशान से डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है।
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बेलहर प्रतिनिधि के अनुसार, आमी के बढ़ते जल स्तर से लोग भयभीत हैं। नंदौर- रुधौली मार्ग पर छपिया पुल के पास पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। राहगीर घनश्याम, सावित्री देवी, रामधनी, कल्लू, रामसुमेर ने बताया कि पानी का बहाव बहुत तेज है। जिससे आने- जाने पर डर लग रहा है। इस रोड पर पानी भर जाने के नन्दौर से रुधौली मार्ग की बसों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे में बस रुधौली की तरफ आकर छपिया गांव तक और नंदौर की तरफ से पहुंच कर धुसुकपुरवा तक ही जा पा रही है। जिससे यात्रियों को लगभग तीन किलोमीटर तक पैदल ही चलना पड़ रहा है। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आरएन सिंह यादव ने बताया कि राप्ती डेंजर लाइन से डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है। 19.2 किलोमीटर लंबे करमैनी- बेलौली तटबंध की लगातार निगरानी की जा रही है और बांध पर सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं। नौगों में तटबंध का स्लोप बैठ गया था, जिसे तत्काल ठीक करा लिया गया है। कहीं से भी तटबंध डैमेज नही होने पाएगा। वहीं घाघरा का डेंजर लाइन से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी पानी शनिवार की तुलना में पांच सेंटीमीटर घटा है।
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