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‘वोट उसे, जो निजी स्कूलों की मनमानी पर कसे नकेल’
Tue, 16 Apr 2019 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2019 01:44 AM IST
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सभी ने दूसरों को नारी सशक्तिकरण की अहमियत समझाने का भी संकल्प लिया।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। बात की मतदान की है तो महिलाओं की जिम्मेदारी भी बड़ी है। वे पहले से सशक्त हुई हैं। गोरखपुर केसरवानी वैश्य महिला सभा का स्पष्ट मत है कि वह उसी पार्टी के पक्ष में मतदान करेगी, जो निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कस सके। इस पर रोक न लगने से अभिभावकों की गाढ़ी कमाई से निजी स्कूल प्रबंधन अपनी जेब भर रहे हैं। यह बात सभा की सदस्यों ने सोमवार को अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत ‘राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी’ पर विमर्श के दौरान कही।
अमर उजाला के सिटी ऑफिस में हुए विमर्श के दौरान सरिता और रश्मि केसरवानी ने कहा कि हर साल शिक्षा का खर्च बढ़ रहा है। दो संतानों के दाखिले पर 50-60 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। सरकार दावा तो करती है मगर सिर्फ नियम बना देने से फीस बढ़ोतरी और हर साल पाठ्यक्रम बदलने की मनमानी नहीं रुक रही। प्रतिमा, प्रीति और रानी केसरवानी ने कहा कि अभिभावकों को नई किताबें और ड्रेस लेने पर मजबूर किया जाता है। शकुंतला और मनोरमा ने कहा कि महिलाओं को वोट की कीमत समझनी होगी। रेनू बोलीं, मतदान के प्रति केसरवानी समाज में भी जागरूकता बढ़ी है। कमलेश और पूजा ने युवा प्रत्याशी को वोट देने की बात कही। आखिर में सभी ने दूसरों को नारी सशक्तिकरण की अहमियत समझाने का भी संकल्प लिया।
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अमर उजाला के सिटी ऑफिस में हुए विमर्श के दौरान सरिता और रश्मि केसरवानी ने कहा कि हर साल शिक्षा का खर्च बढ़ रहा है। दो संतानों के दाखिले पर 50-60 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। सरकार दावा तो करती है मगर सिर्फ नियम बना देने से फीस बढ़ोतरी और हर साल पाठ्यक्रम बदलने की मनमानी नहीं रुक रही। प्रतिमा, प्रीति और रानी केसरवानी ने कहा कि अभिभावकों को नई किताबें और ड्रेस लेने पर मजबूर किया जाता है। शकुंतला और मनोरमा ने कहा कि महिलाओं को वोट की कीमत समझनी होगी। रेनू बोलीं, मतदान के प्रति केसरवानी समाज में भी जागरूकता बढ़ी है। कमलेश और पूजा ने युवा प्रत्याशी को वोट देने की बात कही। आखिर में सभी ने दूसरों को नारी सशक्तिकरण की अहमियत समझाने का भी संकल्प लिया।
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