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नया जिला बना पर रेलवे स्टेशन का नाम पुराना
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:31 AM IST
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जिला नया, रेलवे स्टेशन का नाम वही पुराना
पूर्वोत्तर रेलवे के क्षेत्र में बने 10 नए जिले
स्टेशन के नाम बदलने की प्रक्रिया ही भूले
राजन राय
गोरखपुर। अगर इंटरनेट पर जिला और उसी के मुताबिक मुख्यालय स्टेशन खोजने लगे तो उलझ जाएंगे। जिले के नाम पर रेलवे स्टेशन नहीं मिलेगा। दरअसल, सियासी दांव-पेच में राज्य सरकारों ने बीत दो दशक में पूर्वोत्तर रेलवे के दायरे में 10 नए जिले बना डाले। इनमें दो जिले नैनीताल और श्रावस्ती ऐसे हैं जहां रेलमार्ग की सुविधा नहीं है लेकिन अन्य जिला मुख्यालयों के स्टेशन का नाम बदलवाना राज्य सरकारें भूल गईं।
ज्यादातर नए जिले बदलने का काम बसपा और कांग्रेस राज में हुआ। कांशीराम, महामायानगर, अंबेडकरनगर, संत रविदास नगर, अंबेडकरनगर आदि जिले बसपा सरकार ही में बनाए गए। खलीलाबाद जिले का भी नाम बदलकर संतकबीरनगर रखा गया। गोरखपुर से एक हिस्सा अलग कर कांग्रेस सरकार में महराजगंज जिला बनाया गया था।
योगी सरकार ने की पहल
पूर्वोत्तर रेलवे में जिले का नाम बदलने के साथ ही पहली बार रेलवे स्टेशन का भी नाम बदलने की पहल योगी सरकार ने की है। इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदलने के बाद अब मुख्यालय के रेल स्टेशनों के नाम बदलने के लिए भी रेलवे को पत्र भेजा गया है।
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नाम बदलने की प्रक्रिया
नाम बदलने के लिए राज्य सरकार, रेलवे को पत्र लिखकर सिफारिश करती है। रेलवे की ओर गृह मंत्रालय को सूचति किया जाता है। उसकी अनुमति से स्टेशन का नाम बदला जाता है। हाल ही में मुगलसराय स्टेशन का भी नाम दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन किया गया है।
जिला बदला, स्टेशन वही
नया जिला रेलवे स्टेशन
संत रविदास नगर भदोही
महराजगंज सिसवा
सिद्धार्थनगर नौगढ़
श्रावस्ती स्टेशन नहीं
संतकबीरनगर खलीलाबाद
उधमसिंह नगर रुद्रपुर सिटी
नैनीताल स्टेशन नहीं
कांशीराम नगर कासगंज
महामाया नगर हाथरस
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पूर्वोत्तर रेलवे के क्षेत्र में बने 10 नए जिले
स्टेशन के नाम बदलने की प्रक्रिया ही भूले
राजन राय
गोरखपुर। अगर इंटरनेट पर जिला और उसी के मुताबिक मुख्यालय स्टेशन खोजने लगे तो उलझ जाएंगे। जिले के नाम पर रेलवे स्टेशन नहीं मिलेगा। दरअसल, सियासी दांव-पेच में राज्य सरकारों ने बीत दो दशक में पूर्वोत्तर रेलवे के दायरे में 10 नए जिले बना डाले। इनमें दो जिले नैनीताल और श्रावस्ती ऐसे हैं जहां रेलमार्ग की सुविधा नहीं है लेकिन अन्य जिला मुख्यालयों के स्टेशन का नाम बदलवाना राज्य सरकारें भूल गईं।
ज्यादातर नए जिले बदलने का काम बसपा और कांग्रेस राज में हुआ। कांशीराम, महामायानगर, अंबेडकरनगर, संत रविदास नगर, अंबेडकरनगर आदि जिले बसपा सरकार ही में बनाए गए। खलीलाबाद जिले का भी नाम बदलकर संतकबीरनगर रखा गया। गोरखपुर से एक हिस्सा अलग कर कांग्रेस सरकार में महराजगंज जिला बनाया गया था।
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योगी सरकार ने की पहल
पूर्वोत्तर रेलवे में जिले का नाम बदलने के साथ ही पहली बार रेलवे स्टेशन का भी नाम बदलने की पहल योगी सरकार ने की है। इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदलने के बाद अब मुख्यालय के रेल स्टेशनों के नाम बदलने के लिए भी रेलवे को पत्र भेजा गया है।
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नाम बदलने की प्रक्रिया
नाम बदलने के लिए राज्य सरकार, रेलवे को पत्र लिखकर सिफारिश करती है। रेलवे की ओर गृह मंत्रालय को सूचति किया जाता है। उसकी अनुमति से स्टेशन का नाम बदला जाता है। हाल ही में मुगलसराय स्टेशन का भी नाम दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन किया गया है।
जिला बदला, स्टेशन वही
नया जिला रेलवे स्टेशन
संत रविदास नगर भदोही
महराजगंज सिसवा
सिद्धार्थनगर नौगढ़
श्रावस्ती स्टेशन नहीं
संतकबीरनगर खलीलाबाद
उधमसिंह नगर रुद्रपुर सिटी
नैनीताल स्टेशन नहीं
कांशीराम नगर कासगंज
महामाया नगर हाथरस