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उत्साह के साथ हर चेहरे पर दिखा कौतूहल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 21 Sep 2016 07:58 PM IST
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यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में वोट डालने के लिए मतदाता पत्र लेती छात्राएं।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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एक दशक बाद हुए गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह के साथ कौतूहल भी था। हर विद्यार्थी छात्रसंघ को लेकर मन में बनी छवि को चुनाव प्रक्रिया में तलाश रहा था। इन सबके बीच मतदाता होने का अहसास उनमें रह-रहकर जोश भी भर रहा था। उत्साह, कौतूहल और जोश की होड़ में छात्राएं आगे खड़ी दिखीं। मतदान और प्रचार को लेकर छात्राओं का उत्साह सभी को हैरान कर रहा था। छात्रसंघ चुनाव में पहली बार छात्राएं मुखर होकर अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगती दिखीं।
मतपेटियों के सील न हो पाने से 25 मिनट देर से 9.25 पर मतदान का सिलसिला शुरू हुआ। ऐसे में समय से पहुंच गए वोटरों को कतार में इंतजार करना पड़ा। शुरुआती दौर में मतदान धीमा चला लेकिन जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, मतदाताओं का ग्राफ भी बढ़ता गया। 11 बजते-बजते पूरा परिसर वोटरों से भर गया। वोटरों की तादाद को देख प्रत्याशी और उसके समर्थकों में भी जोश चढ़ गया और वो एक-एक वोट के लिए हर संभव कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिस की सख्ती उनके इस उत्साह पर भारी पड़ रही थी।
यह सख्ती तब और बढ़ गई जब डीएम और एसएसपी पहुंच गए। उनके निर्देश पर एसपी सिटी ने प्रत्याशियों और एजेंटों को मतदान केंद्र से दूर कर दिया, जिसका नतीजा प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में फैले आक्रोश के रूप में देखने को मिला। हालांकि पुलिस के रुख को देखते हुए प्रत्याशियों ने समझौता कर लिया और वे परिसर में सड़क पर ही वोट मांगते लगे। दोपहर दो बजे के बाद मतदाताओं का रुझान भांपकर कुछ प्रत्याशियों ने तो प्रचार से किनारा कस लिया लेकिन अपने को लड़ाई में समझने वाले प्रत्याशी और समर्थक अंत समय तक डटे रहे।
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कुल वोट - 12296
मत पड़े - 6256 (50.87 प्रतिशत)
कुल छात्र वोट - 6097
मत पड़े - 3741 (61.31 प्रतिशत)
कुल छात्रा वोट - 6199
मत पड़े - 2515 (40.57 प्रतिशत)
(दीक्षा भवन में पड़े मत - 2515, कला संकाय में पड़े मत - 2365, मजीठिया भवन में पड़े मत- 1376)
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मतपेटियों के सील न हो पाने से 25 मिनट देर से 9.25 पर मतदान का सिलसिला शुरू हुआ। ऐसे में समय से पहुंच गए वोटरों को कतार में इंतजार करना पड़ा। शुरुआती दौर में मतदान धीमा चला लेकिन जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, मतदाताओं का ग्राफ भी बढ़ता गया। 11 बजते-बजते पूरा परिसर वोटरों से भर गया। वोटरों की तादाद को देख प्रत्याशी और उसके समर्थकों में भी जोश चढ़ गया और वो एक-एक वोट के लिए हर संभव कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिस की सख्ती उनके इस उत्साह पर भारी पड़ रही थी।
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यह सख्ती तब और बढ़ गई जब डीएम और एसएसपी पहुंच गए। उनके निर्देश पर एसपी सिटी ने प्रत्याशियों और एजेंटों को मतदान केंद्र से दूर कर दिया, जिसका नतीजा प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में फैले आक्रोश के रूप में देखने को मिला। हालांकि पुलिस के रुख को देखते हुए प्रत्याशियों ने समझौता कर लिया और वे परिसर में सड़क पर ही वोट मांगते लगे। दोपहर दो बजे के बाद मतदाताओं का रुझान भांपकर कुछ प्रत्याशियों ने तो प्रचार से किनारा कस लिया लेकिन अपने को लड़ाई में समझने वाले प्रत्याशी और समर्थक अंत समय तक डटे रहे।
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छात्रसंघ चुनाव में पड़े 51 फीसदी मत
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में 51 फीसदी विद्यार्थियों ने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें छात्रों का प्रतिशत 61 फीसदी से अधिक रहा, जबकि 40 फीसदी से छात्राओं ने भागीदारी की है। चुनाव में कुल 12,296 विद्यार्थियों को वोटर बनाया गया था, जिनमें से 6256 विद्यार्थी वोट देने पहुंचे। चुनाव में मतदान का आंकड़ा कुछ यूं रहा-कुल वोट - 12296
मत पड़े - 6256 (50.87 प्रतिशत)
कुल छात्र वोट - 6097
मत पड़े - 3741 (61.31 प्रतिशत)
कुल छात्रा वोट - 6199
मत पड़े - 2515 (40.57 प्रतिशत)
(दीक्षा भवन में पड़े मत - 2515, कला संकाय में पड़े मत - 2365, मजीठिया भवन में पड़े मत- 1376)