{"_id":"5b9e8f94867a557ed33fc4c8","slug":"41537118100-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमएमएमयूटी में शार्ट टर्म कोर्स का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमएमएमयूटी में शार्ट टर्म कोर्स का समापन
Updated Sun, 16 Sep 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरोसिन का इस्तेमाल महिलाओं के लिए हानिकारक : तारा
एमएमएमयूटी में हुआ शार्ट टर्म कोर्स का समापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में चल रहे शार्ट टर्म कोर्स का समापन रविवार को हुआ। यूनाइटेड फॉर होप की अध्यक्ष तारा मैक्कार्टनी ने स्मार्ट विलेज के अवधारणा को बहुत ही तार्किक तरीके से प्रस्तुत किया। तारा ने बताया की हमारी संस्था स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आधारभूत परिवर्तन की तरफ अग्रसर है। गांवों में आज भी केरोसिन का प्रयोग प्रकाश के लिए हो रहा है जो कि महिलाओं की स्वास्थ्य की लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है।
उन्होंने स्मार्ट विलेज के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ सामाजिक उद्यम, शैक्षिक योजनाएं एवं सामुदायिक सेवा के बारे में विस्तार से बताया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरूक्षेत्र के प्रो. अश्विनी कुमार ने विनियमित विद्युत मार्केट में उपलब्ध स्थानांतरण क्षमता के निर्धारण पर व्याख्यान दिया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के डॉ मनोज त्रिपाठी ने इनोवेटिव पाइलट रिलेईग स्किमस फॉर कंपनसेटेड लाइंस तथा दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रो. मदन मोहन त्रिपाठी ने स्मार्ट ग्रिड एवं विद्युत अभियंत्रण में नव सृजित तकनीकी के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर प्रो एसके श्रीवास्तव, संयोजक डॉ प्रभाकर तिवारी, समन्यवक डॉ अवधेश कुमार, डॉ शेखर यादव, डॉ एलबी प्रसाद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
एमएमएमयूटी में हुआ शार्ट टर्म कोर्स का समापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में चल रहे शार्ट टर्म कोर्स का समापन रविवार को हुआ। यूनाइटेड फॉर होप की अध्यक्ष तारा मैक्कार्टनी ने स्मार्ट विलेज के अवधारणा को बहुत ही तार्किक तरीके से प्रस्तुत किया। तारा ने बताया की हमारी संस्था स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आधारभूत परिवर्तन की तरफ अग्रसर है। गांवों में आज भी केरोसिन का प्रयोग प्रकाश के लिए हो रहा है जो कि महिलाओं की स्वास्थ्य की लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है।
उन्होंने स्मार्ट विलेज के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ सामाजिक उद्यम, शैक्षिक योजनाएं एवं सामुदायिक सेवा के बारे में विस्तार से बताया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरूक्षेत्र के प्रो. अश्विनी कुमार ने विनियमित विद्युत मार्केट में उपलब्ध स्थानांतरण क्षमता के निर्धारण पर व्याख्यान दिया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के डॉ मनोज त्रिपाठी ने इनोवेटिव पाइलट रिलेईग स्किमस फॉर कंपनसेटेड लाइंस तथा दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रो. मदन मोहन त्रिपाठी ने स्मार्ट ग्रिड एवं विद्युत अभियंत्रण में नव सृजित तकनीकी के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर प्रो एसके श्रीवास्तव, संयोजक डॉ प्रभाकर तिवारी, समन्यवक डॉ अवधेश कुमार, डॉ शेखर यादव, डॉ एलबी प्रसाद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन