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परिषदीय विद्यालयों में मानक से ज्यादा नहीं होंगे शिक्षक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 23 Jul 2018 01:48 AM IST
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गोरखपुर। जिले के किसी भी परिषदीय विद्यालय में अब मानक से ज्यादा शिक्षक नहीं रहेंगे। उन्हें दूसरे विद्यालयों पर समायोजित किया जाएगा। साथ ही शिक्षकों की सहूलियत के लिए पारस्परिक स्थानांतरण के लिए भी मंजूरी मिल गई है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता चार कमेटी का निर्धारण किया गया है। बीएसए इसके सचिव होंगे। पांच अगस्त तक प्रक्रिया पूरी होगी।
इसके लिए बेसिक शिक्षा सचिव का निर्देश सभी जिला मुख्यालयों में पहुंच गया है। इसके तहत सत्र 2017-18 में शिक्षकों के समायोजन और परस्पर स्थानांतरण के लिए उन विद्यालयों की सूची बनाई जाएगी। इसके लिए 30 सितंबर 2017 की छात्र संख्या को आधार बनाया जाएगा। समायोजन का आधार किसी भी विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बनेगी। नियम के मुताबिक किसी विद्यालय में एक शिक्षक पर विद्यार्थियों की संख्या 40 से अधिक और 20 से कम नहीं होनी चाहिए।
जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के सापेक्ष शिक्षकों की संख्या ज्यादा होगी, वहां से शिक्षक दूसरे विद्यालयों पर भेजे जाएंगे। नई व्यवस्था के अंतर्गत सभी विद्यालयों में समानांतर शिक्षक हो जाएंगे। आदेश में यह स्पष्ट है कि किसी भी कीमत पर कोई विद्यालय एकल व बंद नहीं होगा। साथ ही कोई जूनियर विद्यालय विज्ञान और गणित के शिक्षकों से खाली नहीं रहेगा। समायोजन का अंतिम निर्णय समिति ही करेगी। इसके एक सदस्य डायट प्राचार्य और एक सदस्य खंड शिक्षा अधिकारी होंगे।
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इसके लिए बेसिक शिक्षा सचिव का निर्देश सभी जिला मुख्यालयों में पहुंच गया है। इसके तहत सत्र 2017-18 में शिक्षकों के समायोजन और परस्पर स्थानांतरण के लिए उन विद्यालयों की सूची बनाई जाएगी। इसके लिए 30 सितंबर 2017 की छात्र संख्या को आधार बनाया जाएगा। समायोजन का आधार किसी भी विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बनेगी। नियम के मुताबिक किसी विद्यालय में एक शिक्षक पर विद्यार्थियों की संख्या 40 से अधिक और 20 से कम नहीं होनी चाहिए।
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जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के सापेक्ष शिक्षकों की संख्या ज्यादा होगी, वहां से शिक्षक दूसरे विद्यालयों पर भेजे जाएंगे। नई व्यवस्था के अंतर्गत सभी विद्यालयों में समानांतर शिक्षक हो जाएंगे। आदेश में यह स्पष्ट है कि किसी भी कीमत पर कोई विद्यालय एकल व बंद नहीं होगा। साथ ही कोई जूनियर विद्यालय विज्ञान और गणित के शिक्षकों से खाली नहीं रहेगा। समायोजन का अंतिम निर्णय समिति ही करेगी। इसके एक सदस्य डायट प्राचार्य और एक सदस्य खंड शिक्षा अधिकारी होंगे।
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