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रेलवे के जनाहार में खाना होगा महंगा
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:54 AM IST
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गोरखपुर।
रेलवे के जनाहार का खाना अब महंगा हो जाएगा। वेज थाली 100 और नान वेज थाली 125 रुपये में मिलेगी। जनाहार की कमान निजी हाथों में होगी और मॉनीटरिंग का अधिकार रेलवे अफसरों के पास होगा। लखनऊ और गोरखपुर स्टेशन के जनाहार में सेल किचन के साथ बेस किचन बनेगा। भविष्य में ट्रेनों के पेंट्रीकार में इस किचन से खाने और नाश्ते की सप्लाई होगी।
वर्तमान में जनाहार में यात्रियों को 30 रुपये में वेज थाली और 45 रुपये में नान वेज की थाली मिलती है। हालांकि दो सालों से डोसा, इडली-सांभर बंद है। इस दौरान कई स्टाफ भी रिटायर हो चुके हैं। इसके चलते भोजन और नाश्ते की क्वालिटी भी खराब हो गई है। अब आमदनी घटने लगी और लागत निकल पाना मुश्किल हो गया है। इसके चलते रेल प्रशासन ने इसे चलाने का जिम्मा आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन) को सौंप दिया है। आईआरसीटीसी अब निजी फर्म को ठेका देने जा रही है।
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मेन्यू में आइटम बढ़ेंगे
खानपान के मेन्यू में आइटम बढ़ेंगे। भोजन, नाश्ता, चाय के अलावा बर्गर, डोसा, इडली-सांभर भी यात्रियों को मिलने लगेगा। यही नहीं पैकिंग का भी इंतजाम होगा।
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शंकर कुट्टी का डोसा था फेमस
जनाहार में साउथ इंडियन डिश बनाने वाले रसोइया शंकर कुट्टी का डोसा बहुत लोकप्रिय था। शंकर की तैनाती भी साउथ इंडियन डिश बनाने के लिए की गई थी। शंकर के रिटायर होने के बाद उनके शागिर्द पारस ने दस्तरखान की कमान संभाली है। जनाहार में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि जायका बेहतर होने के साथ कीमत भी वाजिब थी। मसाला डोसा 28 रुपये और इडली 25 रुपये में मिलती थी। लिहाजा डिमांड भी खूब रहती थी। लेकिन शंकर के रिटायर होने पर डिश मेन्यू से गायब हो गई।
रेलवे के जनाहार का खाना अब महंगा हो जाएगा। वेज थाली 100 और नान वेज थाली 125 रुपये में मिलेगी। जनाहार की कमान निजी हाथों में होगी और मॉनीटरिंग का अधिकार रेलवे अफसरों के पास होगा। लखनऊ और गोरखपुर स्टेशन के जनाहार में सेल किचन के साथ बेस किचन बनेगा। भविष्य में ट्रेनों के पेंट्रीकार में इस किचन से खाने और नाश्ते की सप्लाई होगी।
वर्तमान में जनाहार में यात्रियों को 30 रुपये में वेज थाली और 45 रुपये में नान वेज की थाली मिलती है। हालांकि दो सालों से डोसा, इडली-सांभर बंद है। इस दौरान कई स्टाफ भी रिटायर हो चुके हैं। इसके चलते भोजन और नाश्ते की क्वालिटी भी खराब हो गई है। अब आमदनी घटने लगी और लागत निकल पाना मुश्किल हो गया है। इसके चलते रेल प्रशासन ने इसे चलाने का जिम्मा आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन) को सौंप दिया है। आईआरसीटीसी अब निजी फर्म को ठेका देने जा रही है।
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मेन्यू में आइटम बढ़ेंगे
खानपान के मेन्यू में आइटम बढ़ेंगे। भोजन, नाश्ता, चाय के अलावा बर्गर, डोसा, इडली-सांभर भी यात्रियों को मिलने लगेगा। यही नहीं पैकिंग का भी इंतजाम होगा।
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शंकर कुट्टी का डोसा था फेमस
जनाहार में साउथ इंडियन डिश बनाने वाले रसोइया शंकर कुट्टी का डोसा बहुत लोकप्रिय था। शंकर की तैनाती भी साउथ इंडियन डिश बनाने के लिए की गई थी। शंकर के रिटायर होने के बाद उनके शागिर्द पारस ने दस्तरखान की कमान संभाली है। जनाहार में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि जायका बेहतर होने के साथ कीमत भी वाजिब थी। मसाला डोसा 28 रुपये और इडली 25 रुपये में मिलती थी। लिहाजा डिमांड भी खूब रहती थी। लेकिन शंकर के रिटायर होने पर डिश मेन्यू से गायब हो गई।