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फाइलों में कैद हुई गोरखपुर पड़रौना नई रेल लाइन
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:09 AM IST
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फाइलों में कैद हुई गोरखपुर-पड़रौना रेल लाइन
रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है डीपीआर, मंजूरी नहीं
64 किमी लंबी लाइन पर बनाए जाने हैं सात रेलवे स्टेशन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखपुर से पड़रौना तक वाया कुशीनगर रेल सेवा शुरू करने की योजना फाइलों में ही कैद होकर रह गई है। पांच महीने पहले ही रेल प्रशासन डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज चुका है पर अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। सूत्रों की माने तो रेल मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट को अभी ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
नई रेल लाइन बिछाने की योजना कुशीनगर में गौतम बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थली तक ट्रेन की सुविधा शुरू करने के लिए बनी थी। पड़रौना से कप्तानगंज के रास्ते थावे तक रेल दोहरीकरण कार्य भी हो चुका है। भविष्य में गोरखपुर से कुशीनगर के रास्ते वाया थावे होकर बिहार की ओर ट्रेन चलाई जा सकती है। पड़रौना तक इसे ले जाने के पीछे मकसद यह भी है कि रेलवे को बिहार की तरफ से गोरखपुर आने के लिए एक नई रेल लाइन का विकल्प भी मिल जाएगा। छपरा-सीवान और नरकटियागंज रूट पर रेल ट्रैक बाधित होने की दशा में इस लाइन से ट्रेनें गुजारी जा सकेंगी। योजना के मुताबिक 64 किलोमीटर लंबी लाइन में सात रेलवे स्टेशन बनाए जाना प्रस्तावित है।
दो जंक्शन स्टेशन बनेंगे
डीपीआर के मुताबिक सरदारनगर और पड़रौना स्टेशन को जंक्शन के रूप में तब्दील किया जाएगा। ताकि लोकल ट्रेनों का संचालन यहां से हो सके।
कोट
सर्वे कराकर डीपीआर रेलवे बोर्ड को फरवरी में भेजा जा चुका है। नई रेल लाइन में सात स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलते ही जमीन के अधिग्रहण और लाइन बिछाने का कार्य शुरू कराया जाएगा।
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संजय यादव, सीपीआरओ एनईआर
प्रस्तावित स्टेशन
सेमरहिया, बनछरा, हाटा, हेतिमपुर, कुशीनगर, अहिरौली, परसौनी
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रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है डीपीआर, मंजूरी नहीं
64 किमी लंबी लाइन पर बनाए जाने हैं सात रेलवे स्टेशन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखपुर से पड़रौना तक वाया कुशीनगर रेल सेवा शुरू करने की योजना फाइलों में ही कैद होकर रह गई है। पांच महीने पहले ही रेल प्रशासन डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज चुका है पर अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। सूत्रों की माने तो रेल मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट को अभी ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
नई रेल लाइन बिछाने की योजना कुशीनगर में गौतम बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थली तक ट्रेन की सुविधा शुरू करने के लिए बनी थी। पड़रौना से कप्तानगंज के रास्ते थावे तक रेल दोहरीकरण कार्य भी हो चुका है। भविष्य में गोरखपुर से कुशीनगर के रास्ते वाया थावे होकर बिहार की ओर ट्रेन चलाई जा सकती है। पड़रौना तक इसे ले जाने के पीछे मकसद यह भी है कि रेलवे को बिहार की तरफ से गोरखपुर आने के लिए एक नई रेल लाइन का विकल्प भी मिल जाएगा। छपरा-सीवान और नरकटियागंज रूट पर रेल ट्रैक बाधित होने की दशा में इस लाइन से ट्रेनें गुजारी जा सकेंगी। योजना के मुताबिक 64 किलोमीटर लंबी लाइन में सात रेलवे स्टेशन बनाए जाना प्रस्तावित है।
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दो जंक्शन स्टेशन बनेंगे
डीपीआर के मुताबिक सरदारनगर और पड़रौना स्टेशन को जंक्शन के रूप में तब्दील किया जाएगा। ताकि लोकल ट्रेनों का संचालन यहां से हो सके।
कोट
सर्वे कराकर डीपीआर रेलवे बोर्ड को फरवरी में भेजा जा चुका है। नई रेल लाइन में सात स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलते ही जमीन के अधिग्रहण और लाइन बिछाने का कार्य शुरू कराया जाएगा।
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संजय यादव, सीपीआरओ एनईआर
प्रस्तावित स्टेशन
सेमरहिया, बनछरा, हाटा, हेतिमपुर, कुशीनगर, अहिरौली, परसौनी