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मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों को तीन महीने से नहीं मिला खाना
Thu, 31 Jan 2019 12:52 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Thu, 31 Jan 2019 12:52 AM IST
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नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने मॉडल उच्च प्राथमिक विद्यालय निरीक्षण किया।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। कांशीराम आवास योजना स्थित मॉडल उच्च प्राथमिक विद्यालय में पिछले तीन महीने से मिड-डे मील का भोजन नहीं बन रहा है। किचन पर ताला लटका है। इससे नाराज जिला बेसिक शिक्षाधिकारी बीएन सिंह ने नगर शिक्षाधिकारी ब्रह्मचारी शर्मा, कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका एकता अग्रवाल और कंप्यूटर ऑपरेटर को नोटिस दिया है। जवाब मिलने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई भी होगी।
नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने बुधवार को पार्षद रामलवट निषाद और पूर्व पार्षद लालजी निषाद के साथ मॉडल उच्च प्राथमिक विद्यालय गए। वहां 148 विद्यार्थियों का पंजीकरण मिला। 114 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए लेकिन शिक्षिका की तैनाती एक मिली। इसपर नगर विधायक ने शिक्षिका एकता अग्रवाल से जानकारी ली। इसके बाद विधायक ने मिड-डे मील का किचन देखा तो ताला बंद मिला। पता चला कि पिछले तीन महीने से विद्यार्थियों को दोपहर का खाना नहीं मिला है। इससे नाराज विधायक ने मोबाइल फोन पर अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार, निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह और बीएसए बीएन सिंह ने बात की। विधायक ने कहा कि शहरी क्षेत्र में एक शिक्षिका के भरोसे 148 विद्यार्थियों की पढ़ाई कराई जा रही है। यह शिक्षा की गुणवत्ता से खिलवाड़ है। इस मामले की जांच कराके संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने बुधवार को पार्षद रामलवट निषाद और पूर्व पार्षद लालजी निषाद के साथ मॉडल उच्च प्राथमिक विद्यालय गए। वहां 148 विद्यार्थियों का पंजीकरण मिला। 114 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए लेकिन शिक्षिका की तैनाती एक मिली। इसपर नगर विधायक ने शिक्षिका एकता अग्रवाल से जानकारी ली। इसके बाद विधायक ने मिड-डे मील का किचन देखा तो ताला बंद मिला। पता चला कि पिछले तीन महीने से विद्यार्थियों को दोपहर का खाना नहीं मिला है। इससे नाराज विधायक ने मोबाइल फोन पर अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार, निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह और बीएसए बीएन सिंह ने बात की। विधायक ने कहा कि शहरी क्षेत्र में एक शिक्षिका के भरोसे 148 विद्यार्थियों की पढ़ाई कराई जा रही है। यह शिक्षा की गुणवत्ता से खिलवाड़ है। इस मामले की जांच कराके संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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