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पूर्व माध्यमिक स्कूल पर कब्जा
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:59 PM IST
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रोसया(संतकबीरनगर)।पौली क्षेत्र के पडरिया गांव में बने पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर गांव के एक व्यक्ति ने दस सालों से कब्जा कर रखा है। इस कारण यहां नामांकित 23 छात्र बगल के प्राथमिक विद्यालय पर पढ़ने को मजबूर हैं। सब कुछ जानने के बाद भी प्रशासन कब्जा नहीं हटवा पा रहा है। गांव वालों ने प्रशासन से विद्यालय से कब्जा हटवाने की मांग की है।
पडरिया गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निर्माण वर्ष 2007 में हुआ। विद्यालय भवन जब बन कर तैयार हो गया तो शिक्षा विभाग विद्यालय भवन में पठन पाठन कराने के लिए शिक्षक की नियुक्ति कर दी। शिक्षक के प्रयास गांव व अगल बगल गांव के बच्चें स्कूल आने लगे। गांव के लोगों का कहना है कि भवन में कुछ ही दिन पढ़ाई हुई इसके बाद बाद एक शख्स ने ताला जड़ दिया। ताला लगाने का कारण पूछे जाने पर गांव वालों ने बताया कि जिस जमीन पर विद्यालय भवन का निर्माण हुआ है वह जमीन गांव के एक शख्स के नाम है और विद्यालय निर्माण के पहले वह व्यक्ति भवन बनवाने पर सहमत था। जब विद्यालय भवन बन गया तो उसने कब्जा जमा लिया। हालात यह है कि विद्यालय के अंदर उपला, भूसा, लकड़ी और बाइक रखी जाती है। जूनियर हाई स्कूल पर कार्यरत शिक्षक देव प्रकाश गुप्ता का कहना है कि विद्यालय में 23 बच्चे नामांकित है। जिनको प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाया जा रहा है। बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय के भवन पर किए कब्जे को हटवाने के लिए दो बार बीईओ को प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई कदम नही उठाया जा रहा है। दूसरी तरफ बीईओ अशोक कुमार राय ने बताया कि जिस स्थान पर विद्यालय भवन बना है वह काश्तकारी नंबर है। इसके बावजूद विभाग के उच्चाधिकारियों को विद्यालय भवन खाली कराने के लिए पत्र लिखा गया है। वहीं प्रधान राबिया खातून ने बताया कि कब्जेदार को स्कूल से कब्जा हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन वह नहीं माना। डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि मामले की जानकारी कराकर एसडीएम को कब्जा हटवाने का निर्देश दिया जाएगा।
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पडरिया गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निर्माण वर्ष 2007 में हुआ। विद्यालय भवन जब बन कर तैयार हो गया तो शिक्षा विभाग विद्यालय भवन में पठन पाठन कराने के लिए शिक्षक की नियुक्ति कर दी। शिक्षक के प्रयास गांव व अगल बगल गांव के बच्चें स्कूल आने लगे। गांव के लोगों का कहना है कि भवन में कुछ ही दिन पढ़ाई हुई इसके बाद बाद एक शख्स ने ताला जड़ दिया। ताला लगाने का कारण पूछे जाने पर गांव वालों ने बताया कि जिस जमीन पर विद्यालय भवन का निर्माण हुआ है वह जमीन गांव के एक शख्स के नाम है और विद्यालय निर्माण के पहले वह व्यक्ति भवन बनवाने पर सहमत था। जब विद्यालय भवन बन गया तो उसने कब्जा जमा लिया। हालात यह है कि विद्यालय के अंदर उपला, भूसा, लकड़ी और बाइक रखी जाती है। जूनियर हाई स्कूल पर कार्यरत शिक्षक देव प्रकाश गुप्ता का कहना है कि विद्यालय में 23 बच्चे नामांकित है। जिनको प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाया जा रहा है। बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय के भवन पर किए कब्जे को हटवाने के लिए दो बार बीईओ को प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई कदम नही उठाया जा रहा है। दूसरी तरफ बीईओ अशोक कुमार राय ने बताया कि जिस स्थान पर विद्यालय भवन बना है वह काश्तकारी नंबर है। इसके बावजूद विभाग के उच्चाधिकारियों को विद्यालय भवन खाली कराने के लिए पत्र लिखा गया है। वहीं प्रधान राबिया खातून ने बताया कि कब्जेदार को स्कूल से कब्जा हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन वह नहीं माना। डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि मामले की जानकारी कराकर एसडीएम को कब्जा हटवाने का निर्देश दिया जाएगा।
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