फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   रोहित के समर्थन में कॉलोनी वाले निकले

रोहित के समर्थन में कॉलोनी वाले निकले

Tue, 20 Jun 2017 07:19 PM IST
Updated Tue, 20 Jun 2017 07:19 PM IST
विज्ञापन
रोहित के समर्थन में कॉलोनी वाले निकले

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
बेतियाहाता के दवा व्यापारी नीरज रामरायका हत्याकांड के पर्दाफाश के खिलाफ रोहित के कॉलोनी वाले मुखर हो गए हैं। पुलिस के पर्दाफाश पर सवाल खड़ा करते हुए कॉलोनी के लोगों ने मंगलवार को चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है। मीडिया के सामने आए लोगों का कहना था कि पुलिस ने जल्दबाजी में एक निर्दोष को मुल्जिम बना दिया। रोहित का इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जिस वक्त पुलिस घर से उसे पकड़कर ले गई, हम लोग चश्मदीद हैं।
रोहित को बेगुनाह बताते हुए राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि पुलिस ने सबसे पहले मेरे घर आकर गंगा सिंह के मकान का पता पूछा था। गंगा के मकान में ही रोहित माता-पिता के साथ किराए के मकान में रहता है। पुलिस उसे जबरन उठाकर ले गई और फिर फंसा दिया। अखिलेश गुप्ता, अरुण कुमार, मोहम्मद खालिद, विजय यादव, फिरोज आलम, राकेश वर्मा आदि ने कहा कि रोहित के परिवार को हम लोग लंबे समय से जानते हैं। वो ऐसा कर ही नहीं सकते। सीसीटीवी कैमरे में भी साफ दिख रहा है कि रोहित दस बजे के करीब घर जा रहा है। पुलिस जब उसे पकड़कर ले गई उस समय वह छत पर सोया था। पुलिस उसे ले जाने लगी तो हम लोग भी घर से बाहर आ गए थे। कॉलोनी वालों ने साफ कहा कि वे रोहित को बेगुनाह साबित करने के लिए लड़ाई लड़ेंगे। पैदल मार्च निकालेंगे, कैंडल जलाकर सीएम से न्याय की गुहार लगाएंगे।
विज्ञापन

इनसेट
बेटे को न्याय नहीं मिला तो जान दे दूंगी : गीता
दवा व्यापारी नीरज हत्याकांड में आरोपी बनाए गए रोहित की मां गीता वर्मा ने फिर दोहराया कि बेटा निर्दोष है। पुलिस पर फंसाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बेटे को न्याय नहीं मिला तो जान दे दूंगी। जहां भी जाना पड़ा, जाऊंगी लेकिन बेटे को निर्दोष साबित करके रहूंगी। मेरा बेटा गलत होता तो मैं चुप हो जाती लेकिन मैं सब कुछ जानती हूं। जिस रात घटना हुई, उस रात मेरा बेटा घर पर था। नीरज ने रुपये हड़प लिए। वह कानूनी लड़ाई लड़ रहा था, ऐसे में सिर्फ इसे आधार बनाकर पुलिस ने जल्दबाजी में बेटे को फंसा दिया। पुलिस वालों ने मुझसे खुद कहा था कि रोहित निर्दोष है लेकिन दबाव है, इस वजह से उसे जेल भेज रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
पुलिस के खुलासे पर लोगों ने उठाए सवाल
- डीएम से मिलने रोहित कभी नहीं गया। यदि गया और धमकी दी तो उसपर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- सीसीटीवी फुटेज में 9:58 बजे रात रोहित बाइक से घर जाते दिखाई दे रहा है न कि घटनास्थल पर
- मकान मालिक, पड़ोसी भी दे रहे घर से रोहित की गिरफ्तारी की गवाही, क्यों नहीं माना जा रहा?
- रकम हड़पने वाले की जान लेकर फंसी रकम वह और क्यों फंसाता?
- 15 जून की रात दो बजे पुलिस उसे घर से ले गई। इसकी फुटेज भी है, क्यों नहीं इसे देखा जाता?
- नीरज ने कई लोगों से रुपये लिए थे, धमकी देने का केस भी एक व्यापारी पर कराया था, नीरज ही आरोपी क्यों?
- यदि नीरज को मारने की धमकी रोहित ने दी थी तो भाई ने अज्ञात पर हत्या का केस क्यों दर्ज कराया?
इनसेट
मुख्यमंत्री से मिलकर करेंगे निष्पक्ष जांच की मांग
रोहित के भाई धीरज भूषण ने कहा कि मेरे भाई को फंसाया गया है। मैं मुख्यमंत्री से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करूंगा। सीबीआई जांच हो तो सच्चाई सामने आ जाएगी। कोर्ट से भाई को न्याय मिल जाएगा, लेकिन उसके सिर लगे कलंक को मिटाने के लिए लड़ाई लड़ूंगा। 21 को योग दिवस होने की वजह से मुख्यमंत्री का समय नहीं मिल पा रहा है। इसके बाद जाऊंगा। फैक्स के जरिए मैंने सीएम से शिकायत कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed