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किसानों का एक गुट माना, दूसरे का सत्याग्रह जारी
Updated Wed, 13 Sep 2017 10:23 PM IST
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गोरखपुर।
ब्याज कटौती न करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद मानबेला के किसानों का एक गुट तो शांत हो गया है मगर कांग्रेस नेता राणा राहुल सिंह के नेतृत्व में दूसरे गुट का विरोध जारी है। बुधवार को आठवें दिन भी इन किसानों का सत्याग्रह जारी रहा। मांगें न माने जाने पर किसानों ने भैंस के सामने बीन बजाकर शासन की अनदेखी पर सांकेतिक विरोध जताया।
किसानों का कहना है कि जब तक जीडीए उनकी तीनों मांगों को नहीं मान लेता, उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। कहा कि जल्द ही अगर इस मामले में प्राधिकरण ने उनकी मांगे नहीं मानी तो वे बेमियादी अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन कुछ किसानों को बरगला रहा है मगर वे अपने हक को लेकर सतर्क हैं। किसान सर्किल रेट के मुताबिक अधिग्रहित जमीन का मुआवजा देने, नए सिरे से सर्वे कर स्कूल, मस्जिद और मौके पर बन चुके मकानाें को अधिग्रहण से बाहर रखने तथा अधिग्रहित जमीन का 10 फीसदी जमीन विकसित कर उसे किसानों के लिए सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं। सत्याग्रह के दौरान रामनाथ निषाद, परमात्मा कुमार, राजेश मौर्या, अजय यादव, रूदल निषाद, इमरान, बृजेश मौर्य, इरफान मलिक, वकार, लाल बिहारी निषाद, राकेश यादव, राजकिशोर यादव, कौशल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
ब्याज कटौती न करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद मानबेला के किसानों का एक गुट तो शांत हो गया है मगर कांग्रेस नेता राणा राहुल सिंह के नेतृत्व में दूसरे गुट का विरोध जारी है। बुधवार को आठवें दिन भी इन किसानों का सत्याग्रह जारी रहा। मांगें न माने जाने पर किसानों ने भैंस के सामने बीन बजाकर शासन की अनदेखी पर सांकेतिक विरोध जताया।
किसानों का कहना है कि जब तक जीडीए उनकी तीनों मांगों को नहीं मान लेता, उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। कहा कि जल्द ही अगर इस मामले में प्राधिकरण ने उनकी मांगे नहीं मानी तो वे बेमियादी अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन कुछ किसानों को बरगला रहा है मगर वे अपने हक को लेकर सतर्क हैं। किसान सर्किल रेट के मुताबिक अधिग्रहित जमीन का मुआवजा देने, नए सिरे से सर्वे कर स्कूल, मस्जिद और मौके पर बन चुके मकानाें को अधिग्रहण से बाहर रखने तथा अधिग्रहित जमीन का 10 फीसदी जमीन विकसित कर उसे किसानों के लिए सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं। सत्याग्रह के दौरान रामनाथ निषाद, परमात्मा कुमार, राजेश मौर्या, अजय यादव, रूदल निषाद, इमरान, बृजेश मौर्य, इरफान मलिक, वकार, लाल बिहारी निषाद, राकेश यादव, राजकिशोर यादव, कौशल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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