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रावत पाठशाला की छत गिरी, नगर निगम के जेई घायल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:19 AM IST
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रावत पाठशाला की गिरी छत
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। जीर्णोद्धार के लिए रावत पाठशाला का निरीक्षण करने पहुंचे नगर निगम के अवर अभियंता और ठेकेदार छत गिरने से घायल हो गए। जेई को पैर और सिर में काफी चोटें लगी हैं। घटना के पास आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। उनका कुशलक्षेम पूछने के लिए मेयर, चीफ इंजीनियर समेत विभिन्न पार्षद अस्पताल पहुंचे।
नगर निगम 8.62 लाख से तुर्कमानपुर स्थित रावत पाठशाला का जीर्णोद्धार करा रहा है। मंगलवार को निर्माण कार्य का निरीक्षण करने अवर अभियंता नवीन श्रीवास्तव ठेकेदार हीरालाल साहनी के साथ पहुंचे थे। दोनों छत पर चढ़कर काम देख रहे थे इसी दौरान जर्जर छत का हिस्सा गिर गया। हीरालाल साहनी को तो हल्की चोट लगी लेकिन अवर अभियंता को काफी खरोंचें आईं हैं। चिकित्सकों ने बताया कि अवर अभियंता को बुधवार तक डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
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नगर निगम 8.62 लाख से तुर्कमानपुर स्थित रावत पाठशाला का जीर्णोद्धार करा रहा है। मंगलवार को निर्माण कार्य का निरीक्षण करने अवर अभियंता नवीन श्रीवास्तव ठेकेदार हीरालाल साहनी के साथ पहुंचे थे। दोनों छत पर चढ़कर काम देख रहे थे इसी दौरान जर्जर छत का हिस्सा गिर गया। हीरालाल साहनी को तो हल्की चोट लगी लेकिन अवर अभियंता को काफी खरोंचें आईं हैं। चिकित्सकों ने बताया कि अवर अभियंता को बुधवार तक डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
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मलबे में दबी मिलीं करीब एक हजार किताबें
गोरखपुर। पिछले वर्ष जहां कई स्कूलों के बच्चों को किताबें नहीं मिल पाईं, वहीं रावत पाठशाला के बेकार पड़े कमरे में एक हजार से ज्यादा किताबें रखी रह गईं। अब जब वहां काम शुरू हुआ तो ये बात सामने आयी। न ही इन किताबों का वितरण किया गया और न ही इन्हें वापस किया गया। हालांकि नगर शिक्षा अधिकारी ब्रह्मचारी शर्मा का कहना है कि किताबें 2017-18 की हैं। 2018-19 में पाठ्यक्रम बदलने की वजह से इन किताबों को स्कूलों में नहीं भेजा गया। जल्द ही किताबें स्कूलों की लाइब्रेरी में रखवा दी जाएंगी।
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